Ghaziabad News: गाजियाबाद के मोदीनगर स्थित तहसील सभागार में समाधान दिवस के दौरान एक किसान कुर्ते में आग लगाकर अधिकारियों के सामने पहुंच गया। आग देखकर वहां अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत आग बुझाकर किसान को घेर लिया। गनीमत रही कि किसान को आग से कोई हानि नहीं हुई। बताया जा रहा है कि पुलिस की कार्यशैली से परेशान होकर किसान ने यह तरीका अपनाया था। वहीं, इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें किसान कुर्ते में आग लगाता दिख रहा है।
मुख्यमंत्री के नाम लिखा था सुसाइड नोट
जानकारी के मुताबिक, शनिवार दोपहर करीब 1.45 बजे एडीएम एफ सौरभ भट्ट, उपजिलाधिकारी निखिल चक्रवती, तहसीलदार रजत सिंह समेत अन्य अधिकारी फरियादियों की शिकायतें सुन रहे थे। तभी किसान सत्येंद्र कुमार अपने कुर्ते में आग लगाकर भारत माता की जय बोलते हुए अधिकारियों के सामने आ गया। समाधान दिवस में मौजूद लोगों ने सत्येंद्र कुमार से आग बुझाने को कहा लेकिन किसान ने उनकी बात नहीं मानी। इसके बाद पुलिसकर्मी तेजी से दौड़े और किसी तरह किसान को शांत कराकर कुर्ते की आग बुझाई। सत्येंद्र कुमार ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक सुसाइड नोट भी लिया था। जिसमें उसने पुलिस की कार्यशैली से परेशान होकर आत्मदाह करने की बात लिखी थी।
पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप
सत्येंद्र कुमार द्वारा मुख्यमंत्री को लिखे पत्र के अनुसार गांव कादराबाद में उसकी कृषि भूमि थी। सत्येंद्र कुमार का आरोप है कि भूमाफियाओं ने धोखाधड़ी कर उसकी कृषि भूमि बेच दी। उसने भूमाफियाओं द्वारा धोखाधड़ी व ठगी की धाराओं में मोदीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सत्येंद्र कुमार का आरोप है कि पुलिस ने भूमाफियाओं से मिलीभगत कर मामले में दो बार फाइनल रिपोर्ट लगा दी। सत्येंद्र कुमार का कहना है कि वह निष्पक्ष जांच के लिए उपजिलाधिकारी व मुख्यमंत्री से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
पुलिस अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट
सत्येंद्र के अनुसार वह दो बार मुख्यमंत्री दरबार में भी गुहार लगा चुके हैं, लेकिन इसके बाद भी उसे न्याय नहीं मिला। इस संबंध में उपजिलाधिकारी निखिल चक्रवर्ती का कहना है कि सत्येंद्र का मामला पुलिस से जुड़ा है। पुलिस अधिकारियों से सत्येंद्र के मामले की रिपोर्ट मांगी गई है।