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Video: दिवाली पर इस राज्य में 300 साल बाद भी लगता है ‘गधा मेला’

Diwali Donkey Fair: मुगल बादशाह औरंगजेब के समय से शुरू हुए इस ऐतिहासिक गधा मेले की प्रदेश में एक अलग ही पहचान है।

Diwali Donkey Fair: उत्तर प्रदेश के जनपद चित्रकूट में दीपावली से लगातार तीन दिन तक अनोखे गधा मेले का आयोजन किया जाता है । इस गधा मेला में भारत के कई प्रदेशों से हजारों की संख्या गधों के मालिक अपने गधों को बेचने और बढ़िया नस्ल के गधों को खरीदने आते हैं।

जानकारी के अनुसार मुगल बादशाह औरंगजेब के समय से शुरू हुए इस ऐतिहासिक गधा मेले की प्रदेश में एक अलग ही पहचान है। ऐसे कहा जाता है कि भारत में राजस्थान के बाद यह सबसे बड़ा जानवरों का मेला होता है।

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क्यों शुरू हुआ था ‘गधा मेला’?

इस ऐतिहासिक गधे मेले की शुरुआत की कहानी बहुत ही रोचक है। बताया जाता है कि जब मुगल बादशाह औरंगजेब ने सन 1670 के करीब चित्रकूट पर आक्रमण किया था तब उसके घोड़े बीमार पड़ गए और कई घोडे और खच्चरों ने अपना दम तोड़ दिया था। इसके बाद औरंगजेब ने चित्रकूट में बालाजी मंदिर का निर्माण करवाने के साथ सैंकड़ों बीघे जमीन मंदिर के नाम कर दी और आसपास के क्षेत्र में गधों की खरीद के लिए मुनादी करवाई।

आसपास कई जिलों से आते हैं कारोबारी

इसके बाद दूर दराज से कई लोगों ने आकर दीपावली के समय औरंगजेब की सेना को अपने गधों को बेचा था। इसके बाद से यह परंपरा आज तक चली आ रही है और इस परंपरा को लगभग अब 300 साल से भी ज्यादा समय बीत चुका है। चित्रकूट में अमावस्या के दिन इस मेले की शुरुआत होती है और यह मेला तीन दिनों तक चलता है। इस मेले में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से लेकर प्रयागराज ,हमीरपुर, मऊरानीपुर, झांसी के साथ ही मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ से लगाकर नेपाल तक के जानवर कारोबारी अच्छी नस्ल के गधों और खच्चरों की खरीद-फरोख्त के लिए आते हैं।

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First published on: Nov 02, 2024 04:09 PM

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Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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