यूपी SI भर्ती परीक्षा में 'पंडित' शब्द पर छिड़ा विवाद, भाजपा नेता ने सीएम योगी को लिखा पत्र

UP SI Recruitment Exam: परीक्षा के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों ने हंगामा मचा दिया. उनका कहना था कि ‘पंडित’ शब्द हिंदू परंपरा में विद्वान और गुरु का सम्मानजनक प्रतीक है, इसे अवसरवादिता से जोड़ना भाषाई शुद्धता व सांस्कृतिक संवेदनशीलता का उल्लंघन है.

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उत्तर प्रदेश पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा के पहले दिन सामान्य हिंदी खंड का एक सवाल राजनीतिक और सामाजिक विवाद का केंद्र बन गया. उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) द्वारा 14 मार्च को आयोजित परीक्षा में सवाल पूछा गया था, ‘अवसर के अनुसार बदल जाने वाले के लिए एक शब्द में उत्तर दें.’ विकल्प- (1) पंडित, (2) अवसरवादी, (3) निष्कपट, (4) सदाचारी. सही उत्तर ‘अवसरवादी’ होने पर भी ‘पंडित’ को नकारात्मक विकल्प में रखे जाने पर ब्राह्मण समाज और अभ्यर्थी नाराज हो गए.

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​सोशल मीडिया पर मचा हंगामा


परीक्षा के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर अभ्यर्थियों ने हंगामा मचा दिया. उनका कहना था कि ‘पंडित’ शब्द हिंदू परंपरा में विद्वान और गुरु का सम्मानजनक प्रतीक है, इसे अवसरवादिता से जोड़ना भाषाई शुद्धता व सांस्कृतिक संवेदनशीलता का उल्लंघन है. प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने इसे ब्राह्मणों के प्रति विद्वेष फैलाने वाला बताया. लाखों युवाओं वाली इस परीक्षा ने अब जातिगत भावनाओं को भड़काने का आरोप झेला.

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भाजपा नेता ने सीएम योगी को लिखा पत्र


भाजपा प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने विवाद को तूल देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा. पत्र में उन्होंने कहा, ‘यह प्रश्न गलत ढंग से तैयार किया गया है. ‘पंडित’ को अवसरवाद से जोड़ना एक समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुंचाता है.’ अभिजात मिश्रा ने प्रश्न समिति की जांच, सवाल रद्द करने और भविष्य में सतर्कता की मांग की. उन्होंने कहा, ‘ऐसी भूलें सरकार की छवि खराब करती हैं.’ अभिजात मिश्रा से बातचीत में उन्होंने पुष्टि की कि मामला सीएमओ तक पहुंच चुका है.
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सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता पीयूष मिश्रा ने भी सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने लिखा, ”पंडित’ विद्वता का प्रतीक है, न कि अवसरवाद का. यह भारतीय विद्वत् परंपरा का अपमान है.’ एसबीएसपी ने यूपीपीआरपीबी से माफी व सुधार की मांग की. विशेषज्ञों का कहना है कि परीक्षा सामग्री में सांस्कृतिक सतर्कता जरूरी है. यूपीपीआरपीबी ने अब तक चुप्पी साध रखी है, लेकिन सूत्र बताते हैं कि समीक्षा चल रही. अगर समय रहते कार्रवाई न हुई, तो भर्ती प्रक्रिया प्रभावित हो सकती.

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लेखक के बारे में

Akarsh Shukla

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला न्यूज 24 के साथ बतौर चीफ सब एडिटर जुड़े हुए हैं. मूल रूप से नोएडा, उत्तर प्रदेश के रहने वाले आकर्ष ने पत्रकारिता का सफर 2016 में प्रिंट मीडिया से शुरू हुआ, बाद में उन्होंने डिजिटल मीडिया का रुख किया. आकर्ष शुक्ला ने गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) की डिग्री हासिल की. आकर्ष ने दिल्ली के अखबार वूमेन एक्सप्रेस में काम किया. इसके बाद नवोदय टाइम्स, ओपेरा न्यूज, वनइंडिया, इंडिया डॉट कॉम (जी मीडिया ग्रुप) में विभिन्न पदों पर कार्य किया. आकर्ष शुक्ला अक्टूबर, 2025 से न्यूज24 से जुड़े हुए हैं, जहां वो मुख्य रूप से राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय और राजनीति से जुड़ी खबरों को कवर करते हैं. इसके साथ ही आकर्ष शिफ्ट हेड के तौर पर टीम का नेतृत्व भी करते हैं. आकर्ष ने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के अलावा संसद से जुड़ी खबरों को कवर किया है. उनकी राजनीति में गहरी रुचि है, इस कारण वह राजनीति से जुड़ी खबरों को आसान शब्दों में लिखने में माहिर हैं. डिग्री और डिप्लोमा: आकर्ष शुक्ला ने दिल्ली विश्वविद्यालय से स्नातक (BA) की डिग्री के बाद गुरु जंभेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJUS&T) हिसार, हरियाणा से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन (MJMC) पोस्ट ग्रेजुएशन किया है. आकर्ष शुक्ला ने DICS इंस्टीट्यूट से कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर में 2 साल का डिप्लोमा भी किया है. पत्रकारिता में अनुभव: 10 वर्ष से अधिक
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