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body remained freezer in GIMS: उत्तर प्रदेश में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लापरवाही से जुड़े मामले लगातार सामने आते हैं, इन मामलों को लेकर प्रदेश सरकार को कई बार शर्मिंदगी का सामना करना पड़ता है। ऐसे ही सामने आए एक मामले ने प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को एक बार फिर कटघरे में खड़ा कर दिया। मिली जानकारी के अनुसार, यूपी के ग्रेटर नोएडा स्थित गवर्नमेंट इन्स्टीटयूट ऑफ मेडिकल साइंसेस यानी कि जिम्स में 17 दिन तक एक वृद्ध का शव फीजर में रखकर भूलने का मामला सामने आया। हालाकि, इस मामले को उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने गंभीरता से लेकर जांच के निर्देश दिए हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, ग्रेटर नोएडा के सेक्टर ईटा 1 में रहने वाले 70 वर्षीय सोहन पाल की ब्रेन हैमरेज से मौत के बाद 17 दिन तक शव अस्पताल के शव गृह में फ्रीजर में रखा रहा। मृतक के परिवार के लोगों को वृद्ध की मौत की सूचना न होने की वजह से शव नोएडा पीएम हाउस में नहीं ले जाया गया।
एटा जिले के रहने वाले तमन ने बताया कि वह 13 वर्षों से सोहनपाल के साथ रह रहे थे। बीते 22 अगस्त को उनकी अचानक तबीयत खराब होने पर उन्हें GIMS अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया था, जहां डॉक्टरों ने बताया कि उन्हें ब्रेन हैमरेज हुआ था। लिहाजा, डॉक्टरों की निगरानी में दो महीने चले उपचार के दौरान 23 सितंबर 2023 को वृद्ध की मौत हो गई थी। तमन ने आरोप लगाते हुए कहा कि सोहन के मरने के बाद उनकी डेड बॉडी को फ्रीजर में रख दिया गया और कर्मचारी भूल गए, जिसके चलते सोहन की बॉडी 17 दिन तक फ्रिजर में रखी रही।
मामले का खुलासा होते ही इस अस्पताल के कर्मचारियों की ओर से की गई लापरवाही की जानकारी डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक को दी गई। जिसपर यूपी के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने घटना को गंभीरता से लेते हुए मामले में जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने अस्पताल के निदेशक से स्पष्टीकारण तलब करने के लिए चिकित्सा शिक्षा विभाग के प्रमुख सचिव को निर्देश जारी किया है।
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