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उत्तर प्रदेश / उत्तराखंड

UP में बेबस दिखे BJP विधायक? अपनी ही सरकार की पुलिस से परेशान MLA को देना पड़ा धरना

यूपी के सीतापुर में बीजेपी विधायक ज्ञान तिवारी पुलिस की कार्यशैली से नाराज होकर थाने में ही धरने पर बैठ गए. उन्होंने पुलिसकर्मियों पर जनता की सुनवाई न करने और अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाए हैं.

Author Written By: Raja Alam Updated: Feb 16, 2026 15:00

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में सियासी हलचल उस समय तेज हो गई जब बीजेपी विधायक ज्ञान तिवारी अपनी ही सरकार की पुलिस के खिलाफ धरने पर बैठ गए. विधायक समर्थकों के साथ रामपुर मथुरा थाने पहुंचे और जमीन पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. उनका आरोप है कि प्रभारी निरीक्षक संजय पांडे, दीवान और एक सिपाही का व्यवहार जनता के प्रति बेहद खराब है जिससे लोगों में डर और असंतोष का माहौल है. विधायक ने साफ कर दिया कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं होती उनका विरोध जारी रहेगा. इस दौरान थाने पर समर्थकों की भारी भीड़ जमा हो गई और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई.

प्रशासनिक महकमे में मच गया हड़कंप

विधायक के धरने की खबर मिलते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और सीओ वेद प्रकाश तुरंत मौके पर पहुंचे. उन्होंने विधायक को समझाने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया लेकिन ज्ञान तिवारी अपनी मांगों पर अड़े रहे. विधायक का कहना था कि पुलिस एक गंभीर शिकायत को नजरअंदाज कर रही है और पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिल रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पुलिस इसी तरह जनता की सुनवाई बंद कर देगी तो जनप्रतिनिधि को मजबूरन सड़क पर उतरना ही पड़ेगा. विधायक ने यह भी कहा कि अगर स्थानीय स्तर पर कार्रवाई नहीं हुई तो वे इस मुद्दे को मुख्यमंत्री और उच्च स्तर तक उठाएंगे.

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प्रशासनिक व्यवस्था पर उठते सवाल

काफी देर तक चली खींचतान और उच्च अधिकारियों के साथ करीब एक घंटे की वार्ता के बाद विधायक ने धरना समाप्त किया. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ समयबद्ध कार्रवाई के आश्वासन पर लिया गया फैसला है और अगर देरी हुई तो वे दोबारा आंदोलन करेंगे. दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत ही काम किया जाता है और किसी भी शिकायत को नजरअंदाज नहीं किया गया है. राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सत्ता पक्ष के विधायक का थाने में धरना देना प्रशासनिक तालमेल पर गंभीर सवाल खड़े करता है. यह पहली बार नहीं है जब बीजेपी के किसी नेता ने पुलिसिया कार्यशैली पर इस तरह नाराजगी जाहिर की है.

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First published on: Feb 16, 2026 03:00 PM

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