Rajasthan Jaipur Family Court Verdict: 10 दिन में तलाक हो गया। पति-पत्नी अलग हो गए। 14 साल की शादी महज 10 दिन में खत्म हो गई और अब 8 साल की बेटी मां-बाप के प्यार को तरसेगी, लेकिन केस में चौंकाने वाली बात यह है कि शख्स को पत्नी और बेटी को 3 करोड़ रुपये का मुआवजा देना पड़ेगा। 10 दिन के अंदर एक बसा बसाया घर उजड़ गया।
यह फैसला राजस्थान के जयपुर जिले की फैमिली कोर्ट ने सुनाया। तलाक लेने वाला शख्स बेंगलुरु का रहने वाला है और जिससे तलाक लिया है, वह जयपुर की रहने वाली है। दोनों ने सहमति से जज अजय सिंह की कोर्ट में तलाक की अर्जी दी और हिंदू विवाह अधिनियम के तहत सुनवाई करते हुए दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने उनका तलाक मंजूर कर लिया।
2 करोड़ पत्नी, एक करोड़ बेटी को देगा
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, 2 अप्रैल 2010 को शादी हुई थी। हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार रस्में निभाई गईं और दान दहेज भी दिया गया था। 14 साल पति-पत्नी साथ रहे, लेकिन 14 साल में रिश्ता फेल हो गया। दोनों हार गए और एक दूसरे को साथ रहने से साफ इनकार कर दिया। आपस में बात करके दोनों ने सहमति ने कोर्ट में तलाक का केस दायर कर दिया।
दोनों ने कोर्ट से तलाक पर पुनर्विचार करने का समय भी नहीं लिया। दोनों के वकील सुनील शर्मा और गौरव सिंघल ने बताया कि शख्स प्राइवेट फर्म में नौकरी करता है। कोर्ट के आदेश पर वह पत्नी और बेटी के खर्चे के लिए 3 करोड़ रुपये देने को तैयार है। 2 करोड़ रुपये पत्नी को देगा। एक करोड़ रुपये बेटी के लिए जमा कराएगा, ताकि वह पढ़ाई पूरी कर सके।
2 साल से अलग रह रहे थे पति-पत्नी
वकील सुनील शर्मा ने बताया कि 30 मई 2022 से पति-पत्नी अलग रह रहे थे। 12 साल से दोनों के बीच अनबन चल रही थी। आए दिन के लड़ाई-झगड़ों से तंग आकर दोनों ने अपने रिश्ते पर विचार किया। दोनों ने फैसला लिया कि वे आगे की जिंदगी साथ नहीं बिता पाएंगे। बच्ची भी दोनों के रिश्ते में संघर्ष कर रही है, इसलिए दोनों ने अलग होने का फैसला ले लिया। पहले दोनों अलग-अलग रहने लगे, फिर भविष्य के बारे में सोचते हुए दोनों ने तलाक का केस कोर्ट में कर दिया। शख्स ने फैसला आने के बाद मौके पर ही मुआवजे की रकम भरने का भी वादा किया।