Rajasthan Exit Poll 2023: राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग खत्म हो चुकी है, लेकिन राज्य में राजनीतिक का तापमान बढ़ते ही जा रहा है। राज्य की दोनों प्रमुख पार्टी लगातार चुनाव में अपनी जीत का दावा कर रही है। एक ओर जहां भाजपा कहना है कि प्रदेश की जनता कांग्रेस और सीएम गहलोत को सत्ता के बाहर करेगी। वहीं, सीएम गहलोत का दावा की राज्य की जनता इस बार भी उन्हें खोल कर प्यार दिया है, जिसके साथ राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की सरकार रिपीट होगी। आईए एक नजर 2018 के विधानसभा चुनाव और उसके नतीजों पर डालते हैं।
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2018 का विधानसभा चुनाव
साल 2018 के विधानसभा चुनाव में सीएम अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने 39.3 वोट शेयर के साथ 199 सीटों में से 99 सीटों पर जीत हासिल की थी। 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने अल्पसंख्यक वर्ग पर ज्यादा दिया था। उनके घोषणा पत्र में अल्पसंख्यक वर्ग के लिए योजना शामिल थी। जैसे- अल्पसंख्यक वर्ग छात्रों को 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक आने 500 रुपये की सहायता राशि और नि:शुल्क शिक्षा देने की घोषणा की थी। साथ ही छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क कोचिंग सुविधा देने की घोषणा। मदरसों को कंप्यूटराइज्ड करने और इंटरनेट से जोड़ने की घोषणा। बेरोजगार शिक्षित युवाओं को कर्ज दिलाने और सिख और जैन तीर्थ स्थलों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसी घोषणाएं शामिल थी।
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भाजपा ने उठाएं ये मुद्दे
इस बार राजस्थान में जहां कांग्रेस के अंदर कलह और एंटी इन्कम्बेंसी जारी है। वहीं, भाजपा राज्य में पीएम मोदी के चेहरे पर वोट पाने की उम्मीद कर रही है। इसके अलावा भाजपा ने राज्य में कानून व्यवस्था, ध्रुवीकरण, भ्रष्टाचार और पेपर लीक को चुनावी बनाया है। वहीं कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में सरकारी कर्मचारियों के लिए वृद्धा पेंशन स्कीम की शुरुआत करने, शहरी रोजगार गारंटी, हेल्थ इंश्योरेंस कवर करने जैसी योजनाओं शामिल किया है।
https://youtu.be/PN-oyOrCz0s
Rajasthan Exit Poll 2023: राजस्थान में विधानसभा चुनाव के लिए वोटिंग खत्म हो चुकी है, लेकिन राज्य में राजनीतिक का तापमान बढ़ते ही जा रहा है। राज्य की दोनों प्रमुख पार्टी लगातार चुनाव में अपनी जीत का दावा कर रही है। एक ओर जहां भाजपा कहना है कि प्रदेश की जनता कांग्रेस और सीएम गहलोत को सत्ता के बाहर करेगी। वहीं, सीएम गहलोत का दावा की राज्य की जनता इस बार भी उन्हें खोल कर प्यार दिया है, जिसके साथ राजस्थान में कांग्रेस पार्टी की सरकार रिपीट होगी। आईए एक नजर 2018 के विधानसभा चुनाव और उसके नतीजों पर डालते हैं।
2018 का विधानसभा चुनाव
साल 2018 के विधानसभा चुनाव में सीएम अशोक गहलोत के नेतृत्व में कांग्रेस पार्टी ने 39.3 वोट शेयर के साथ 199 सीटों में से 99 सीटों पर जीत हासिल की थी। 2018 के चुनाव में कांग्रेस ने अल्पसंख्यक वर्ग पर ज्यादा दिया था। उनके घोषणा पत्र में अल्पसंख्यक वर्ग के लिए योजना शामिल थी। जैसे- अल्पसंख्यक वर्ग छात्रों को 12वीं में 75 प्रतिशत से अधिक अंक आने 500 रुपये की सहायता राशि और नि:शुल्क शिक्षा देने की घोषणा की थी। साथ ही छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क कोचिंग सुविधा देने की घोषणा। मदरसों को कंप्यूटराइज्ड करने और इंटरनेट से जोड़ने की घोषणा। बेरोजगार शिक्षित युवाओं को कर्ज दिलाने और सिख और जैन तीर्थ स्थलों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने जैसी घोषणाएं शामिल थी।
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भाजपा ने उठाएं ये मुद्दे
इस बार राजस्थान में जहां कांग्रेस के अंदर कलह और एंटी इन्कम्बेंसी जारी है। वहीं, भाजपा राज्य में पीएम मोदी के चेहरे पर वोट पाने की उम्मीद कर रही है। इसके अलावा भाजपा ने राज्य में कानून व्यवस्था, ध्रुवीकरण, भ्रष्टाचार और पेपर लीक को चुनावी बनाया है। वहीं कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में सरकारी कर्मचारियों के लिए वृद्धा पेंशन स्कीम की शुरुआत करने, शहरी रोजगार गारंटी, हेल्थ इंश्योरेंस कवर करने जैसी योजनाओं शामिल किया है।