Rajasthan Congress Meeting: मीटिंग में नहीं आए मंत्री-विधायक, डोटासरा बोले- कुछ लोग स्वंय को कांग्रेस से बड़ा समझने लगे हैं

Rajasthan Congress Meeting, Sukhjinder Singh Randhwa

Rajasthan Congress Meeting, Sukhjinder Singh Randhwa

Rajasthan Congress Meeting: राजस्थान में कांग्रेस नेताओं की अनुशासनहीनता चरम पर है। शनिवार को प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय पर हाथ से हाथ जोड़ो अभियान को लेकर बैठक बुलाई गई थी। इस बैठक में जयपुर संभाग के 30 में से 20 विधायक और मंत्री नहीं आए। इस पर कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि कुछ लोग स्वंय को कांग्रेस से बड़ा मानने लगे हैं।

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मांगा जाएगा स्पष्टीकरण

इसे अनुशासनहीनता कहें या लापरवाही या फिर गुटबाजी राजस्थान में कांग्रेस के (Rajasthan Congress Meeting) नेता संगठन की मीटिंग में हिस्सा नहीं लेते। एक तरफ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रोज सत्ता में वापसी का नारा लगा रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर उनकी पार्टी के विधायक और मंत्री पार्टी की बैठकों में हिस्सा ही नहीं लेते।

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प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि गैर हाजिर रहने वालों से नेताओं से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। बता दें कि, पिछले दिनों इस प्रकार की एक और बैठक प्रदेश मुख्यालय पर बुलाई गई थी, उस बैठक में भी पार्टी के कई विधायक और मंत्री नहीं पहुंचे थे। तब प्रदेश प्रभारी (Rajasthan Congress Meeting) सुखजिंदर सिंह रंधावा ने सीएम गहलोत से लगाम खींच कर रखने को कहा था।

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ये मंत्री, विधायक नहीं आए बैठक में

आज की बैठक में जयपुर संभाग के पांच जिलों अलवर, सीकर, झुंझुनूं, दौसा और जयपुर जिले के मंत्रियों, ब्लाक अध्यक्षों और विधायकों काे आना था। लेकिन मंत्री लालचंद कटारिया, महेश जोशी, राजेंद्र यादव, गंगा देवी, वेदप्रकाश सोलंकी, दीपचंद खैरिया, जौहरी लाल मीना, साफिया खान, संदीप यादव, दीपेंद्र सिंह शेखावत, परसराम मोरदिया, राजेंद्र गुढ़ा, राजकुमार शर्मा, रीटा चौधरी और मंत्री परसादी लाल एवं मुरारी लाल मीना शामिल नहीं हुए। जयपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष और मंत्री राजेंद्र यादव भी मीटिंग में शामिल नहीं हुए।

सुखजिंदर सिंह रंधावा ने जताई नाराजगी

प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने नाराजगी जताते हुए कहा कि पार्टी में अनुशासन में रहना बहुत जरूरी है। मीटिंग से नदारद रहने वाले मंत्रियों और विधायकों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। मीटिंग में ज्यादातर मंत्री और विधायक शामिल नहीं हुए है। प्रदेश प्रभारी की बार-बार फटकार के बावजूद भी कांग्रेस के नेता मीटिंग से नदारद रहते हैं।

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