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BJP से निकाले गए नेता कौन? जिसने दलित नेता के जाने के बाद राम मंदिर में छिड़का था गंगाजल

दलित नेता के जाने के बाद राम मंदिर में गंगाजल छिड़ककर शुद्धिकरण करने वाले पूर्व विधायक को भाजपा ने पार्टी ने निकाल दिया है। पार्टी ने पूर्व विधायक के खिलाफ अनुशासनहीनता की कार्रवाई की है। आइए पूर्व विधायक के बारे में जानते हैं...

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राजस्थान के पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा को भाजपा ने पार्टी से निकाल दिया है। उन्हें अनुशासनहीनता का दोषी पाया गया है, इसलिए पार्टी में उनकी प्राथमिक सदस्यता खत्म कर दी गई है। नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के अलवर के राम मंदिर जाने पर गंगाजल से शुद्धिकरण करने के बाद पार्टी ने उन्हें अनुशासनहीनता का नोटिस जारी किया था, जिसका जवाब ज्ञानदेव आहूजा ने  3 दिन बाद दिया।

जवाब में उन्होंने लिखा कि वह माफी नहीं मांगेंगे, क्योंकि उन्होंने कांग्रेस नेताओं के मंदिर प्रवेश के खिलाफ गंगाजल का छिड़काव किया था और उन्हें अपने इस काम पर कोई पछतावा नहीं है। माफी मांगनी है तो भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और अनुशासन समिति के सदस्य ओमकार सिंह लखावत मांगे। मैंने कोई पार्टी विरोधी काम नहीं किया है। मेरे खिलाफ षड्यंत्र रचा गया है। मंदिर में गंगाजल छिड़कना पाप नहीं है। कांग्रेस पर मानहानि का दावा करुंगा। मल्लिकार्जुन खड़गे के विरोध की तैयारी है। माफी मैं नहीं, खड़गे को मांगनी होगी।

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7 अप्रैल को मंंदिर आए थे जूली

पार्टी ने एक बयान में कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने पूर्व विधायक ज्ञानदेव आहूजा के खिलाफ अनुशासनहीनता साबित होने के बाद उनकी प्राथमिक सदस्यता समाप्त करने का आदेश दिया है। भाजपा की राज्य अनुशासन समिति ने विस्तृत जांच की थी और आहूजा पर अपनी रिपोर्ट राठौर को सौंप दी थी।

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गत 7 अप्रैल को आहूजा ने अलवर में राम मंदिर का शुद्धिकरण किया था। इस दौरान आहूजा ने कहा था कि जूली हिंदुत्व विरोधी और सनातन विरोधी हैं। आहूजा ने जय सिया राम का नारा लगाते हुए मंदिर के अंदर गंगाजल छिड़का। यह भगवान श्री राम का मंदिर है, जिनके चरणों में मैंने गंगाजल छिड़का है। क्योंकि कुछ अशुद्ध लोग आए थे।

 

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कौन हैं ज्ञान देव आहूजा?

बता दें कि ज्ञानदेव आहूजा अलवर के रामगढ़ ने भाजपा के पूर्व विधायक थे। वे वसुंधरा राजे सरकार में विधायक रहे। साल 2013 से 2018 तक विधायक रहे। सिंधी समाज से ताल्लुक रखने वाले अकसर विवादित बयानों के चलते सुर्खियों में रहते हैं। 24 दिसंबर 2017 को भी आहूजा विवादों में आए थे।

उन्होंने कहा था कि गायों की तस्करी और वध करने वाले लोगों को जान से मार दिया जाएगा। साल 2024 में वायनाड में भीषण भूस्खलन हुआ था, जिसमें कई लोगों की जान चली गई थी। आपदा को आहूजा ने गौहत्या से जोड़ा था और कहा था कि जहां गौहत्या होगी, वहां इस तरह की मुसीबतें ही आएंगी।

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First published on: Apr 28, 2025 08:50 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल News24 हिंदी डिजिटल में चीफ सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं. वेब जर्नलिज्म में 13 साल का अनुभव रखने वाली खुशबू गोयल राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और राज्यस्तरीय न्यूज और चुनावी कवरेज करती हैं. खुशबू गोयल ने अक्टूबर 2013 में अमर उजाला डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां 7 साल सेवाएं देने के बाद साल नवंबर 2020 में दैनिक भास्कर डिजिटल जॉइन किया और सितंबर 2023 से News24 के डिजिटल में सेवाएं दे रही हैं. 13 साल के करियर में खुशबू गोयल ने नेशनल, इंटरनेशनल, पॉलिटिकल, क्राइम टॉपिक कवर करने में विशेषज्ञता हासिल की. खुशबू गोयल का पत्रकारिता में अनुभव: 13 साल योग्यता: कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय के IMC&MT इंस्टीट्यूट से मास्टर ऑफ कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म (MJ) के बाद जर्नलिज्म में MPhil की डिग्री ली. खुशबू गोयल ने 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव की विस्तृत रिपोर्टिंग की है, जिसमें उन्हें ग्राउंड कवरेज करने का भी अनुभव है. इसके अलावा पिछले 13 साल में विभिन्न राज्यों में हुए विधानसभा चुनाव को भी उन्होंने फील्ड रिपोर्टिंग के साथ कवर किया.

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