Rajasthan: सीएम गहलोत से पूछा गया.. मुख्यमंत्री रहेंगे आप? जवाब- वो तो समय बताएगा कि मैं कहां रहूं, कहां नहीं रहूं..

Rajasthan CM Gehlot

राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत

जयपुर: कांग्रेस के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन करने की अटकलों के बीच सीएम अशोक गहलोत ने अध्यक्ष बनने के बाद मुख्यमंत्री पद छोड़ने के सवाल पर प्रतिक्रिया दी है। सीएम गहलोत ने दिल्ली में मीडिया से बात करते हुए कहा कि पार्टी आलाकमान का जो निर्णय होगा वह स्वीकार है। बता दें कि सीएम गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात करने दिल्ली पहुंचे हैं।

जब सीएम गहलोत से दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान पूछा गया कि नामांकन दाखिल करेंगे? इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि, देखिए, नामांकन पत्र जो है आज मैं आया हूं, सब मित्रों से बातचीत करेंगे कि सबकी क्या राय है, उसके अकॉर्डिंग टू सब फैसले होंगे, इसलिए मैं अभी आते ही तो अभी क्या कह सकता हूं आपको? इतना ही कह सकता हूं कि जो कांग्रेस वर्तमान हालात में हम लोग चल रहे हैं, उसमें एक तरफ राहुल गांधी जी यात्रा कर रहे हैं, उस यात्रा से ही भारतीय जनता पार्टी में बेचैनी पैदा हो गई है।

आगे उन्होंने कहा कि, इसलिए उस माहौल में हम लोग चल रहे हैं, तो हम जो फैसले करेंगे वो फैसले करेंगे, जो हमारे हर फैसले से कांग्रेस मजबूत हो, ये मेरा ध्येय है। आज मुझे पार्टी ने सबकुछ दिया है, हाईकमान ने सबकुछ दिया है, पार्टी ने सबकुछ दिया है, पिछले 40 साल, 50 साल से मैं पदों पर ही हूं, मेरे लिए अब कोई पद इम्पोर्टेंट नहीं है, मेरे लिए है कि किस प्रकार से मैं जो भी जिम्मेदारी मिलेगी मुझे या जो जिम्मेदारी मुझे लेनी चाहिए, वो मैं निभाऊंगा।

एक व्यक्ति एक पद के सवाल का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि, प्रस्ताव हमने पास किया है, जहां नॉमिनेट होते हैं वहां 2 पद होते हैं जहां कोई हाईकमान नॉमिनेट करती है वो 2 पद कहलाते हैं, ये चुनाव तो ओपन है सबके लिए, कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव ओपन है सबके लिए, इसमें कोई भी खड़ा हो सकता है, ये तो जो 9 हजार लोग हैं, 9 हजार में से कोई भी व्यक्ति खड़ा हो सकता है, चाहे वो एमपी है, एमएलए है, मंत्री है, मुख्यमंत्री है, कल कोई कह देगा राज्य का मंत्री कि मैं खड़ा होना चाहता हूं, तो वो हो सकता है, वो मंत्री भी रह सकता है और कांग्रेस अध्यक्ष भी बन सकता है।

राजस्थान के मुख्यमंत्री पद पर बने रहने को लेकर सवाल का जवाब देते हुए कहा कि, रहने या नहीं रहने की बात मैं नहीं कर रहा हूं, वो तो समय बताएगा कि मैं कहां रहूं, कहां नहीं रहूं, पर मैं वहां रहना पसंद करूंगा जिससे कि मेरे रहने के कारण से फायदा मिलता हो पार्टी को, तो मैं पीछे नहीं हटूंगा।

वहीं शशि थरूर से मुकाबले को लेकर सवाल के जवाब में कहा कि, देखिए ये मुकाबले तो होने ही चाहिए, इंटरनल डेमोक्रेसी तो पार्टी में होनी ही चाहिए, तभी तो लोगों को मालूम पड़ेगा कि भई इस पार्टी में इंटरनल डेमोक्रेसी है। कब तो राजनाथ सिंह जी बन गए, कब अमित शाह जी बन गए अध्यक्ष बीजेपी के और कब बन गए नड्डा साहब बन गए, कोई चर्चा होती है देश के अंदर? हमारा सौभाग्य है कि देश का मीडिया सिर्फ कांग्रेस की चर्चा करता है।

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