पंजाब-हिमाचल के बीच सफर होगा अब और भी आसान! 172 किमी लंबे नेशनल हाईवे का NHAI ने लिया जिम्मा
Punjab Himachal Highway: पंजाब से हिमाचल को जोड़ने वाला 172 किमी लंबा हाईवे अब एनएचएआई के अधीन होगा. इस फैसले से चंबा और भरमौर तक सड़कों का विस्तारीकरण तेज होगा और आवागमन अधिक सुगम हो जाएगा.
NHAI पंजाब और हिमाचल को जोड़ने वाले 172 किलोमीटर लंबे हाईवे को अपग्रेड करेगा.
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Punjab Himachal Highway: हिमाचल प्रदेश को पंजाब से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग-154 को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने आधिकारिक तौर पर पंजाब के चक्की से हिमाचल के भरमौर तक फैले 172 किलोमीटर लंबे इस हाईवे को अपने अधीन ले लिया है. पहले यह सड़क लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के नेशनल हाईवे विंग के पास थी, लेकिन अब सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना के बाद इसे एनएचएआई को सौंप दिया गया है. यह मार्ग चक्की धार से शुरू होकर बनीखेत और चंबा को जोड़ते हुए सीधे भरमौर तक पहुंचता है. इस बदलाव से उम्मीद जताई जा रही है कि अब इस पूरे रूट पर सड़क की गुणवत्ता और रखरखाव में सुधार होगा, जिसका सीधा फायदा पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मिलेगा.
बाकी बचे हिस्से में जल्द शुरू होगा डबल लेन का काम
इस 172 किलोमीटर लंबे हाईवे का अधिकांश हिस्सा यानी करीब 122 किलोमीटर पहले ही डबल लेन बनाया जा चुका है. अब एनएचएआई के अधीन आने के बाद शेष बचे 50 किलोमीटर हिस्से को भी डबल लेन करने का काम तेजी से शुरू होगा. एनएचएआई की विशेषज्ञता और संसाधनों की वजह से यह काम अब और भी व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाएगा. चंबा जिले के भरमौर तक पहुंचने वाली यह सड़क पहाड़ों के कठिन रास्तों से होकर गुजरती है, इसलिए इसे चौड़ा और सुरक्षित बनाना बेहद जरूरी था. डबल लेन होने के बाद न केवल गाड़ियों की आवाजाही सुगम होगी, बल्कि हादसों के खतरे में भी कमी आएगी. यह प्रोजेक्ट हिमाचल के पर्यटन और व्यापार को नई ऊंचाइयां देने वाला साबित होगा.
एक ओर जहां एनएचएआई ने 172 किमी लंबे मार्ग का अधिग्रहण किया है, वहीं दूसरी ओर एनएच-205 के दाड़लाघाट से शिमला तक के करीब 48 किलोमीटर हिस्से को प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग को वापस सौंप दिया गया है. इस सड़क की हालत सुधारने और मरम्मत के लिए केंद्र सरकार की ओर से 34 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है. लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के अनुसार प्रदेश सरकार के पास सीमित संसाधनों के चलते मरम्मत करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन केंद्रीय मंत्रालय से मिली इस अग्रिम सहायता से अब मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है. शालाघाट से शिमला के बीच नए फोरलेन का निर्माण नए अधिग्रहण क्षेत्र में किया जाएगा, जिससे भविष्य में राजधानी तक का सफर और भी तेज हो जाएगा.
यातायात सुरक्षा और समय की बचत पर जोर
हिमाचल प्रदेश में नेशनल हाईवे की मरम्मत पर होने वाला खर्च पिछले कुछ समय में दोगुना हो गया है, जिसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने केंद्र से अधिक सहयोग की मांग की है. इन सड़कों के विस्तारीकरण और डबल लेनिंग होने से सबसे बड़ा फायदा समय की बचत और सुरक्षित सफर के रूप में मिलेगा. सड़कों की चौड़ाई बढ़ने से यातायात सुगम होगा और दूरियां कम महसूस होंगी. खासकर चंबा और भरमौर जैसे इलाकों के लिए यह सड़क जीवन रेखा की तरह है, जहां डबल लेन का काम पूरा होने से फल-सब्जी के परिवहन और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को भी बड़ी मदद मिलेगी. सरकार की इस पहल से पूरे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार मिलने की उम्मीद है और यात्रियों को अब टूटी सड़कों के झंझट से मुक्ति मिलेगी.
Punjab Himachal Highway: हिमाचल प्रदेश को पंजाब से जोड़ने वाले महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग-154 को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है. भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने आधिकारिक तौर पर पंजाब के चक्की से हिमाचल के भरमौर तक फैले 172 किलोमीटर लंबे इस हाईवे को अपने अधीन ले लिया है. पहले यह सड़क लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के नेशनल हाईवे विंग के पास थी, लेकिन अब सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की अधिसूचना के बाद इसे एनएचएआई को सौंप दिया गया है. यह मार्ग चक्की धार से शुरू होकर बनीखेत और चंबा को जोड़ते हुए सीधे भरमौर तक पहुंचता है. इस बदलाव से उम्मीद जताई जा रही है कि अब इस पूरे रूट पर सड़क की गुणवत्ता और रखरखाव में सुधार होगा, जिसका सीधा फायदा पर्यटकों और स्थानीय लोगों को मिलेगा.
बाकी बचे हिस्से में जल्द शुरू होगा डबल लेन का काम
इस 172 किलोमीटर लंबे हाईवे का अधिकांश हिस्सा यानी करीब 122 किलोमीटर पहले ही डबल लेन बनाया जा चुका है. अब एनएचएआई के अधीन आने के बाद शेष बचे 50 किलोमीटर हिस्से को भी डबल लेन करने का काम तेजी से शुरू होगा. एनएचएआई की विशेषज्ञता और संसाधनों की वजह से यह काम अब और भी व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जाएगा. चंबा जिले के भरमौर तक पहुंचने वाली यह सड़क पहाड़ों के कठिन रास्तों से होकर गुजरती है, इसलिए इसे चौड़ा और सुरक्षित बनाना बेहद जरूरी था. डबल लेन होने के बाद न केवल गाड़ियों की आवाजाही सुगम होगी, बल्कि हादसों के खतरे में भी कमी आएगी. यह प्रोजेक्ट हिमाचल के पर्यटन और व्यापार को नई ऊंचाइयां देने वाला साबित होगा.
एक ओर जहां एनएचएआई ने 172 किमी लंबे मार्ग का अधिग्रहण किया है, वहीं दूसरी ओर एनएच-205 के दाड़लाघाट से शिमला तक के करीब 48 किलोमीटर हिस्से को प्रदेश सरकार के लोक निर्माण विभाग को वापस सौंप दिया गया है. इस सड़क की हालत सुधारने और मरम्मत के लिए केंद्र सरकार की ओर से 34 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया है. लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह के अनुसार प्रदेश सरकार के पास सीमित संसाधनों के चलते मरम्मत करना चुनौतीपूर्ण था, लेकिन केंद्रीय मंत्रालय से मिली इस अग्रिम सहायता से अब मरम्मत का काम तेजी से चल रहा है. शालाघाट से शिमला के बीच नए फोरलेन का निर्माण नए अधिग्रहण क्षेत्र में किया जाएगा, जिससे भविष्य में राजधानी तक का सफर और भी तेज हो जाएगा.
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यातायात सुरक्षा और समय की बचत पर जोर
हिमाचल प्रदेश में नेशनल हाईवे की मरम्मत पर होने वाला खर्च पिछले कुछ समय में दोगुना हो गया है, जिसे देखते हुए प्रदेश सरकार ने केंद्र से अधिक सहयोग की मांग की है. इन सड़कों के विस्तारीकरण और डबल लेनिंग होने से सबसे बड़ा फायदा समय की बचत और सुरक्षित सफर के रूप में मिलेगा. सड़कों की चौड़ाई बढ़ने से यातायात सुगम होगा और दूरियां कम महसूस होंगी. खासकर चंबा और भरमौर जैसे इलाकों के लिए यह सड़क जीवन रेखा की तरह है, जहां डबल लेन का काम पूरा होने से फल-सब्जी के परिवहन और आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को भी बड़ी मदद मिलेगी. सरकार की इस पहल से पूरे क्षेत्र में आर्थिक गतिविधियों को रफ्तार मिलने की उम्मीद है और यात्रियों को अब टूटी सड़कों के झंझट से मुक्ति मिलेगी.