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पंजाब

‘राज्य के विकास को बढ़ावा देगी लैंड पूलिंग नीति’, किसानों से बोले CM भगवंत मान

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किसानों से बातचीत करते हुए बताया कि लैंड पूलिंग नीति का उद्देश्य राज्य के विकास को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, नई लैंड पूलिंग नीति किसानों के लिए स्थायी आय का साधन बनेगी।

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Edited By : Pooja Mishra Updated: May 30, 2025 14:34
Punjab CM Bhagwant Mann (4)

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लैंड पूलिंग नीति के बारे में राज्य के किसानों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बताया कि नई लैंड पूलिंग योजना का उद्देश्य किसानों के विकास को बढ़ावा देना है। नई लैंड पूलिंग नीति किसानों के लिए स्थायी आय का साधन बनेगी। इसके साथ ही, उन्होंने किसानों के लिए इस प्रगतिशील योजना के कई और लाभ गिनाए।

क्या है लैंड पूलिंग योजना?

सीएम ने कहा कि इस लैंड पूलिंग योजना का उद्देश्य किसानों के लिए आय का स्थायी स्रोत पैदा करके उन्हें राज्य के विकास और प्रगति में सक्रिय भागीदार बनाना है। उन्होंने कहा कि राज्य में किसी भी किसान की जमीन जबरदस्ती अधिग्रहित नहीं की जाएगी और केवल सहमति देने वाले किसान ही इस नीति के तहत अपनी जमीन देंगे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इस नीति के अनुसार किसानों को मुआवजे के अलावा इस योजना में वाणिज्यिक और आवासीय प्लॉट भी मिलेंगे।

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मिलेगा समग्र विकास को बढ़ावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस लैंड पूलिंग योजना में बनाई जाने वाली नियोजित कॉलोनियों में वाणिज्यिक संपत्ति किसानों के लिए स्थायी आय का साधन होगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नई लैंड पूलिंग नीति का उद्देश्य राज्य के समग्र विकास को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यह योजना राज्य के समग्र विकास को बड़ा बढ़ावा देकर प्रत्येक आम आदमी को लाभ पहुंचाएगी। भगवंत सिंह मान ने सभी को आश्वासन दिया कि किसी की भी जमीन जबरदस्ती नहीं छीनी जाएगी और अधिग्रहित जमीन पर सारा विकास कानूनी और पारदर्शी ढंग से होगा।

पिछली सरकारों पर सीएम मान का वार

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि पंजाब में देश भर में सबसे अधिक अवैध कॉलोनियां हैं, जिसके लिए पिछली सरकारें जिम्मेदार हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन कॉलोनियों में कोई भी बुनियादी नागरिक सुविधाएं नहीं हैं, जिस कारण लोगों को दुख-तकलीफें झेलनी पड़ती हैं। उन्होंने कहा कि अवैध कॉलोनियों के बेतरतीब विस्तार को रोकने के लिए लैंड पूलिंग योजना पेश की गई है, जिसमें जमीन मालिक का पूरा अधिकार होगा कि वह इसे अपनाए या न अपनाए। उन्होंने कहा कि लोगों की सहमति से सरकार द्वारा प्राप्त की गई जमीन का उपयोग अर्बन एस्टेटों के निर्माण के लिए किया जाएगा, जिससे नियोजित विकास को बढ़ावा मिलेगा।

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विकास और खुशहाली पर है ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले राज्य के नेता पंजाब के हितों को खतरे में डालते थे, आज राज्य सरकार राज्य के समग्र विकास और खुशहाली पर ध्यान केंद्रित कर रही है। उन्होंने कहा कि पहले के नेता लोगों से मिलने से डरते थे, जबकि आज राज्य सरकार लोगों से बातचीत कर रही है और उनसे फीडबैक ले रही है। भगवंत सिंह मान राज्य के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बनाकर राज्य और इसके लोगों के हितों की रक्षा के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।

युवाओं को मिली 54000 से अधिक नौकरियां

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि राज्य के युवाओं को 54000 से अधिक नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि सभी नौकरियां बिना किसी भ्रष्टाचार या भाई-भतीजावाद के पूरी तरह योग्यता के आधार पर दी गई हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह युवाओं को पंजाब के सामाजिक-आर्थिक विकास में सक्रिय भागीदार बना रहा है।

यह भी पढ़ें: पंजाब के मुक्तसर की पटाखा फैक्ट्री में विस्फोट, 4 की मौत और 25 घायल

जमीन का इजी रजिस्ट्रेशन

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने जमीन की रजिस्ट्री आसान बनाने के लिए ‘इजी रजिस्ट्रेशन’ नाम का एक अहम प्रोजेक्ट शुरू किया है, जो मोहाली से शुरू किया गया है और पहली अगस्त से इसे राज्य भर में लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह सरकारी कार्यालयों के कामकाज को और सुचारू बनाने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता का हिस्सा है और साथ ही कहा कि लोगों को अब जिले के अंदर किसी भी सब रजिस्ट्रार कार्यालय में जाकर अपनी संपत्ति की रजिस्ट्री बिना किसी परेशानी के करवाने की छूट होगी। भगवंत सिंह मान ने कहा कि भ्रष्टाचार के प्रति सरकार की जीरो-टॉलरेंस नीति के हिस्से के तौर पर यह पहल तहसील कार्यालयों में भ्रष्टाचार को खत्म करने में मुख्य भूमिका निभाएगी।

नजरअंदाज हुआ नहर का पानी

मुख्यमंत्री ने इस बात पर प्रकाश डाला कि पिछली सरकारों ने नहर के पानी के महत्व को कैसे नजरअंदाज किया था। उन्होंने कहा कि ट्यूबवेल पर ज्यादा निर्भरता के परिणामस्वरूप भूजल स्तर चिंताजनक हद तक घट गया है, जो राज्य के लिए बहुत घातक साबित हुआ है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पारंपरिक नहरों को पुनर्जीवित करने के लिए राज्य भर में 700 किलोमीटर पाइपलाइन पहले ही बिछाई जा चुकी है ताकि सूखे इलाकों और अंतिम छोर पर पड़ने वाले गांवों तक नहर का पानी पहुंचाया जा सके।

First published on: May 30, 2025 02:34 PM

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