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मुंबई

तीन तलाक वैध नहीं, पर रोज आ रहे केस, क्लर्क पत्नी ने पुलिस के सामने शेयर कीं पति की करतूतें

Navi Mumbai man booked for giving triple talaq: पुलिस के अनुसार महिला ने अपने 43 वर्षीय पति अल्ताफ मुबारक अत्तर के खिलाफ खारघर पुलिस थाने में तीन तलाक देने की शिकायत की है। साल 2017 में देश की सर्वोच्च अदालत ने तीन तलाक पर अपना ऐतिहासिक फैसला दिया था, जिसमें इसे असंवैधानिक करार दिया गया है।

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Edited By : Amit Kasana Updated: Mar 2, 2024 17:49
triple talaq
अकसर करता था गाली गालौज और मारपीट।

Navi Mumbai man booked for giving triple talaq: नवी मुंबई में तीन तलाक का मामला सामने आया है। दंपति के बीच घरेलू कलह है, जिसके चलते शख्स पत्नी के ऑफिस गया और वहां उसे तीन तलाक देकर घर न आने का फरमान सुना डाला। महिला ने इस बारे में स्थानीय पुलिस को शिकायत की है। पुलिस के अनुसार महिला की शिकायत पर पति के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। फिलहाल मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। दोनों पक्षों के बयान लेकर पुलिस की तफ्तीश जारी है।

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महिला ने लगाए यह आरोप

पुलिस के अनुसार महिला ने अपने 43 वर्षीय पति अल्ताफ मुबारक अत्तर के खिलाफ खारघर पुलिस थाने में तीन तलाक देने की शिकायत की है। शनिवार को मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) अधिनियम, 2019 के तहत पति के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। महिला ने अपनी शिकायत में कहा कि पति ने उसके ऑफिस में सबके सामने तीन तलाक दे दिया। वह एक निजी ऑफिस में क्लर्क के रूप में कार्यरत है।

गर्भपात करवाया गया

इससे पहले यूपी के गोंडा से तीन तलाक का मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने ससुराल पक्ष के लोगों पर तीन तलाक, हलाला और फिर गर्भपात तक कराने का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि पति ने उसे तीन तलाक दिया। जिसके बाद दोनों पक्षों के परिजनों में बातचीत हुई और उनका समझौता हो गया। इस समझौते के बाद उसका देवर के साथ हलाला कराया गया। महिला का आरोप था कि वह दो महीने की गर्भवती थी जानबूझकर उसका गर्भपात करवाया गया। महिला की शिकायत पर पुलिस मामला दर्ज कर आगे की जांच कर रही है।

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सुप्रीम कोर्ट ने दिया था ऑर्डर

आपको बता दें कि साल 2017 में देश की सर्वोच्च अदालत ने तीन तलाक पर अपना ऐतिहासिक फैसला दिया था। कोर्ट ने अपने ऑर्डर में कहा था कि एक साथ तीन तलाक बोलने पर मुस्लिमों में तीन तलाक के जरिए दिए जाने वाले तलाक की प्रथा ‘अमान्य’, ‘अवैध’ और ‘असंवैधानिक’ है।

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First published on: Mar 02, 2024 04:37 PM

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