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‘ऑर्गेनाइजर RSS का मुखपत्र नहीं…’ NCP ने संघ के आर्टिकल पर क्यों उठाए सवाल?

NCP Raise Question on RSS Article: एनसीपी ने आरएसएस के मुखपत्र ऑर्गेनाइजर में छपे आर्टिकल को लेकर सवाल उठाए हैं। एनसीपी प्रवक्ता ने कहा कि मुझे नहीं लगता ऑर्गेनाइजर में छपे आर्टिकल से बीजेपी के आला नेता सहमत है।

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NCP Raise Question on RSS Organizer Article: महाराष्ट्र में एनडीए सरकार को लेकर आरएसएस के मुखपत्र ऑर्गेनाइजर में छपे एक आर्टिकल में लिखा गया कि अजित पवार को एनडीए में शामिल करने और कांग्रेस नेताओं को पार्टी में शामिल कराने से भाजपा को प्रदेश के अलावा पूरे देश में झटका लगा है। इसके साथ संघ के मुखपत्र में लिखा गया कि 400 पार का नारा देने वाली बीजेपी 240 सीटों पर इसलिए सिमट गई क्योंकि ‘आएगा तो मोदी ही’ के भरोसे में रहने वाले कार्यकर्ता जमीनी हकीकत से अनभिज्ञ रहते हैं।

ऑर्गेनाइजर के आर्टिकल में लिखा गया कि जब बीजेपी और शिंदे के पास पर्याप्त बहुमत था तो अजित पवार को साथ क्यों लिया? कई सालों तक पार्टी जिस कांग्रेस की विचारधारा के खिलाफ लड़ती रही बाद में चुनावी फायदे के लिए उनको ही पार्टी में शामिल क्यों किया? पार्टी के इस कदम से कार्यकर्ता दुखी हो गए। भगवा आतंकवाद और 26/11 को संघ की साजिश बताने वाले कांग्रेस नेताओं को पार्टी में शामिल किया गया इससे संघ के स्वयंसेवकों को नुकसान पहुंचा।

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RSS ने जो कहा उसमें सच्चाई नहीं-एनसीपी

संघ के मुखपत्र ऑर्गेनाइजर में छपे इस आर्टिकल पर अब एनसीपी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। एनसीपी प्रवक्ता उन्मेष पाटिल ने कहा कि ऑर्गेनाइजर आरएसएस का आधिकारिक मुखपत्र नहीं हैए यह आरएसएस की विचारधारा को नहीं दर्शाता है। मुझे नहीं लगता कि भाजपा के शीर्ष पदाधिकारी लेख लिखने वाले से सहमत हैं। विफलता के लिए अलग-अलग कारण खोजे जाते हैं। जब पार्टियां एक-दूसरे के खिलाफ होती हैं, तो वे दोष ढूंढती हैं और आरोप लगाती हैं। राजनीति में एक-दूसरे पर आरोप लगाए जाते हैं। सब कुछ अंतिम परिणामों पर निर्भर करता है। मुझे नहीं लगता कि आरएसएस ने जो कहा है, उसमें सच्चाई है।

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First published on: Jun 13, 2024 08:51 AM

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