Ajit Pawar Rebellion: महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार की कथित बगावत वाली खबरों पर मंगलवार को NCP चीफ की प्रतिक्रिया सामने आई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के चीफ शरद पवार ने कहा कि अजीत पवार चुनाव संबंधी कामों में व्यस्त हैं। यह (बगावत) सारी बातें सिर्फ मीडिया में हैं।
बता दें कि राष्ट्रवादी कांग्रेस के क़द्दावर नेता अजित पवार NCP में रहेंगे या भाजपा के साथ जाएंगे, इस पर सस्पेंस बरकरार है, लेकिन पार्टी के ही तीन विधायकों (माणिक कोकाटे, सुनील शेलके और अन्ना बनसोड) खुलकर अजित पवार के समर्थन में आ गए हैं। तीनों विधायकों ने कहा कि अजित पवार जो भी फैसला लेंगे, हम उनके साथ खड़े रहेंगे।
https://twitter.com/ANI/status/1648214878354812928
अजित पवार के बगावत वाली खबरों को कैसे मिला बल?
- सोमवार को अजीत पवार ने पुणे के अपने सभी नियोजित कार्यक्रम रद्द कर दिए थे और उनका फोन नॉट रीचेबल आ रहा था। इसके बाद अजित पवार की सफाई आई कि वे खारघर के अस्पताल में लू पीड़ित मरीजों से मिलने गए थे। इसी वजह से पुणे दौरा रद्द करना पड़ा।
- रविवार को नागपुर में हुई महा विकास अघाडी (MVA) की जनसभा में अजित पवार मंच पर थे। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बगल में अजित पवार बैठे थे, लेकिन उन्होंने भाषण नहीं दिया। इस बात से भी अजित पवार के पार्टी छोड़ने की अफवाहों को हवा मिली। कांग्रेस का कहना था कि अजित का भाजपा के विरोध में भाषण देना ज़रूरी था, जिससे उनके पार्टी छोड़ने की खबरों को विराम मिल जाता।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे अजित पवार!
मुंबई में एक अंग्रेज़ी अख़बार ने इससे पहले दावा किया था कि जब अजीत पवार का फोन नॉट रीचेबल था, तब वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे। मंगलवार को उसी अंग्रेजी अखबार ने दोबारा दावा किया कि अजित पवार ने 55 में से 40 विधायकों से सहमती फॉर्म पर सिग्नेचर करा लिए हैं।
उधर, मामले को लेकर उद्धव गुट के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भी बयान जारी कर बताया कि अजित पवार को लेकर जो अफवाहें उड़ रही हैं, वो गलत हैं। वे हमारे साथ हैं। राउत ने कहा कि न्यूज पेपर में जो खबर छपी है, उसमें कोई तथ्य नहीं है। ये अफवाह है। आघाड़ी गठबंधन मजबूत है और मजबूत रहेगा।
महाराष्ट्र में दलों की ये है स्थिति
महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 सदस्य हैं। सियासी समीकरणों और दलीय स्थिति पर नजर डालें तो एनडीए गठबंधन के साथ जो दल हैं, उनके विधायकों की संख्या 162 है।
भाजपा- 105
शिवसेना (शिंदे गुट)- 40
प्रखर जनशक्ति पार्टी- 2
अन्य दल- 3
निर्दलीय- 12
महाविकास आघाड़ी गठबंधन में शामिल दल
एनसीपी- 53
कांग्रेस- 45
शिवसेना (उद्धव गुट)- 17
सपा- 2
अन्य दल- 4
Ajit Pawar Rebellion: महाराष्ट्र के पूर्व डिप्टी सीएम अजित पवार की कथित बगावत वाली खबरों पर मंगलवार को NCP चीफ की प्रतिक्रिया सामने आई। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के चीफ शरद पवार ने कहा कि अजीत पवार चुनाव संबंधी कामों में व्यस्त हैं। यह (बगावत) सारी बातें सिर्फ मीडिया में हैं।
बता दें कि राष्ट्रवादी कांग्रेस के क़द्दावर नेता अजित पवार NCP में रहेंगे या भाजपा के साथ जाएंगे, इस पर सस्पेंस बरकरार है, लेकिन पार्टी के ही तीन विधायकों (माणिक कोकाटे, सुनील शेलके और अन्ना बनसोड) खुलकर अजित पवार के समर्थन में आ गए हैं। तीनों विधायकों ने कहा कि अजित पवार जो भी फैसला लेंगे, हम उनके साथ खड़े रहेंगे।
अजित पवार के बगावत वाली खबरों को कैसे मिला बल?
- सोमवार को अजीत पवार ने पुणे के अपने सभी नियोजित कार्यक्रम रद्द कर दिए थे और उनका फोन नॉट रीचेबल आ रहा था। इसके बाद अजित पवार की सफाई आई कि वे खारघर के अस्पताल में लू पीड़ित मरीजों से मिलने गए थे। इसी वजह से पुणे दौरा रद्द करना पड़ा।
- रविवार को नागपुर में हुई महा विकास अघाडी (MVA) की जनसभा में अजित पवार मंच पर थे। महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के बगल में अजित पवार बैठे थे, लेकिन उन्होंने भाषण नहीं दिया। इस बात से भी अजित पवार के पार्टी छोड़ने की अफवाहों को हवा मिली। कांग्रेस का कहना था कि अजित का भाजपा के विरोध में भाषण देना ज़रूरी था, जिससे उनके पार्टी छोड़ने की खबरों को विराम मिल जाता।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे अजित पवार!
मुंबई में एक अंग्रेज़ी अख़बार ने इससे पहले दावा किया था कि जब अजीत पवार का फोन नॉट रीचेबल था, तब वे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिले थे। मंगलवार को उसी अंग्रेजी अखबार ने दोबारा दावा किया कि अजित पवार ने 55 में से 40 विधायकों से सहमती फॉर्म पर सिग्नेचर करा लिए हैं।
उधर, मामले को लेकर उद्धव गुट के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने भी बयान जारी कर बताया कि अजित पवार को लेकर जो अफवाहें उड़ रही हैं, वो गलत हैं। वे हमारे साथ हैं। राउत ने कहा कि न्यूज पेपर में जो खबर छपी है, उसमें कोई तथ्य नहीं है। ये अफवाह है। आघाड़ी गठबंधन मजबूत है और मजबूत रहेगा।
महाराष्ट्र में दलों की ये है स्थिति
महाराष्ट्र विधानसभा में कुल 288 सदस्य हैं। सियासी समीकरणों और दलीय स्थिति पर नजर डालें तो एनडीए गठबंधन के साथ जो दल हैं, उनके विधायकों की संख्या 162 है।
भाजपा- 105
शिवसेना (शिंदे गुट)- 40
प्रखर जनशक्ति पार्टी- 2
अन्य दल- 3
निर्दलीय- 12
महाविकास आघाड़ी गठबंधन में शामिल दल
एनसीपी- 53
कांग्रेस- 45
शिवसेना (उद्धव गुट)- 17
सपा- 2
अन्य दल- 4