Maharashtra Politics: महाराष्ट्र के नेता संजय राउत ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि शिवसेना को तोड़ने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए। सामना के लेख पर संजय राउत ने अमित शाह को महाराष्ट्र और मराठियों का सबसे बड़ा दुश्मन बताया। उन्होंने कहा कि शिवसेना महाराष्ट्र का स्वाभिमान और सम्मान है। बालासाहेब ठाकरे ने महाराष्ट्र के स्वाभिमान के लिए शिवसेना का गठन किया था।
उद्धव गुट के नेता संजय राउत ने कहा कि अगर आप शिवसेना को तोड़कर खरीद रहे हैं तो इसका क्या मतलब है? शिवसेना खत्म नहीं होगी। अंगारा है, आग है, बुझने वाला नहीं। बता दें कि शिवसेना (यूबीटी) ने अपने मुखपत्र सामना के संपादकीय में दावा किया है कि नाम और चुनाव चिन्ह को बीजेपी ने खरीदा था। रविवार को भी पार्टी नेता संजय राउत ने दावा किया था कि पार्टी के नाम और उसके ‘धनुष और तीर’ चिन्ह को खरीदने के लिए 2000 करोड़ रुपये का सौदा हुआ था।
उधर, नासिक में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान महाराष्ट्र के सीएम एकनाथ शिंदे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में उद्धव ठाकरे गुट के नेता संजय राउत के खिलाफ नासिक में शिकायत दर्ज की गई है।
Hundreds of Cr of Rs spent to break Shiv Sena. Shiv Sena is Maharashtra's self-respect & honour. Balasaheb Thackeray formed Shiv Sena for Maharashtra's self-respect: Sanjay Raut on Saamna article reportedly mentioning that Amit Shah is the biggest enemy of Maharashtra & Marathis pic.twitter.com/y0yhQztBZI
---विज्ञापन---— ANI (@ANI) February 20, 2023
उधर, पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न पर चुनाव आयोग (ईसी) के आदेश के बाद उद्धव ठाकरे की अगुवाई वाली शिवसेना (UBT) ने अपने ट्विटर हैंडल @ShivSena से @ShivSenaUBT_ में बदलने के बाद वैरिफिकेशन खो दिया है।
पार्टी के मीडिया हैंडल @ShivsenaComms ने भी अपना वैरिफाइड ब्लू टिक खो दिया और इसे @ShivsenaUBTComm नाम दिया गया है। ट्विटर पर @ShivSena नाम से कोई वैरिफाइड हैंडल नहीं है।
शिवसेना का नाम और चुनाव चिन्ह शिंदे गुट को आवंटित
बता दें कि चुनाव आयोग की ओर से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट को ‘शिवसेना’ नाम और उसका चुनाव चिन्ह धनुष और तीर आवंटित कर दिया है। इस फैसले के बाद उद्धव टीम को ट्विटर हैंडल पर नाम बदलने की जरूरत थी। टीम उद्धव ने अपने यूट्यूब चैनल का नाम भी शिवसेना से बदलकर शिवसेना यूबीटी कर दिया है, हालांकि उद्धव टीम अभी भी अपने फेसबुक पेज पर ‘शिवसेना’ नाम का इस्तेमाल कर रही है।
चुनाव निकाय ने राज्य में चल रहे विधानसभा उपचुनावों के समापन तक ठाकरे गुट को ‘शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे’ नाम और पिछले साल एक अंतरिम आदेश में दिए गए ‘धधकते मशाल’ चुनाव चिन्ह को बरकरार रखने की अनुमति दी है।