महाराष्ट्र सरकार ने गुरुवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसलों को मंजूरी दी. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई बैठक में जबरन धर्मांतरण से जुड़े बिल को मंजूरी दे दी है. अब इस बिल को विधानसभा में पेश किया जाएगा, जहां से इसे कानून का रूप देने की प्रक्रिया शुरू होगी. बिन के अनुसार अब महाराष्ट्र में जबरन धर्मांतरण कराए जाने पर सीधे गिरफ्तारी होगी.
महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने बताया कि राज्य में लंबे अरसे से धर्मांतरण विरोधी कानून की मांग उठ रही थी. उनके अनुसार, हिंदुत्व संगठनों और समर्थकों ने इसके पक्ष में वर्षों तक आंदोलन चलाए और जुल्फें निकालीं. अब नए कानून के तहत जबरन या लालच देकर धर्म परिवर्तन कराने पर गैर-जमानती अपराध माना जाएगा, जिसमें तत्काल गिरफ्तारी हो सकेगी.
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देश का सबसे सख्त एंटी-कन्वर्जन कानून
राणे ने गर्व से कहा, ‘आज देवा भाऊ के महाराष्ट्र में कैबिनेट ने देश का सबसे सख्त एंटी-कन्वर्जन कानून मंजूर किया है.’ उन्होंने गुजरात व मध्य प्रदेश के कानूनों से भी ज्यादा कठोर बताते हुए कहा कि जबरन, धोखे या प्रलोभन से धर्मांतरण पर गैर-जमानती अपराध दर्ज होगा. आरोपी की तत्काल गिरफ्तारी संभव होगी और जमानत आसानी से नहीं मिलेगी. तकनीकी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी शीघ्र सार्वजनिक की जाएगी.
किसानों को भी बड़ी राहत
इस बीच, किसानों को बड़ी राहत देने की दिशा में भी कदम उठाए गए. कृषि मंत्री दत्तात्रेय भारणे ने बताया कि 30 जून तक कर्जमाफी पर ऐतिहासिक फैसला लिया जाएगा. उच्चस्तरीय समिति अप्रैल के पहले हफ्ते रिपोर्ट सौंपेगी. इसके बाद अंतिम घोषणा हो जाएगी. भारणे ने जोर दिया कि माफी के साथ कृषि को मजबूत बनाने वाली नीतियां भी लाई जाएंगी, जिसमें मौसम, कीट-पतंगों की चेतावनी शामिल होगी.
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गौरतलब है कि महाराष्ट्र कैबिनेट का ये फैसला एंटी-कन्वर्जन कानून सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करेगा, वहीं कर्जमाफी से किसान समुदाय को बल मिलेगा. सरकार का दावा है कि ये कदम विकास व स्थिरता की दिशा में मील का पत्थर साबित होंगे.










