Arpit Pandey
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kuno Cheetah Project: कूनो नेशनल पार्क में चीतों की मौत की वजह उनके गले में लगी रेडियो कॉलर आईडी भी मानी जा रही थी। क्योंकि इससे इन्फेंकशन फेल रहा था। ऐसे में पार्क प्रबंधन ने रेडियो कॉलर आईडी हटाने का फैसला लिया था। लेकिन इससे नई परेशानी खड़ी होती नजर आ रही है।
दरअसल, कॉलर आईडी हटते ही पार्क से एक चीता गायब हो गया था। चीते की लोकेशन नहीं मिल रही थी। ऐसे में कूनो प्रबंधन की ट्रैकिंग टीम मादा चीता निर्वा की लोकेशन ट्रेस करने में जुटी हुई है। हालांकि मादा चीता की लोकेशन आसपास ही मिल रही है। पेट्रोलिंग टीम पग मार्क और शिकार के अवशेष के आधार पर मादा चीता की लोकेशन को खोज रही है। इससे पहले एक और चीते की लोकेशन नहीं मिल रही थी।
पीसीसीएफ असीम श्रीवास्तव का कहना है कि इनफेक्शन के चलते चीतों की कॉलर आईडी को हटाया गया था। लेकिन बाद में उसे फिर से लगा दिया गया है। उनका कहना है कि मादा चीता भी पहुंच से दूर नहीं है। उसकी लोकेशन में कुछ दिक्कत आ रही है। जल्द ही उसकी सही लोकेशन पर पहुंचा जाएगा।
बता दें कि चीतों को वापस बाड़े में लाया गया है। फिलहाल 15 से 12 चीते बाड़े में पहुंच चुके हैं। जबकि एक दो चीते ही खुले पार्क में घूम रहे हैं। इन्ही में से एक मादा चीता गायब बताई जा रही है। हालांकि जानकारी मिली है कि आसपास रहने वाले ग्रामीणों ने मादा चीता को कूनो की बाहरी सीमा की तरफ जाते देखा है। ऐसे में पार्क प्रबंधन ने इस तरफ चौकसी बढ़ा दी है।
दरअसल, चीतों की मौत की एक वजह रेडियो कॉलर आईडी भी मानी गई थी। क्योंकि चीतों की खाल बिल्कुल हल्की होती है। ऐसे में जल्दी इन्फेंक्शन फेलने का खतरा रहता है। इसलिए चीतो को सुरक्षित रखने के लिए आईडी हटा दी गई है। लेकिन इससे नई परेशानी खड़ी होती दिख रही है।
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