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मध्य प्रदेश

23 जनवरी, बसंत पंचमी, जुमे की नमाज… MP की धार भोजशाला में रहेगा हाई अलर्ट, तैनात होंगे 8000 पुलिस जवान

Dhar Bhojshala: मध्य प्रदेश की धार भोजशाला 23 जनवरी को हाई अलर्ट पर रहेगी, क्योंकि उस दिन बसंत पंचमी के साथ जुमे की नमाज है और हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोगों ने भोजशाला में धार्मिक कार्यक्रम करने की अनुमति मांगी है. इसलिए पुलिस और जिला प्रशासन को 23 को भोजशाला में विवाद होने के आसार लग रहे हैं.

Author Edited By : khushbu.goyal
Updated: Jan 14, 2026 14:24
Dhar Bhojshala
2016 में भी भोजशाला में विवाद हुआ था.

Dhar Bhojshala on High Alert on 23 Jan: मध्य प्रदेश की धार भोजशाला एक बार फिर सुर्खियों में है, क्योंकि 23 जनवरी 2026 को इस ऐतिहासिक और विवादित भोजशाला में हिंदू-मुस्लिम समुदाय के लोग जुटना चाहते हैं. इसलिए धार में तनाव बढ़ा हुआ है और पुलिस विभाग भी हाई अलर्ट पर है. मामला 23 जनवरी को बसंत पंचमी और जुमे की नमाज का साथ-साथ होना है. इसलिए हिंदू-मुस्लिम दोनों समुदायों के लोग 23 जनवरी को भोजशाला में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करना चाहते हैं.

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23 साल से बनी हुई है एक व्यवस्था

बता दें कि धार भोजशाला को लेकर पिछले 23 साल से विवाद चल रहा है और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) इसके ढांचे की रक्षा करता है. हिंदू-मुस्लिमों में विवाद न हो, इसलिए आपसी सहमति से एक व्यवस्था बनाई गई है कि हर मंगलवार को हिंदू समुदाय के लोगों को ही भोजशाला में पूजा करने का अधिकार होगा, जबकि मुसलमानों को हर शुक्रवार को जुमे की नमाज पढ़ने की अनुमति होगी, लेकिन इस बार 23 जनवरी को हिंदू-मुस्लिम धार्मिक कार्यक्रम साथ-साथ होने की वजह से विवाद के आसार बने हुए हैं.

23 के लिए क्या है समुदायों की मांग?

भोज उत्सव समिति ने जिला प्रशासन को एक ज्ञापन देकर 23 जनवरी को पूरा दिन बसंत पंचमी पर पूजा और अन्य धार्मिक कार्यक्रम करने की अनुमति मांगी है. वहीं हिंदू समुदाय के ज्ञापन के बाद मुस्लिम समुदाय ने भी ज्ञापन सौंपकर 23 जनवरी दिन शुक्रवार को दोपहर के एक बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज पढ़ने की परमिशन मांगी है. ज्ञापन में दोनों समुदायों ने साफ-साफ लिखा है कि एक के चक्कर में दूसरे की अनदेखी बर्दाश्त नहीं करेंगे, इसलिए जिला प्रशासन दोनों ज्ञापनों पर समझदारी से फैसला ले.

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क्या कहती है भोज उत्सव समिति?

भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने कहा है कि 23 जनवरी को बसंत पंचमी के मौके पर सरस्वती पूजा होती है और सूर्योदय होते ही पूजा शुरू हो जाती है, जिसके बाद शाम तक धार्मिक कार्यक्रम चलते रहते हैं. क्योंकि धार भोजशाला हिंदुओं के लिए पवित्र है, इसलिए वहां भी बसंत पंचमी पर कार्यक्रम होंगे, लेकिन अगर ऐसा नहीं होने दिया जाता है तो विरोध प्रदर्शन करेंगे. किसी भी समय किसी भी हालत में भोजशाला परिसर खाली नहीं करेंगे. पहले भी खाली नहीं किया था और अब भी खाली नहीं करेंगे.

टकराव को लेकर प्रशासन अलर्ट

ऐसे में 23 जनवरी को धार भोजशाला में बसंत पंचमी की पूजा और जुमे की नमाज को लेकर टकराव होने के आसार हैं. इसलिए पुलिस विभाग और जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड में है. इंदौर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) अनुराग ने मंगलवार को धार भोजशाला जाकर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया. सांप्रदायिक तनाव से बचने की अपील की. दोनों समुदायों के लोगों से शांति और आपसी सद्भाव बनाए रखने की भी अपील की. उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम में अधिकारियों के साथ बैठक करके जरूरी दिशा-निर्देश भी दिए.

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धार में कैसी रहेगी सिक्योरिटी?

बता दें कि 23 जनवरी को धार भोजशाला हाई अलर्ट पर रहेगी. बसंत पंचमी और जुमे की नमाज के लिए करीब 8000 पुलिस जवान और पैरामिलिट्री फोर्स के जवान तैनात किए जाएंगे. CRPF और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान भी तैनात होंगे. 23 जनवरी को पूरा दिन शहर में पेट्रोलिंग की जाएगी और हर कोने की निगरानी CCTV कैमरों से की जाएगी. संवेदनशील इलाकों में और सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी. शांति भंग करने की कोशिश करने वाले किसी भी व्यक्ति को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.

2016 में भी हुआ था धार में विवाद

बता दें कि 11वीं सदी के स्मारक को मुस्लिम समुदाय के लोग कमाल मौला मस्जिद कहते हैं, लेकिन हिंदू समुदाय के लोग इसे देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर कहते हैं. साल 2016 में 12 फरवरी को भी बसंत पंचमी और जुमे की नमाज का दिन पड़ा था. उस दिन भोजशाला में धार्मिक कार्यक्रम करने के लिए दोनों गुट आपस में भिड़ गए थे. विरोध प्रदर्शनों के साथ हिंसक झड़पें हुई थीं. जुलाई 2024 में ASI ने विवादित भोजशाला-मस्जिद परिसर का सर्वे करके रिपोर्ट मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच को सौंपी थी.

First published on: Jan 14, 2026 02:17 PM

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