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‘भारत के निर्माण का स्वर्णिम अध्याय’, PM मोदी के सफल 12 वर्षीय कार्यकाल पर CM मोहन यादव ने लिखा स्पेशल ब्लॉग

सीएम मोहन यादव ने लिखा कि इक्कीसवीं सदी के तीसरे दशक में मोदी सरकार ने विकसित भारत को राष्ट्रीय संकल्प के रूप में प्रस्तुत किया. यह संकल्प केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है.

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भारत के इतिहास में नरेन्द्र मोदी का लगातार 3 बार प्रधानमंत्री बनना देश के लिये महत्वपूर्ण उपलब्धि है. लगातार 3 बार सत्ता में आना मोदी की कार्यप्रणाली, सभी को साथ लेकर चलना और देश को सुरक्षा देने के साथ आर्थिक रूप से मजबूत बनाना ही उनकी विशेषता रही है. यशस्वी प्रधानमंत्री की इन्हीं विशेष खूबियों ने नये भारत के निर्माण का स्वर्णिम अध्याय लिखा है.

यशस्वी नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2014 में जब प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, तब देश की जनता ने केवल एक सरकार नहीं चुनी थी, बल्कि शासन की एक नई कार्यशैली और राजनीतिक संस्कृति की अपेक्षा भी व्यक्त की थी. बारह वर्ष बाद इस यात्रा को केवल योजनाओं, आंकड़ों और उपलब्धियों के आधार पर नहीं, बल्कि उस व्यापक दृष्टिकोण के आधार पर समझना अधिक उचित होगा, जिसने शासन की सोच को प्रभावित किया. यदि इन बारह वर्षों को तीन शब्दों में समेटना हो, तो वे शब्द होंगे— सेवा, सुशासन और संकल्प.

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प्रधानमंत्री की सोच में सेवा का अर्थ केवल कल्याणकारी योजनाएं चलाना नहीं रहा, बल्कि सेवा का अर्थ शासन स्वयं को जनता का संरक्षक और सेवक के रूप में हैं. इस दृष्टि से पिछले बारह वर्षों में शासन की प्राथमिकताओं में अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की उन्होंने चिंता की है. गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग को केवल वोट बैंक के रूप में नहीं, बल्कि विकास प्रक्रिया को केंद्र में रखने की कोशिश की जो सफलता के शिखर तक जा पहुंची. यही सोच पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद में भी दिखाई देती है. मोदी की सरकार ने बार-बार यह संदेश दिया है कि विकास का वास्तविक अर्थ तब है, जब उसका लाभ समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति तक पहुंचे.

प्रधानमंत्री की प्रमुखता में सुशासन एक प्रमुख केन्द्र बना. सुशासन का अर्थ सरकार को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बनाना है. डिजिटल तकनीक का उपयोग इसी दर्शन का हिस्सा था. तकनीक को केवल आधुनिकता का प्रतीक नहीं, बल्कि सुशासन का माध्यम माना गया. शासन और नागरिक के बीच की दूरी कम करने, प्रक्रियाओं को सरल बनाने तथा निर्णयों को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किये गये जो लगातार जारी हैं. इसका मूल ध्येय यह है कि आम नागरिक को सरल और सहज तरीके से उसके अधिकार मिलें और योजनाओं का लाभ सहजता से मिल सके.

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मुझे यह बताते हुये खुशी है कि मोदी देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो लोकतंत्र में संवाद को आवश्यक मानते हैं. उनका समय-समय पर अलग-अलग वर्गों से सीधा संवाद करना और उन्हें मार्गदर्शन देना अदभुत है. वे युवाओं के लिये अभिभावक की भूमिका भी निभाते हैं. छात्र-छात्राओं को परीक्षा के समय आत्म मजबूत करने के लिये परीक्षा पर चर्चा जैसे विषयों पर उनका संवाद लगातार जारी रहता है. इसी क्रम में उनकी मन की बात कार्यक्रम को पूरा देश बड़े आत्मीय तरीके से आत्मसात करता है. यही हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री की विशेषता है.

हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार की कार्यशैली में यह स्पष्ट दिखाई दिया देता है कि बड़े निर्णयों से बचने के बजाय उन्हें समाधान तक कैसे पहुंचाया जाए? दरअसल, इसे ही निर्णायक नेतृत्व कहते हैं. यह निर्विवाद है कि निर्णय लेने की क्षमता इस शासनकाल की प्रमुख पहचान रही है.

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इक्कीसवीं सदी के तीसरे दशक में मोदी सरकार ने विकसित भारत को राष्ट्रीय संकल्प के रूप में प्रस्तुत किया. यह संकल्प केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं है. इसके भीतर आत्मविश्वास, आत्मनिर्भरता और राष्ट्रीय गौरव की भावना भी जुड़ी हुई है. पिछले बारह वर्षों में बार-बार यह संदेश दिया गया कि भारत को केवल विकासशील राष्ट्र के रूप में संतुष्ट नहीं होना चाहिए, बल्कि उसे विश्व की अग्रणी शक्तियों में स्थान प्राप्त करना चाहिए. यह दृष्टिकोण भारतीय समाज में एक नए आत्मविश्वास का निर्माण करता है.

यशस्वी प्रधानमंत्री मोदी से प्रेरणा लेकर हमने भी विकसित मध्यप्रदेश का सपना देखा. यह बताते हुए मन भाव-विभोर है कि मोदी का हर कदम पर हर निर्णय पर मार्गदर्शन, स्नेह और आशीर्वाद मिला. चाहे वर्षों से लंबित केन-बेतवा और पार्वती -कालीसिंध -चंबल लिंक परियोजना हो या पीएम मित्र पार्क, उन्होंने आगे बढकर परेशानियों को दूर किया. उनके जैसा नेतृत्व दुर्लभ है. हाल ही में देश के सात राज्यों में पीएम मित्र पार्क बनाने का निर्णय हुआ, तो उस सूची में मध्यप्रदेश को भी रखा गया. यह अति प्रसन्नता का विषय है कि अब तक सिर्फ मध्यप्रदेश में ही पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन हुआ है और यह गौरव का विषय रहा कि धार में पार्क के भूमिपूजन में प्रधानमंत्री शामिल हुए. यह सब मध्यप्रदेश से उनके विशेष लगाव का परिणाम ही है.

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First published on: Jun 10, 2026 01:58 PM

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About the Author

Akarsh Shukla

आकर्ष शुक्ला (Akarsh Shukla) एक अनुभवी पत्रकार हैं, जो पिछले 12 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वर्तमान में वो News 24 Digital टीम को शिफ्ट हेड के तौर पर लीड कर रहे हैं। आकर्ष शुक्ला ने India.com (ZEE Media), 'नवोदय टाइम्स' (पंजाब केसरी ग्रुप), 'ओपेरा न्यूज' और 'वनइंडिया' (डेली हंट) जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करके अपनी व्यापक पत्रकारिता क्षमता का परिचय दिया। उनकी विशेषज्ञता प्रिंट, डिजिटल मीडिया (वेबसाइट) और मोबाइल ऐप्स के माध्यम से खबरों को सजीव और प्रभावी रूप में पेश करने में है। देश-दुनिया की महत्वपूर्ण खबरों के साथ-साथ आकर्ष को मनोरंजन, लाइफस्टाइल, ट्रेंडिंग और खेल जगत की खबरों का भी बखूबी अनुभव है। आकर्ष शुक्ला, पत्रकारिता को सिर्फ एक पेशा नहीं, बल्कि समाज की आवाज और जनसंवाद का एक सशक्त माध्यम मानते हैं।

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