Thursday, September 29, 2022
- विज्ञापन -

Latest Posts

Kuno National Park: हर बार बच गया ये किस्मत वाला बलि का बकरा, अब चीते करेंगे शिकार

तेंदुओं को पकड़ने और बाहर निकालने के लिए जिस बकरे को चारा बनाया गया, वह अब भी जिंदा है। कहा जा रहा है कि अब यही बकरा चीतों का शिकार बनेगा।

नई दिल्ली: मध्यप्रदेश के श्योपुर के पास स्थित कूनो नेशनल पार्क में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नामीबिया से लाए गए 8 चीते छोड़े। अब ये चीते जल्द ही कूनो नेशनल पार्क के सदस्य बन जाएंगे। कूनो में 5 मादा और 3 नर चीते आए हैं। इन चीतों से भारत में इस वन्यजीव का कुनबा बढ़ाने की भी तैयारी है।

कूनो में इससे पहले छह तेंदुए थे। इन चीतों को तेंदुओं से खतरा हो सकता था। इस वजह से उन्हें वहां से निकाल लिया गया है, लेकिन खास बात यह है कि तेंदुओं को पकड़ने और बाहर निकालने के लिए जिस बकरे को चारा बनाया गया, वह अब भी जिंदा है। कहा जा रहा है कि अब यही बकरा चीतों का शिकार बनेगा।

12 वर्ग किमी के बाड़े में रखा जाएगा
जानकारी के अनुसार, चीतों को 12 वर्ग किमी के बाड़े में रखा जाएगा। इस बाड़े में तेंदुए रहते थे। 15 अगस्त को आने वाले चीतों के आगमन को टाल दिया गया था। इसी दौरान वन विभाग को इन 6 तेंदुओं को पकड़ने और बाहर निकालने का वक्त मिल गया। कूनो के इन 6 तेंदुओं को एक-एक कर पकड़ा गया। अलग-अलग जगहों पर लगाए गए पिंजरों में चारे के तौर पर एक बकरा समेत अन्य जानवरों को बांधा गया। हालांकि पूरे अगस्त तक तेंदुएं वन विभाग के अफसरों को परेशान करते रहे। उसके बाद वे जैसे-तैसे कब्जे में आए और उन्हें दूसरे जंगलों में छोड़ दिया गया।

20 बार बांधा गया
तेंदुए के शिकार के लिए लाया गया एक बकरा ऐसा भी है जिसे एक बार नहीं बल्कि 20 बार बांधा गया, लेकिन हर बार उसकी किस्मत अच्छी रही और वह बच गया। वह छह में से किसी भी तेंदुएं का शिकार नहीं बन सका। आज भी यह मजे से जंगल में घास चरते देखा जा रहा है। यह वही बलि का बकरा है, जो वह हर बार बचता रहा। वन विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि अब यह 12 वर्ग किमी का क्षेत्र पूरी तरह से तेंदुआ मुक्त कर दिया गया है। इस वजह से अब इसे चीते अपना शिकार बना सकते हैं।

Latest Posts

- विज्ञापन -
- विज्ञापन -
- विज्ञापन -
- विज्ञापन -