सोनम वांगचुक की अपील पर देवेंद्र महतो ने तोड़ा आमरण अनशन, बोले- छात्रों की लड़ाई जारी रहेगी
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ भूख हड़ताल पर बैठे देवेंद्र महतो ने सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक से लाइव बातचीत के बाद अपना अनशन खत्म कर दिया है. हालांकि उन्होंने साफ किया कि छात्रों की मांगों को लेकर आंदोलन पहले की तरह जारी रहेगा.
Edited By : Versha Singh|Updated: Aug 5, 2026 12:31
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झारखंड की राजधानी रांची स्थित जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी और जेएसएससी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के विरोध में जारी छात्र आंदोलन में एक नया मोड़ सामने आया है. आंदोलन का नेतृत्व कर रहे जेएलकेएम के केंद्रीय उपाध्यक्ष देवेंद्र नाथ महतो पिछले कई दिनों से आमरण अनशन पर हैं. उन्होंने पहले घोषणा की थी कि वह अपना अनशन तभी खत्म करेंगे, जब सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक खुद रांची पहुंचकर उनसे मुलाकात करेंगे.
इसी बीच सोनम वांगचुक ने फोन पर देवेंद्र महतो से बातचीत की. उन्होंने महतो से अपील की कि आंदोलन जारी रखते हुए भी अपनी सेहत को प्राथमिकता दें और कम से कम शहद और पानी का सेवन करें. वांगचुक के आग्रह के बाद देवेंद्र महतो ने पानी ग्रहण करने पर सहमति जताई और पानी पीकर अपना अनशन खत्म किया. हालांकि इस दौरान उन्होंने साफ संदेश दिया कि ये आंदोलन खत्म नहीं हुआ है और छात्रों की मांगों को लेकर संघर्ष आगे भी जारी रहेगा. बता दें कि रांची में छात्रों का यह आंदोलन मंगलवार को 12वें दिन भी जारी है.
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सोनम वांगचुक ने महतो से की फोन पर बात
फोन पर हुई बातचीत में देवेंद्र महतो ने कहा कि वह सोनम वांगचुक का बहुत सम्मान करते हैं और चाहते हैं कि वे रांची आकर आंदोलनरत छात्रों का हौसला बढ़ाएं. उन्होंने अपनी इच्छा भी जाहिर की कि वांगचुक की मौजूदगी में ही वह औपचारिक रूप से अपना अनशन खत्म करें. इस पर सोनम वांगचुक ने भरोसा दिलाया कि वह आंदोलन के समर्थन में रांची आने का प्रयास करेंगे. साथ ही उन्होंने महतो को समझाया कि यदि वह पानी और नमक का भी सेवन नहीं करेंगे, तो लंबे समय तक स्वास्थ्य के लिहाज से अनशन जारी रखना मुश्किल हो जाएगा.
रांची में पिछले कई दिनों से छात्र और अभ्यर्थी झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं. इसी आंदोलन के समर्थन में देवेंद्र महतो आमरण अनशन पर बैठे थे. आंदोलनकारियों का कहना है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में सरकार को कड़े कदम उठाने चाहिए.
बातचीत के बाद देवेंद्र महतो ने कहा कि अनशन का मकसद खुद को नुकसान पहुंचाना नहीं बल्कि नींद में सो रही सरकार को जगाना है और वह आंदोलन की भावना का सम्मान करते हुए अपना अनशन खत्म कर रहे हैं, लेकिन उनकी और छात्रों की मूल मांगें अब भी बरकरार हैं. उन्होंने कहा कि यह फैसला आंदोलन को कमजोर करने के लिए नहीं, बल्कि उसे अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है. उन्होंने सभी प्रदर्शनकारियों से संयम बनाए रखने और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी लड़ाई जारी रखने की अपील भी की.
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इस बीच झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी छात्र आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि सरकार युवाओं की चिंताओं को गंभीरता से ले रही है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि पूरे मामले की जांच के बाद उचित फैसला लिया जाएगा, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को न्याय मिल सके. हालांकि आंदोलनकारी संगठन सरकार से केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
कौन हैं देवेंद्र महतो?
देवेंद्र नाथ महतो झारखंड की राजधानी रांची के एक गांव के रहने वाले हैं. उन्होंने अपनी शुरुआती पढ़ाई बुंडू से की और इसके बाद डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय, रांची से उच्च शिक्षा प्राप्त की. वे संस्कृत, कुरमाली और अन्य जनजातीय व क्षेत्रीय भाषाओं में पोस्ट ग्रेजुएट हैं. इसके अलावा उन्होंने हजारीबाग से बीएड की डिग्री भी हासिल की है.
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देवेंद्र महतो साल 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में तमाड़ सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ चुके हैं. वे साल 2015 से छात्र आंदोलनों में सक्रिय हैं. छठी जेपीएससी परीक्षा में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ हुए आंदोलन के दौरान उनकी मां का निधन हो गया था. इस आंदोलन को कॉकरोच जनता पार्टी ने भी अपना समर्थन देने की घोषणा की है.