Hemant Soren PMLA Case: झारखंड हाई कोर्ट से सीएम हेमंत सोरेन को राहत नहीं मिली है. अदालत ने जमीन से संबंधित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में सुनवाई पर रोक लगाने की मांग को खारिज कर दिया है. अदालत डिस्चार्ज याचिका खारिज करने पर 14 अक्टूबर 2026 को सुनवाई करेगी. शनिवार यानी 19 सितंबर को निचली अदालत में आरोप गठन पर सुनवाई है. बता दें कि यह पूरा विवाद रांची के बड़गाईं अंचल में 8.86 एकड़ जमीन के कथित अवैध अधिग्रहण और दस्तावेजों में हेरफेर से जुड़ा है.
क्या थी सीएम सोरेन की अर्जी?
इंटेरियम एप्लिकेशन के जरिए सीएम सोरेन ने पीएमएलए कोर्ट की कार्रवाई पर रोक लगाने की अपील की थी, जो इस मामले में आरोप तय करने के स्टेज पर है. इस साल जून में रांची की स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट के सबमिशन के आधार पर सोरेन के खिलाफ पहली नजर में केस बनने का फैसला सुनाया था और उनकी डिस्चार्ज अर्जी खारिज कर दी थी. उनकी अर्जी खारिज होने के बाद सीएमके कल पीएमएलए कोर्ट में पेश होने की उम्मीद है.
क्या है पूरा मामला?
16 सितंबर 2026 को दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद झारखंड हाईकोर्ट ने अपना ऑर्डर सुरक्षित रख लिया था. शुक्रवार को दिए गए फैसले में उनकी अर्जी खारिज कर दी गई. ये मामला रांची के बारगेन इलाके में 8.86 एकड़ जमीन के कथित गैर-कानूनी अधिग्रहण और ट्रांसफर से जुड़ा है. एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट जमीन के लेन-देन से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रहा है.
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ईडी के मुताबिक जमीन के ट्रांसफर के को लेकर कथित तौर पर जाली डॉक्यूमेंट्स और दूसरे गलत तरीकों का इस्तेमाल किया गया था. लोअर कोर्ट में अपनी डिस्चार्ज एप्लीकेशन में हेमंत सोरेन ने आरोपों से इनकार किया था, और कहा था कि उनके खिलाफ कोई सीधे सबूत नहीं हैं. बचाव पक्ष ने ईडी की तरफ दिए गए कुछ बयानों और हालात के सबूतों पर भी सवाल उठाए थे.
हालांकि ईडी ने तर्क दिया कि जांच के दौरान इकट्ठा किए गए डॉक्यूमेंट्स, गवाहों के बयान और हालात के सबूतों से पहली नजर में मामला बनता है. एजेंसी ने कहा कि आरोप तय करने के स्टेज पर सबूतों की डिटेल में जांच की जरूरत नहीं है और इसके बजाय ट्रायल के दौरान की जानी चाहिए. 8 जून को, स्पेशल पीएमएलए कोर्ट ने हेमंत सोरेन की डिस्चार्ज पिटीशन को ये कहते हुए खारिज कर दिया कि रिकॉर्ड में मौजूद मटीरियल पहली नजर में केस बनाने के लिए काफी है. कोर्ट ने यह भी साफ किया कि वह उस स्टेज पर दोष तय नहीं कर रहा था.
स्पेशल पीएमएलए कोर्ट पहले ही इस मामले में कई दूसरे आरोपियों के खिलाफ आरोप तय कर चुका है, जिसमें अंतू तिर्की और आर्किटेक्ट विनोद कुमार सिंह शामिल हैं. शुक्रवार को हाईकोर्ट के दखल देने से इनकार करने के बाद, हेमंत सोरेन के खिलाफ आरोप तय करने का प्रोसेस भी आगे बढ़ने की उम्मीद है. ED ने सीएम सोरेन समेत करीब 18 आरोपियों के खिलाफ प्रॉसिक्यूशन कंप्लेंट फाइल की है.