Unique Wedding in Himachal: भारतीय समाज में यूं तो शादियां पारंपरिक तरीके से रीति रिवाज के साथ की जाती हैं, लेकिन आजकल के युवाओं में रस्में और रिवाज निभाने के साथ-साथ शादी को यादगार बनाने का क्रेज भी रहता है. इसलिए आजकल पारंपरिक शादी के अलावा कई तरह की अजीबोगरीब शादियां भी देखने को मिलती हैं, लेकिन हम आपको एक ऐसी शादी के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे देखकर कहेंगे, शादी करने का जुनून हो तो ऐसा. इस शादी के वीडियो भी सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं.
3-4 फीट बर्फ के बीच 7 किमी पैदल चले दूल्हा-दुल्हन, सराज घाटी की अनोखी शादी बनी मिसाल।
हिमाचल में भारी बर्फबारी के बावजूद नहीं टली शादी, दूल्हा गितेश ठाकुर पैदल बारात लेकर पहुंचा, दुल्हन उषा ठाकुर भी पैदल गई ससुराल।#HimachalPradesh pic.twitter.com/GZzjaE7QcJ---विज्ञापन---— Gems of Himachal (@GemsHimachal) January 26, 2026
बर्फबारी के कारण ब्लॉक हो गई थीं सड़कें
हिमाचल प्रदेश में आजकल भारी बर्फबारी हो रही है और शादियों का सीजन भी चल रहा है तो इस बीच मंडी जिले के सिराज शहर में भारी बर्फबारी के बीच अनोखी शादी देखने को मिली. 3 से 4 फीट तक बर्फ जमी है और सड़कें बंद हैं तो गाड़ियां नहीं जा सकती थीं, लेकिन गितेश ठाकुर को तय तारीख पर ही शादी करनी थी, इसलिए वह 7 किलोमीटर पैदल चलकर अपनी बारात लेकर दुल्हन उषा ठाकुर के गांव पहुंचा. बर्फबारी के कारण बिजली ठप थी तो अंधेरे में ही शादी की रस्में निभाईं और फिर ऊषा भी पैदल ही अपनी ससुराल पहुंची.
टालने की बजाय पैदल जाने का लिया फैसला
शादी ओली पंचायत के बुनालीघार गांव के रहने वाले गितेश ठाकुर की थी. बारात भैचड़ी गांव जानी थी, लेकिन भारी बर्फबारी शुरू हो गई, जो देर रात तक जारी रही, जिस वजह से सड़कें ब्लॉक हो गईं, लेकिन गितेश ठाकुर ने शादी टालने के बजाय पैदल ही बारात ले जाने का फैसला किया. भैचड़ी गांव जाकर 3 से 4 फीट बर्फ के बीच ही शादी की सभी रस्में पूरी की. बाराती भी बर्फबारी के बीच ही हंसते-गाते हुए एक दूसरे को रास्ता दिखाते हुए गितेश के साथ चले. शादी के बाद 25 जनवरी की सुबह करीब सवा 7 बजे दुल्हन उषा ठाकुर की विदाई हुई.
#wedding #HimachalPradesh pic.twitter.com/8hwGcZwGsd
— Khushbu Goyal (@kgoyal466) January 26, 2026
दुल्हन ऊषा पैदल 7KM चलकर पहुंची ससुराल
दूल्हा-दुल्हन और कुछ बारातियों ने 2 घंटे की खड़ी चढ़ाई चढ़ी और फिर करीब 4 घंटे पैदल सफर करके सुबह करीब 11 बजे बुनालीघार अपने घर पहुंचे. भारी बर्फबारी के कारण चलते रास्तों और पगडंडियों पर बर्फ की मोटी परत जमी हुई थी. ऐसे हालात में पालकी उठाना जोखिम भरा था, इसलिए बिना पालकी के ही दूल्हा-दुल्हन को पैदल लाया गया. पूरी शादी बेहद सादगी से संपन्न हुई, लेकिन हालात के कारण यह शादी जीवनभर याद रहने वाली बन गई. शादी अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है और सोशल मीडिया पर भी इसके वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं.










