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भारत पर 50% टैरिफ से बढ़ी सूरत के कारोबारियों की टेंशन, लाखों नौकरियों पर मंडराया खतरा

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ का सीधा असर अब भारत के हीरा और टेक्सटाइल इंडस्ट्री पर हो रहा है। इसमें गुजरात का सूरत, जो दुनिया का डायमंड हब माना जाता है। वहां हजारों लोगों की जॉब खतरे में है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ का सीधा असर अब भारत के हीरा और टेक्सटाइल उद्योग पर पड़ रहा है। खासकर सूरत, जो दुनिया का डायमंड हब माना जाता है। वहां हजारों कामगारों की नौकरियां खतरे में हैं। अमेरिका ने भारत से आने वाले हीरे और ज्वेलरी पर 50% टैरिफ लागू कर दिया है। इससे सूरत का हीरा उद्योग गहरे संकट में है। गौरतलब है कि सूरत का करीब 30% बिजनेस अमेरिका से जुड़ा हुआ है। हीरे के छोटे कारखानों को इसका सबसे ज्यादा नुकसान होगा और मंदी के दौर से गुजर रहे उद्योग को यह एक और बड़ा झटका साबित होगा। सबसे पहले से ही काम की कमी से जूझ रहे रत्नकला कारों को अब रोजगार खोने का डर सता रहा है।

सूरत के चेंबर ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष निखिल मद्रासी ने बताया कि अब उद्योगों को अन्य देशों में नए विकल्प तलाशने होंगे। इसी दिशा में ज़िम्बाब्वे को एक संभावित विकल्प मानते हुए स्पेशल प्रोग्राम भी आयोजित किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि टैरिफ बढ़ने से डायमंड उद्योग में रोजगार का संकट गहरा सकता है। इसे संतुलित करने के लिए जल्द ही नए बाजार खड़े करने और इंटरनेशनल लेवल पर डायमंड और टेक्सटाइल के व्यापार को बढ़ावा देना समय की मांग है।

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सरकार से राहत पैकेज की मांग

हीरा और ज्वेलरी निर्यात में संकट को देखते हुए जेम एंड ज्वेलरी काउंसिल ऑफ इंडिया (GJEPC) ने सरकार से तात्कालिक राहत पैकेज की मांग की है। इस संकट से केवल डायमंड-ज़वेरात उद्योग में 50 हजार नौकरियां खतरे में आ गई है। वहीं, टेक्सटाइल उद्योग को भी झटका लगा है। टेक्सटाइल मार्केट में अमेरिकी बायर्स ने 50% तक ऑर्डर कम कर दिए हैं, जिसके लगते एक अनुमान के मुताबिक 40 हजार करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान मार्केट को उठाना पड़ सकता है। भारत की तुलना में चीन, पाकिस्तान, तुर्की और वियतनाम पर अमेरिका का टैरिफ बहुत कम है। ऐसे में वैश्विक बाजार में भारत की प्रतिस्पर्धात्मक घटने की आशंका है।

लाखों परिवारों पर होगा असर

टेक्सटाइल उद्योगपति अशोक जीरावाला के मुताबिक, टेरफ का सीधा असर देश के टेक्सटाइल उद्योग पर पड़ रहा है। सबसे ज्यादा असर दक्षिण भारत के तिरुपुर में देखा जाएगा। तिरुपुर से हर साल करीब 12 हजार करोड़ रुपये का गारमेंट व्यापार होता है, जिस पर अब बड़ा संकट मंडरा रहा है। गारमेंट, परदे, बेडशीट और यार्न जैसे उत्पादों का अमेरिका में एक्सपोर्ट होता है और अब इन सभी प्रोडक्ट्स की कीमतें 50 प्रतिशत तक बढ़ जाएंगी। अमेरिका का यह फैसला न केवल सूरत बल्कि पूरे देश के हीरा और कपड़ा उद्योग के लिए गहरा संकट बनकर आया है। अगर जल्दी कोई राहत नहीं मिली तो लाखों परिवारों की आजीविका पर असर पड़ सकता है।

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ये भी पढ़ें- भारत पर लगा टैरिफ… अमेरिका में मची हलचल, ट्रंप को अपने ही फैसले से हो रहा भारी नुकसान

First published on: Aug 28, 2025 05:57 PM

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