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Rajkot Fire: वीकेंड पर मस्ती करने पहुंचे थे गेम जोन, राख में बदल गए कई परिवारों के अरमान

Rajkot Fire: राजकोट के TRP गेमजोन में आग कैसे लगी? इस गेमजोन में गेम खेलने और मस्ती करने आए एक लोकल व्यक्ति ने बताया कि आग कैसे और कितने बजे लगी. जानिए इस दर्दनाक हादसे की आंखों-देखी दास्तान, उस व्यक्ति की जुबानी...

Rajkot Fire: राजकोट के TRP गेम जोन की घटना ने पूरे देश को दहला दिया है। सैटरडे की मौजमस्ती देखते ही देखते मातम में बदल गई। गेम जोन की दर्दनाक घटना को अपनी आखों के सामने होता हुआ देखने वाली एक स्थानीय व्यक्ति ने बताया कि एक हल्की-सी और मामूली धमाके के साथ देखते-देखते पूरा गेम जोन जलता हुआ श्मशान बन गया। उसने कहा कि जब आग लगी तो हर तरह अफरा-तफरी मच गई, लोग चीख रहे थे। उसने कहा, ‘आग से बचने के लिए मैंने ऊपर जाने की बहुत कोशिश की, लेकिन वहां तक पहुंच नहीं पाया।’

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30 सेकेंड खाक हो गया गेम जोन

उसने कहा, ‘मेरे सामने पांच से ज्यादा लोग थे, जिनमें एक आंटी के दो लड़के और उनके पति भी शामिल थे। अंदर में पता नहीं और कितने लोग अंदर थे। केवल 30 सेकेंड में आग पूरे गेम जोन में फैल गई।’ उसने बताया कि वहां पेट्रोल-डीजल के कंटेनर भी थे, जिन्हें दूसरे लोग वहां से हटाने लगे। पीछे की ओर गैस की बॉटल भी रखी थीं। उसने बताया, ‘ये गेम जोन दो मंजिल की थीं। मैंने मेन गेट के ऊपर सीढियों से जाने की कोशिश की, लेकिन यह तरीका काम नहीं आया। गेम जोन की हर दिशा में बस धुएं के गुबार उड़ रहे थे। ऊपर एक आंटी और उनके लड़के फंसे हुए थे, हमने तुरंत उन्हें वहां से निकाला।’

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इतने बजे हुआ हादसा

उसने कहा, ‘हम अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। आग करीब साढ़े पांच बजे लगी। हम भी यहां गेम खेलने और मस्ती करने आए थे। हम क्यू में अपनी बारी का इंतजार करने लगे। हमारे बाकी दोस्त अभी भी थोड़ी देर में यहां पहुंचने वाले थे। पीछे कुछ प्लाईवुड थी और रिनोवेशन का काम चल रहा था। साथ ही, वह रास्ता डायवर्ट कर दी गई थी। जहां पहले एंट्री गेट था, वहां भी रेनोवेशन का काम चल रहा था, इसलिए इसके लिए पहले ही एक नया रास्ता दिया गया था। जब हमने देखा तो उसमें आग लगी हुई है, तो हमने आग बुझाने का प्रयास किया गया लेकिन आग पर काबू नहीं पाया जा रहा था। हम इससे पहले यहां केवल एक या दो बार ही आए थे।’

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First published on: May 25, 2024 09:46 PM

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About the Author

Shyamnandan

साल 2006 में 'सिविल सर्विसेज क्रॉनिकल' मैगजीन से बतौर सब-एडीटर जर्नलिज्म की दुनिया में एंट्री करने वाले श्यामनंदन को लगभग 20 वर्षों का कार्यानुभव है। बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) के स्टूडेंट रहे ये हमेशा से एक्सपेरिमेंटल रहे हैं। डिजिटल दुनिया में इनकी पैठ साल 2009 में मोबाइल वैस (Mobile VAS) कंटेंट से हुई। हिंदुस्तान टाइम्स (HT Media), इंडिकस एनालिटिक्स की लाइव मोबाइल (LiveMobile), इंस्टामेज जैसी कंपनियों में मोबाइल प्लेटफॉर्म के लिए काम करते-समझते और जल्द ही कई पायदान लांघते हुए प्रोडक्ट मैनेजर बने। मोबाइल प्लेटफॉर्म की समझ ने इनके एनडीटीवी (NDTV) में जाने का रास्ता आसान बनाया। इनके खाते में एनडीटीवी (NDTV) की 'आस्था' और 'जॉब अलर्ट्स' पेज लॉन्च करने का श्रेय दर्ज है। यहीं से इनकी वास्तविक ऑनलाइन जर्नलिज्म शुरू हुई। इंटरनेशनल रिलेशंस, जियो-पॉलिटिक्स, एनवायरनमेंट, साइंस टेक, एजुकेशन, हेल्थ, लाइफस्टाइल, फैशन और व्यंजन-रेसपी पर काफी लिखने के बाद ये 'धर्म और ज्योतिष' कंटेंट में रम गए। इस विषय को और गहराई से समझने और प्रस्तुत करने लिए इन्होंने भारतीय विद्या भवन (BVB), नई दिल्ली से एस्ट्रोलॉजी का कोर्स कंप्लीट किया। वर्तमान में News24 में धर्म और ज्योतिष सेक्शन के लिए अपनी सेवाएं दे रहे श्यामनंदन, बंसल न्यूज (भोपाल) के 'वेबसाईट हेड' भी रह चुके हैं। इनकी एक बड़ी खासियत है, रणनीति और योजना के साथ आगे बढ़ना। इनको YouTube और Facebook के लिए कंटेंट क्रिएशन और कंटेंट प्रमोशन के साथ-साथ SEO, SMO और SMM की अच्छी समझ है। जहां तक हॉबी की बात है, इनको पटकथा (Screenplay) और गजल लिखने, फिल्म देखने, खाना बनाने और पेंटिंग में विशेष रूचि है। संपर्क करें: 📧 Email: shyam.nandan@bagconvergence.in 🔗 LinkedIn: https://www.linkedin.com/in/shyamnandan-kumar/ 🐦 Twitter/X: @Shyamnandan_K

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