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साइबर पुलिस खुद ही बन गई ठगी का शिकार, EMail ID हैक, बैंकों के साथ होने वाला था बड़ा कांड!

गुजरात के जूनागढ़ में साइबर दुनिया से जुड़ी एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। एक शातिर हैकर ने खुद को साइबर पुलिस अधिकारी बताकर लाखों रुपये उड़ाने की साजिश रच डाली। उसने फर्जी ईमेल भेजकर बैंकों को धोखा देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने समय रहते उसे पकड़ लिया। आइए जानते हैं पूरा मामला।

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सोचिए वो साइबर पुलिस जो लोग हमें साइबर ठगों से बचाने का काम करती हैं, अगर वही खुद एक साइबर ठगी का शिकार हो जाए तो? यह सुनकर हैरानी होगी, लेकिन गुजरात के जूनागढ़ में ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां साइबर पुलिस की खुद की EMail ID हैक कर ली गई। हैकर ने इस EMail का इस्तेमाल करके बैंकों को फर्जी आदेश भेजे और ठगी से जुड़े खातों को दोबारा चालू करवाने की कोशिश की। अब इस मामले ने पूरे पुलिस विभाग को हिला कर रख दिया है। आइए जानते हैं पूरा मामला।

आरोपी ने साइबर पुलिस अधिकारी बनकर किया धोखाधड़ी का प्रयास

पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इस साइबर धोखाधड़ी के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआती जांच में पता चला कि आरोपी टेक्नोलॉजी को यूज करने में काफी चालाक है और उसने पेशेवर तरीके से ईमेल सिस्टम को हैक किया। उसने साइबर पुलिस की पहचान का दुरुपयोग करते हुए कई बैंकों को गुमराह किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी का मकसद इन फ्रीज खातों से पैसे निकालना था। हालांकि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई कर इस बड़े नुकसान को टाल दिया।

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आरोपी के नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस

पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि आरोपी ने अब तक और कितनी बार इस तरह की धोखाधड़ी की है। साथ ही यह भी जांच हो रही है कि क्या इस पूरे मामले में आरोपी अकेला था या उसके साथ कोई अन्य साथी भी जुड़ा हुआ था। पुलिस उन सभी बैंक EMails की भी जांच कर रही है, जिन पर आरोपी ने फर्जी मेल भेजे थे। यह भी संभावना जताई जा रही है कि आरोपी ने इसी तरीके से अन्य राज्यों में भी साइबर अपराध को अंजाम दिया हो।

साइबर सुरक्षा को लेकर अलर्ट पर पुलिस विभाग

जूनागढ़ साइबर पुलिस स्टेशन के अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराधियों से निपटने के लिए अब EMail सिस्टम की सुरक्षा और मजबूत की जा रही है। अधिकारियों ने अन्य विभागों और बैंकों को भी अलर्ट जारी किया है कि अगर किसी संदिग्ध मेल से अनफ्रीजिंग की मांग की जाती है, तो बिना पुष्टि किए कोई कदम न उठाया जाए। यह घटना यह साबित करती है कि अब साइबर अपराधी सरकारी एजेंसियों की पहचान का भी गलत इस्तेमाल करने लगे हैं, जिससे सतर्कता और भी जरूरी हो गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।

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First published on: May 19, 2025 08:11 PM

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