Flood Threat In UP: पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश के कारण उत्तर प्रदेश में बहने वाली लगभग सभी नदियां उफान पर हैं। वाराणसी में गंगा नदी का भी जलस्तर बढ़ता जा रहा है। जानकारी के मुताबिक वाराणसी के सभी 84 घाट गंगाजल से डूब चुके हैं। वाराणसी प्रशासन के मुताबिक यहां गंगा नदी का जल स्तर प्रति घंटे के हिसाब से बढ़ता जा रहा है। वहीं सबसे बड़ी समस्या घाट पर शवों के अंतिम संस्कार में हो रही है। लोगों को अन्य स्थानों पर शवदाह करने पड़ रहे हैं।

विज्ञापन

घाटों का आपस में संपर्क टूटा

गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद काशी के सभी घाटों का आपस में संपर्क टूट गया है। गंगा आरती का स्थान को भी बदल दिया गया है। वहीं हरिश्चचंद्र और मणिकर्णिका घाट पर भी पानी भर गया है। इसके कारण यहां शवदाह होने में काफी दिक्कत आ रही है। सावन मास होने के कारण काशी में बड़ी संख्या में लोग गंगा स्नान के लिए आते हैं, इसलिए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ही स्नान करने की अपील की जा रही है। जानकारी के मुताबिक शुक्रवार सुबह तक गंगा का जल स्तर 65.30 मीटर था। वहीं राजस्थान के कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद उत्तर प्रदेश के आगरा और मध्यप्रदेश में बहने वाली चंबल नदी भी उफन रही है। इसको लेकर वन विभाग समेत सभी संबंधित विभाग अलर्ट मोड पर हैं।

विज्ञापन

https://twitter.com/ANINewsUP/status/1552873612104806400

उत्तराखंड में भारी बारिश का अलर्ट, भूस्खलन से हाईवे बंद

वहीं उत्तराखंड में भी बारिश और भूस्खलन का कहर जारी है। समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक, भारतीय मौसम विभाग ने उत्तराखंड के देहरादून, नैनीताल, टिहरी, पौड़ी, चंपावत और बागेश्वर में अगले चार दिनों के लिए भारी बारिश के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया गया है। इसके बाद शासन की ओर से जिला प्रशासनों को अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उत्तराखंड के बंदरकोट के पास भूस्खलन के कारण गंगोत्री हाईवे बाधित हो गया। प्रशासन की ओर से हाईवे को अस्थाई रूप से बंद कर दिया गया है। हाईवे के दोनों ओर मशीनों द्वारा मलबे को हटाने का काम किया जा रहा है।

विज्ञापन

न्यूज 24 पर पढ़ें देश,राष्ट्रीय समाचार (National News),खेल,मनोरंजन,धर्म,लाइफ़स्टाइल,हेल्थ,शिक्षा से जुड़ी हर खबर। ब्रेकिंग न्यूज और लेटेस्ट अपडेट के लिए News 24 App डाउनलोड कर अपना अनुभव शानदार बनाएं।

First published on:

और पढ़ें: हमारे संपादकीय दिशानिर्देश और मानक यहाँ देखें।

लेख समाप्त
विज्ञापन
होम पेज पर वापस जाएँ