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‘जांच में डाली गई रुकावट…’, DGP ने ममता बनर्जी के लिए तोड़ी मर्यादा, ED का सुप्रीम कोर्ट में बड़ा आरोप

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल सरकार और राज्य के DGP पर गंभीर आरोप लगाए हैं. ED का कहना है कि पुलिस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के फायदे के लिए काम करते हुए जांच में रुकावट डाली और सबूत हटाने में मदद की.

Author Written By: Varsha Sikri Updated: Feb 20, 2026 10:23
ED Alleges DGP Violated Protocols for Mamata Banerjee
Credit: Social Media

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सुप्रीम कोर्ट में पश्चिम बंगाल सरकार और राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारी यानी DGP पर गंभीर आरोप लगाए हैं. ED ने दावा किया है कि राज्य की पुलिस ने संवैधानिक मर्यादाओं को नजरअंदाज करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निजी फायदों के लिए काम किया और केंद्रीय एजेंसी की वैध जांच में बाधा डाली. ED ने अदालत को बताया कि ये मामला चुनावी रणनीति से जुड़ी संस्था I-PAC से संबंधित है. एजेंसी जब I-PAC के दफ्तर और उससे जुड़े लोगों के ठिकानों पर कानूनी छापेमारी कर रही थी, तब पश्चिम बंगाल पुलिस ने जानबूझकर हस्तक्षेप किया. ED के मुताबिक, पुलिस की मौजूदगी में कुछ खास डिजिटल उपकरण और दस्तावेज वहां से हटाए गए, जो जांच के लिए जरूरी थे.

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‘मर्यादा और कानून का उल्लंघन किया’

एजेंसी ने ये भी आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार काम किया. ED का कहना है कि DGP जैसे संवैधानिक पद पर बैठे अधिकारी से निष्पक्षता की उम्मीद होती है, लेकिन इस मामले में उन्होंने मर्यादा और कानून दोनों का उल्लंघन किया. ED ने सुप्रीम कोर्ट में ये भी साफ किया कि ममता सरकार का ये दावा गलत है कि उपकरण सिर्फ सुरक्षा कारणों से हटाए गए थे. एजेंसी के मुताबिक, ये सीधे-सीधे सबूतों से छेड़छाड़ का मामला है, जिससे जांच को नुकसान पहुंचा.

ED ने सुप्रीम कोर्ट से की ये मांग

इस पूरे मामले को लेकर ED ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि इसकी जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपी जाए और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए जाएं. एजेंसी ने कहा कि अगर राज्य की पुलिस ही जांच में बाधा बनेगी, तो निष्पक्ष जांच संभव नहीं है. ED ने ये भी बताया कि इससे पहले ये मामला सुप्रीम कोर्ट और कलकत्ता हाईकोर्ट तक पहुंच चुका है, जहां जांच एजेंसी ने पश्चिम बंगाल सरकार की भूमिका पर सवाल उठाए थे. फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई जारी रखी है और अगली तारीख पर इसपर बहस होगी.

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First published on: Feb 20, 2026 10:20 AM

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