'मैं भागा नहीं, अपने आवास पर ही हूं...', FIR के आदेश पर बोले कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह

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Brijbhushan Sharan Singh

Brijbhushan Sharan Singh: यौन शोषण के आरोपों का सामना कर रहे भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दिल्ली में आज केस दर्ज हो सकता है। वहीं, इस मामले में बृजभूषण सिंह ने कहा, ‘मामला सुप्रीम कोर्ट के समक्ष है। कोर्ट ने आज जो भी फैसला किया है, मैं उसका स्वागत करता हूं। मुझे सुप्रीम कोर्ट के फैसले और पुलिस की जांच प्रक्रिया पर भरोसा है। जांच में जहां भी मेरे सहयोग की आवश्यकता होगी, मैं सहयोग करूंगा।’

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आगे उन्होंने कहा, अब तक तो एफआइआर दर्ज हो गई होगी। मैं हमेशा कानून को मानता आया हूं। मैं भागा नहीं हूं। मैं अपने आवास पर हूं।’

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66 साल के बृजभूषण सिंह पर दर्ज हैं 40 से अधिक केस

6 बार के सांसद 66 वर्षीय बृजभूषण शरण सिंह 2012 से भारतीय कुश्ती महासंघ के प्रमुख हैं। ये यूपी की कैसरगंज लोकसभा सीट से भाजपा सांसद हैं। पहलवानों की तरफ से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में तर्क दिया कि आरोपी बृजभूषण के खिलाफ 40 मामले दर्ज हैं। उन्होंने अदालत में सूची भी उपलब्ध कराने की बात कही।

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बता दें कि सांसद बृजभूषण भी बाबरी विध्वंस केस में आरोपी थे। वे समाजवादी पार्टी में भी रहे। 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बीजेपी के टिकट पर जीत हासिल की थी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, बृजभूषण की हिस्ट्रीशीट के मुताबिक, अयोध्या में कुल 17, फैजाबाद में 12, नवाबगंज में 8 और दिल्ली में एक केस दर्ज किया गया है। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास और यूपी गैंगस्टर्स एक्ट, आर्म्स एक्ट के केस भी शामिल हैं।

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जेल भेजने की मांग कर रहे पहलवान

जंतर-मंतर पर धरना दे रहीं पहलवान विनेश फोगाट ने कहा कि आज कोर्ट का फैसला आया है, लेकिन दिल्ली पुलिस पर हमें भरोसा नहीं है। हम 6 दिनों से बैठे हैं। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई पर ही हमारा अगला कदम होगा। हमारी मांग है कि WFI अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह को जेल में डाला जाए। मेरी प्रधानमंत्री से नैतिकता के आधार पर अपील है कि उन्हें हर एक पद से हटाया जाए। जब तक वे उस पद पर रहेंगे वे उस पद का दुरुपयोग करेंगे और जांच को प्रभावित करेंगे। सुप्रीम कोर्ट पर हमें पूरा भरोसा है।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज कराना जीत की ओर पहला कदम है। पिछले पांच दिनों में, गद्दे, चादरें, पंखे, स्पीकर, माइक्रोफोन, पावर जेन-सेट, पानी, भोजन आदि सहित अस्थायी व्यवस्था पर पांच लाख खर्च किए गए हैं।

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दिल्ली पुलिस ने कहा- आज दर्ज करेंगे एफआईआर

पहलवानों की शिकायत पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। दिल्ली पुलिस ने शीर्ष अदालत को बताया कि एफआईआर आज ही दर्ज की जाएगी। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ ने महिला पहलवानों को सुरक्षा देने का भी निर्देश दिया। अब अगली सुनवाई 5 मई को होगी। सुप्रीम कोर्ट ने शिकायकर्ताओं में से एक नाबालिग की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए एक हलफनामा दायर करने के लिए कहा है। यह भी कहा कि खतरे की आशंका का पर्याप्त आकलन करिए।

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23 अप्रैल को दोबारा जंतर-मंतर लौटे पहलवान

दिल्ली के जंतर-मंतर पर पहलवान विनेश फोगट, बजरंग पुनिया, साक्षी मलिक, रवि दहिया और दीपक पुनिया समेत कई पहलवानों ने 23 अप्रैल से फिर से धरना प्रदर्शन शुरू किया है। इससे पहले जनवरी में पहलवानों ने प्रदर्शन किया था। आरोप है कि भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने यौन शोषण किया है।

जनवरी में खेल मंत्री अनुराग ठाकुर के हस्तक्षेप के बाद पहलवानों ने धरना खत्म कर दिया था। खेल मंत्रालय ने जांच के लिए कमेटी बनाई। लेकिन अभी तक कमेटी की रिपोर्ट नहीं आई है। इससे क्षुब्ध होकर पहलवानों ने दोबारा प्रदर्शन शुरू किया है। दिल्ली पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया तो उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। पहलवानों को कई विपक्षी पार्टियों, खाप पंचायतों और खिलाड़ियों का समर्थन मिल रहा है।

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पहलवानों के विरोध और राजनीति

जनवरी में देश के शीर्ष पहलवानों ने अपने मंच को राजनीतिक मैदान के तौर पर इस्तेमाल किए जाने से इनकार किया था। लेकिन इस बार उन्होंने राजनेताओं का स्वागत किया। आप की आतिशी और सौरभ भारद्वाज धरना स्थल पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को आप सरकार का समर्थन दिया।

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