Saturday, December 3, 2022
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DU के रिटायर्ड प्रोफेसर GN साईबाबा को सुप्रीम कोर्ट से झटका, रिहाई वाले बॉम्बे हाई कोर्ट के आदेश पर लगी रोक

जीएन साईबाबा और अन्य को बरी किए जाने के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को विशेष बैठक की।

GN Saibaba: सुप्रीम कोर्ट ने माओवादी लिंक मामले में दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर जीएन साईबाबा को रिहा करने के बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले को शनिवार को रद्द कर दिया है। बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने शुक्रवार को माओवादी लिंक मामले में साईंबाबा और पांच अन्य को बरी कर दिया था और उनकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया था।

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जीएन साईबाबा और अन्य को बरी किए जाने के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार की याचिका पर सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने शनिवार को विशेष बैठक की। सुप्रीम कोर्ट ने साईंबाबा और अन्य सह-आरोपियों को नोटिस जारी किया और अगली सुनवाई 8 दिसंबर को होगी।

बॉम्बे हाई कोर्ट की नागपुर पीठ ने शुक्रवार को दिल्ली विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर जीएन साईबाबा को माओवादियों से कथित संबंध के एक मामले में बरी कर दिया था। अदालत ने निचली अदालत के उस आदेश को चुनौती देने वाली उसकी अपील को भी स्वीकार कर लिया जिसमें उन्हें दोषी ठहराया गया था और उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।

फडणवीस बोले- सुप्रीम कोर्ट ने हमारी बात सुनी

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में कहा कि आज सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाई कोर्ट के नागपुर बेंच के उस निर्णय को स्थगित कर दिया जिसमें माओवादियों से संबंध रखने वाले प्रोफेसर जी.एन. साईबाबा को बरी कर दिया गया था

फडणवीस ने कहा कि मैंने इस पर बहुत निराशा जताई थी कि टेक्निकल ग्राउंड पर इस प्रकार से समाज और देश विरोधी कार्रवाई करने वाले को छोड़ा जाना सही नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने हमारी बात सुनी। आगे एक कानूनी लड़ाई होगी, उसमे हम सारी बातें कोर्ट के सामने लाएंगे।

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पांच अन्य दोषियों को भी किया था बरी

जस्टिस रोहित देव और न्यायमूर्ति अनिल पानसरे की पीठ ने मामले में पांच अन्य दोषियों की अपील को भी स्वीकार कर लिया और उन्हें बरी कर दिया। इसने दोषियों को जेल से तत्काल रिहा करने का आदेश दिया, जब तक कि वे किसी अन्य मामले में आरोपी न हों।

साईंबाबा फिलहाल नागपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं। उन्हें 2013 में दिल्ली में गिरफ्तार किया गया था। उनके खिलाफ आरोप था कि 2012 में रिवोल्यूशनरी डेमोक्रेटिक फ्रंट (माओवादियों का एक मोर्चा संगठन जो ओडिशा और आंध्र प्रदेश में प्रतिबंधित है) का एक सम्मेलन था जिसमें साईंबाबा ने भाग लिया था।

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