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दिल्ली

दिल्ली में प्रदूषण पर नकेल का असर, 24 घंटे में 61000 PUCC जारी, 3700 वाहनों का हुआ चालान

पेट्रोल पंपों पर कर्मचारियों को साफ निर्देश दिए गए कि बिना वैध PUCC प्रमाण पत्र के किसी भी वाहन को ईंधन न दिया जाए. जमीनी स्तर पर भी इसका असर देखने को मिला और नियमों के पालन में किसी तरह की ढील नहीं दी गई.

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Edited By : Akarsh Shukla Updated: Dec 19, 2025 00:03

राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण पर काबू पान के लिए रेखा गुप्ता सरकार तरह-तरह के कदम उठा रही है. दिल्ली-NCR में GRAP-4 के सख्त नियम लागू होने के बीच सरकार ने ‘NO PUC, NO FUEL’ यानी ‘पॉल्यूशन सर्टिफिकेट नहीं तो तेल नहीं’ पॉलिसी लागू की गई है. इसी के तहत राजधानी की सड़कों पर गुरुवार को बड़े स्तर पर गाड़ियों का पॉल्यूशन सर्टिफिकेट चेक किया गया. प्रदूषण के बीच दिल्ली सरकार की नई पालिसी को देखते हुए जहां एक दिन में 61000 PUCC जारी किए गए, वहीं ट्रैफिक पुलिस ने पॉल्यूशन सर्टिफिकेट ना होने पर 3700 वाहनों का चालान किया.

3700 से ज्यादा वाहनों का हुआ चालान


दिल्ली में जहरीली हवा पर काबू पाने के लिए शुरू किया गया ‘नो पीयूसी, नो फ्यूल’ अभियान ने पहले ही दिन ही असर दिखाना शुरू कर दिया. पेट्रोल पंपों पर भी बिना सर्टिफिकेट ऑयल न मिलने से अचानक पीयूसी केंद्रों पर लंबी कतारें लग गईं और लोगों में नियम पूरा कराने की हड़बड़ी साफ दिखी. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अभियान के पहले 24 घंटों में दिल्ली में 3700 से ज्यादा वाहनों के चालान काटे गए और 568 वाहनों को बॉर्डर से ही लौटा दिया गया.

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पहले दिन 5000 वाहनों की हुई चेकिंग


इनमें से 217 ट्रकों को ईस्टर्न और वेस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे की ओर डायवर्ट कर दिया गया, ताकि बिना जरूरत राजधानी की सड़कों पर ट्रैफिक बाधित ना हो. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीमों ने दिल्ली बॉर्डर, टोल प्लाजा और भीड़भाड़ वाले इलाकों में करीब 5000 वाहनों की चेकिंग की, जिनमें से 3746 के पास वैध पीयूसी नहीं मिला और तुरंत चालान कर दिया गया.

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मैदान में उतरे पर्यावरण मंत्री


पेट्रोल पंपों पर कर्मचारियों को साफ निर्देश दिए गए कि बिना वैध PUCC प्रमाण पत्र के किसी भी वाहन को ईंधन न दिया जाए. जमीनी स्तर पर भी इसका असर देखने को मिला और नियमों के पालन में किसी तरह की ढील नहीं दी गई. पॉल्यूशन सर्टिफिकेट की मैन्युअल जांच के साथ बॉर्डर पॉइंट्स पर स्मार्ट प्लेट रीडर और इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम का भी इस्तेमाल किया गया, ताकि बिना सर्टिफिकेट वाहन आसानी से पकड़े जा सकें. पर्यावरण मंत्री मंजींदर सिंह सिरसा खुद मैदान में उतरे और दिल्ली–गुरुग्राम बॉर्डर से लेकर जनपथ स्थित पेट्रोल पंपों तक कई जगहों पर औचक निरीक्षण किया.

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First published on: Dec 19, 2025 12:03 AM

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