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दिल्ली

सैन्य इतिहास की थीम पर केंद्रित ‘नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026’, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बढ़ाया युवा लेखकों का उत्साह

मेले के दूसरे दिन पुस्तक प्रेमी भारी संख्या में उमड़े. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ने पीएम युवा 3.0 के 43 चयनित लेखकों से प्रधानमंत्री संग्रहालय में संवाद किया. उन्होंने 6 माह की मेंटोरशिप का उपयोग कर युवाओं को प्रेरित करने वाली पुस्तकें लिखने को कहा.

Author Written By: Akarsh Shukla Updated: Jan 11, 2026 21:57

नई दिल्ली के भारत मंडपम में रविवार को विश्व का सबसे बड़ा बी2सी पुस्तक मेला ‘नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026’ का 53वां संस्करण आरंभ हुआ. शिक्षा मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय पुस्तक न्यास (एनबीटी) द्वारा आयोजित इस नौ दिवसीय मेले (10-18 जनवरी) में पहली बार सभी के लिए प्रवेश मुफ्त है. सह-आयोजक भारत व्यापार संवर्द्धन संगठन (आईटीपीओ) के सहयोग से आयोजित इस मेले में 35 से अधिक देशों के 1,000 प्रकाशक, 600 से अधिक कार्यक्रम, 1,000 वक्ता एवं 20 लाख आगंतुकों की अपेक्षा है. नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला 2026 का उद्घाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने किया.

उद्घाटन समारोह में कतर के राजदूत मोहम्मद हसन जबिर अल जबिर, कतर के संस्कृति मंत्री अब्दुलरहमान बिन हमद अल थानी, स्पेन के संस्कृति मंत्री अर्नेस्ट उर्तासुन डोमेनेक, एनबीटी अध्यक्ष प्रो. मिलिंद सुधाकर मराठे, स्पेन के पुस्तक निदेशक मारिया जोसे गाल्वेज, उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी, आईटीपीओ प्रबंध निदेशक नीरज खरवाल एवं एनबीटी निदेशक युवराज मलिक उपस्थित रहे. प्रमुख आकर्षण ‘द सागा ऑफ कुदोपली: द अनसंग स्टोरी ऑफ 1857’ का लोकार्पण था, जो बांग्ला, पंजाबी, असमिया, मलयालम, उर्दू, मराठी, तमिल, कन्नड़, तेलुगु एवं स्पेनिश में अनूदित है. यह पुस्तक ओडिशा के संबलपुर जिले के कुदोपली विद्रोह को उजागर करती है, जो 1827-1862 तक चला गुरिल्ला आंदोलन था. वीर सुरेंद्र साईं के नेतृत्व में चले इस प्रतिरोध ने औपनिवेशिक शासन को लंबे समय चुनौती दी.

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शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह मेला भारत की पठन संस्कृति का उत्सव है. थीम ‘भारतीय सैन्य इतिहास: शौर्य एवं प्रज्ञा@75’ पर कतर एवं स्पेन की भागीदारी सांस्कृतिक पुल का काम करेगी. पुस्तक को 13 भाषाओं में उपलब्ध कराने पर सराहना की तथा पीएम के गुमनाम नायकों को सम्मान देने के दृष्टिकोण का उल्लेख किया. स्पेन के मंत्री ने स्पेन-भारत द्विवार्षिक वर्ष 2026 में लेखकों को बढ़ावा देने पर जोर दिया, जबकि कतर के मंत्री ने संस्कृति को राष्ट्र निर्माण की आधारशिला बताया. एनबीटी अध्यक्ष ने ‘क्यों पढ़ें, क्या पढ़ें, कैसे पढ़ें’ पर फोकस किया.

धर्मेंद्र प्रधान ने ‘भारतीय सैन्य इतिहास’ थीम पवेलियन, सरदार पटेल जयंती एवं ‘वंदे मातरम’ प्रदर्शनियों का उद्घाटन किया. 1,000 वर्ग मीटर फैला पवेलियन 360-डिग्री अनुभव प्रदान करता है जहां, अर्जुन टैंक, आईएनएस विक्रांत प्रतिकृतियां, 21 परमवीर चक्र विजेता एवं प्रमुख अभियानों की झलक देखी जा सकती है. कतर (सम्मानित देश), स्पेन (फोकस देश) के अलावा रूस, जापान, फ्रांस आदि 35 देश भाग ले रहे. राष्ट्रीय ई-पुस्तकालय 6,000 निःशुल्क ई-पुस्तकें उपलब्ध करा रहा.

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मेले के दूसरे दिन पुस्तक प्रेमी भारी संख्या में उमड़े. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने ने पीएम युवा 3.0 के 43 चयनित लेखकों से प्रधानमंत्री संग्रहालय में संवाद किया. उन्होंने 6 माह की मेंटोरशिप का उपयोग कर युवाओं को प्रेरित करने वाली पुस्तकें लिखने को कहा तथा शोध सामग्री, ओएनओएस एक्सेस एवं केंद्रीय विश्वविद्यालयों से सहयोग के निर्देश दिए. उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी, एनबीटी निदेशक युवराज मलिक एवं अन्य उपस्थित रहे.

थीम पवेलियन में ‘सैम और सगत’ सत्र में लेफ्टिनेंट जनरल अता हसनैन एवं राज शुक्ला (सेवानिवृत्त) ने फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ एवं लेफ्टिनेंट जनरल सगत सिंह की विरासत पर चर्चा की. पंजाब सैन्य संस्कृति सत्र एवं पुस्तक लोकार्पण – ‘संकट की खेती’, ‘When Branding Met Movies’, ‘Geopolitical Relations of Manipur’ – हुए. रिकी केज ने ‘From Grammy to Green Mission’ में संगीत एवं पर्यावरण पर बोले.

अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में कजाकिस्तान, इजरायल, रूस, नेपाल एवं भारत-खाड़ी नाटक चर्चा हुई. भारत-जापान प्रकाशक बैठक में 30 सदस्यीय जापानी दल ने सहयोग बढ़ाया. लेखक कोर्नर में ‘Badass Begums’, ‘From Insight to Impact’ जैसे सत्र हुए. बाल मंडपम में कठपुतली, कथाकथन एवं रिकी केज की लाइव प्रस्तुति ने उत्साह बढ़ाया. राज्य मंत्री जयंत चौधरी, जितेंद्र सिंह एवं राजकुमार रंजन सिंह ने भ्रमण कर पुस्तकें जारी कीं.

First published on: Jan 11, 2026 09:57 PM

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