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Delhi Water Crisis: राजधानी दिल्ली के नलों में क्यों आ रहा गंदा और बदबूदार पानी? जानिए इसके पीछे छिपे 2 बड़े कारण

दिल्ली में एक तरफ जहां पानी की सप्लाई प्रभावित है और लोगों को पानी हासिल करने में परेशानी हो रही है. वहीं दूसरी ओर कई इलाकों में गंदे पानी की शिकायत भी सामने आ रही है. आइए जानते हैं किन कारणों से पानी गंदा आने लगता है?

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राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी के साथ-साथ अब पानी का संकट भी गहरा गया है. हौज खास, आनंद विहार समेत उत्तर और पश्चिमी दिल्ली के कई रिहायशी इलाकों में रहने वाले लोगों की शिकायत है कि उनके घरों में साफ पानी की जगह बदबूदार, पीला और दूषित पानी आ रहा है. इन खबर के सामने आते ही लोगों को जहां पहले ही पानी की समस्या का सामना करना पड़ रहा था, वह अब और बढ़ गया है. इस भीषण गर्मी में जब लोगों को सबसे ज्यादा साफ पानी की जरूरत है, तब नलों से सीवर जैसा पानी आने के कारण लोग बीमार हो रहे हैं. माना जा रहा है कि यह समस्या सिर्फ लापरवाही की नहीं है, बल्कि इसके पीछे 2 मुख्य तकनीकी और वैज्ञानिक कारण काम कर रहे हैं, जिन्हें समझना बेहद जरूरी है.

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पाइपों में बनने वाला ‘वैक्यूम’ खींच रहा है गंदगी

इस संकट की पहली और सबसे बड़ी वजह पानी की किल्लत और पाइपलाइनों में दबाव (प्रेशर) का खत्म होना है. आंकड़ों के लिहाज से देखें तो इस समय दिल्ली में पानी की रोजाना मांग लगभग 1250 मिलियन गैलन (MGD) है, जबकि सप्लाई सिर्फ 945 MGD के आसपास ही हो पा रही है. दरअसल, यमुना का जलस्तर बेहद नीचे चले जाने के कारण वाटर ट्रीटमेंट प्लांट पूरी क्षमता से काम नहीं कर रहे हैं. जब मुख्य सप्लाई लाइनों में पानी बेहद कम होता है, तो पाइपों के भीतर का दबाव पूरी तरह खत्म हो जाता है और वहां ‘नेगेटिव प्रेशर’ यानी एक तरह का वैक्यूम (शून्य स्थान) बन जाता है. यह वैक्यूम इतना शक्तिशाली होता है कि पाइप के आसपास मौजूद सीवर के गंदे पानी और कीचड़ को अपनी तरफ खींच लेता है.

यही वजह है कि इंजीनियर 24 घंटे पानी की आपूर्ति वाली प्रणाली को तकनीकी रूप से बेहतर मानते हैं, क्योंकि इसमें पाइपों में लगातार दबाव बना रहता है और वे दूषित पदार्थों के प्रवेश का बेहतर तरीके से मुकाबला कर सकते हैं. हालांकि, जब पानी की सप्लाई ही प्रभावित हो, तो इस तरह की समस्या का खतरा बना रहता है.

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जर्जर और पुरानी पाइपलाइनें बनीं आफत

दूसरा बड़ा कारण दिल्ली के बुनियादी ढांचे का पुराना होना है. दिल्ली के 16,000 किलोमीटर लंबे जल पाइपलाइन नेटवर्क में से 5,200 किलोमीटर से अधिक पाइपलाइन 30 साल से अधिक पुरानी हैं और लगभग 2,700 किलोमीटर पाइपलाइन 20 साल पुरानी हैं और अंदर ही अंदर सड़ चुकी हैं. शहर के कई पुराने और घने इलाकों में पीने के पानी और सीवर की लाइनें बिल्कुल एक-दूसरे के बगल से होकर गुजरती हैं. जंग लगने के कारण इन पाइपों में जगह-जगह लीकेज हो जाते हैं, जैसे ही जल बोर्ड की सप्लाई बंद होती है, इन छेदों के जरिए सीवर का गंदा पानी रिसकर पीने वाले पानी के पाइपों में समा जाता है और अगली सप्लाई में आपके घरों तक पहुंचता है.

इस गंभीर संकट में सेहत का ध्यान कैसे रखें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस पानी में सीवर के खतरनाक बैक्टीरिया हो सकते हैं, जिससे पेट की गंभीर बीमारियां हो सकती हैं. इससे बचने के लिए जब भी पानी की सप्लाई शुरू हो, तो शुरुआती 10 से 15 मिनट तक आने वाले पानी को सीधे फेंक दें और उसे इस्तेमाल में न लाएं, क्योंकि वह सबसे ज्यादा प्रदूषित हो सकता है. इसके बाद आने वाले पानी को भी अच्छी तरह उबालकर या वाटर फिल्टर से साफ करके ही पीने या खाना पकाने के लिए उपयोग करें, ताकि सेहत बनी रहे.

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First published on: Jun 09, 2026 05:05 PM

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About the Author

Azhar Naim

अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से न्यूज, ट्रेंडिंग, हाइपर-लोकल, वायरल, ऑटो, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. इससे पहले वह India.com में ट्रेनी के रूप में जुड़े थे, जहां उन्होंने ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखा. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें India News और Khabar Fast जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

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अज़हर नईम एक डिजिटल पत्रकार हैं और उन्हें न्यूज़ और ऑनलाइन कंटेंट लिखने का अच्छा अनुभव है. वर्तमान में वह News24 Bag Convergence में सब-एडिटर के रूप में काम कर रहे हैं, जहां वह मुख्य रूप से न्यूज, ट्रेंडिंग, हाइपर-लोकल, वायरल, ऑटो, लाइफस्टाइल और हेल्थ बीट से जुड़ी खबरों पर स्टोरीज तैयार करते हैं. इससे पहले वह India.com में ट्रेनी के रूप में जुड़े थे, जहां उन्होंने ट्रेंडिंग, वायरल, जनरल नॉलेज, टेक्नोलॉजी, इंटरनेशनल और लाइफस्टाइल जैसे विभिन्न विषयों पर डिजिटल कंटेंट लिखा. अज़हर ने 2024 में श्री वेंकटेश्वर यूनिवर्सिटी से बैचलर ऑफ जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन (BJMC) की डिग्री प्राप्त की. पढ़ाई के दौरान और उसके बाद उन्हें India News और Khabar Fast जैसे मीडिया संस्थानों में काम करने का अनुभव मिला, जिससे उन्हें न्यूज रिपोर्टिंग, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और पाठकों को ध्यान में रखकर कंटेंट बनाने की अच्छी समझ हासिल की. 1 साल से ज्यादा के अनुभव में अज़हर का मुख्य काम है डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स को समझना, SEO-फ्रेंडली कंटेंट लिखना और पाठकों से जुड़ी स्टोरीज तैयार करना.

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