---विज्ञापन---

दिल्ली angle-right

दिल्ली सरकार स्मार्ट तरीके से बांटेगी राशन, मोबाइल ऐप से ट्रैक कर सकेंगे रियल टाइम डिलिवरी स्टेटस!

Public Distribution System In Delhi: दिल्ली में सरकारी राशन को बांटने का काम ऑफलाइन तरीके से होता आया है, लेकिन अब इसे पूरी तरह से बदलने की तैयारी चल रही है. अब देश की राजधानी में टेक्नोलॉजी बेस्ड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम लागू किया जाएगा, जिससे आम जनता को फायदा होने की उम्मीद है.

---विज्ञापन---

मुख्य बिंदु

  • दिल्ली राशन वितरण को आधुनिक बनाने के लिए SMART-PDS लागू कर रही है.
  • लाभार्थी राशन की स्थिति को ट्रैक कर सकेंगे और राशन कार्ड को ऑनलाइन मैनेज कर सकेंगे.
  • नए डिजिटल प्लेटफॉर्म को टेस्ट करने के लिए 16 सदस्यों की एक कमेटी बनाई गई है.
  • स्मार्ट राशन कार्ड में QR कोड, बायोमेट्रिक और फेशियल ऑथेंटिकेशन जैसी सुविधाएं होंगी.
  • दिल्ली में तकरीबन 17 लाख राशन कार्ड धारकों को फायदा होने की उम्मीद है.

Smart Ration Distribution System In Delhi: दिल्ली सरकार पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) में टेक्नोलॉजी के जरिए मॉडर्नाइजेशन और रिफॉर्म के प्लान (SMART-PDS) के तहत एक मॉडर्न, टेक्नोलॉजी पर आधारित राशन वितरण प्रणाली शुरू करने की तैयारी कर रही है. इसके लागू होने के बाद, राशन कार्ड होल्डर कई सेवाओं का ऑनलाइन बेनेफिट उठा सकेंगे, जैसे राशन की अवेलेबिलिटी का पता लगाना, डिस्ट्रीब्यूशन की निगरानी करना और अपने राशन कार्ड में परिवार के सदस्यों को जोड़ने या हटाने की गुजारिश करना.

---विज्ञापन---

इस इनिशिएटिव का मकसद क्या है

अधिकारियों ने बताया कि इस पहल का मकसद मौजूदा पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) को एक फास्ट, ज्यादा ट्रांस्पेरेंट और डिजिटल रूप से मैनेज्ड नेटवर्क में बदलना है. एडवांस्ड टेक्नोलॉजी को शामिल करके, सरकार का लक्ष्य लाभार्थियों के लिए सेवाओं को आसान बनाना है, साथ ही निगरानी में सुधार करना और सब्सिडी वाले अनाज की डिलीवरी में होने वाली देरी को कम करना है.

सरकार कर रही है तैयारी

लॉन्च से पहले ये सुनिश्चित करने के लिए कि प्लेटफॉर्म सुचारू रूप से काम करे, फूड सप्लाई और उपभोक्ता मामलों के विभाग ने 16-सदस्यीय यूजर एक्सेप्टेंस टेस्टिंग (UAT) समिति का गठन किया है. इस पैनल में दिल्ली के 13 जिलों के असिस्टेंट कमिश्नर और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं. समिति SMART-PDS प्लेटफॉर्म के साथ इंटीग्रेटेड राशन कार्ड मैनेजमेंट सिस्टम (RCMS) एप्लिकेशन की हर सुविधा को इवैलुएट करेगी और जरूरी सुधारों की सिफारिश करेगी.

---विज्ञापन---

आम जनता को फायदा

केंद्र सरकार की सहायता से शुरू किए गए SMART-PDS प्लेटफॉर्म से उचित मूल्य की दुकानों पर राशन स्टॉक के बारे में रियल-टाइम जानकारी मिलेगी. ये यूजर्स को नए राशन कार्ड के लिए आवेदन करने, परिवार की जानकारी अपडेट करने और डिजिटल प्रॉसेस के जरिए मृत सदस्यों के नाम हटाने की सुविधा भी देगा. अधिकारियों का मानना ​​है कि इन सेवाओं से वितरण प्रणाली ज्यादा एफिशिएंट बनेगी और अनियमितताएं कम होंगी.

स्मार्ट तरीके से होगा काम

अपग्रेडेड सिस्टम की एक बड़ी खासियत पारंपरिक राशन कार्डों की जगह QR कोड, बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और फेशियल ऑथेंटिकेशन से लैस स्मार्ट राशन कार्ड लाना है. इन डिजिटल सुरक्षा उपायों से नकली लाभार्थियों की संभावना कम होने, अनाज की लीकेज रोकने और पूरी डिस्ट्रीब्यूशन चेन में जवाबदेही में सुधार होने की उम्मीद है.

---विज्ञापन---

मोबाइल से निगरानी

ये प्लेटफॉर्म उचित मूल्य की दुकानों पर किए गए हर ट्रांजैक्शन को डिजिटल रूप से रिकॉर्ड करेगा और सप्लाई की लगातार निगरानी को संभव बनाएगा. इन सुविधाओं को ट्रांसपेरेंसी बढ़ाने और ये सुनिश्चित करने के लिए डिजाइन किया गया है कि इलिजिबल परिवारों को बिना किसी बेवजह की रुकावट के उनका राशन मिल सके.

‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’

SMART-PDS का एक और अहम फायदा ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ (ONORC) योजना के साथ इसका इंटीग्रेशन है. इससे लाभार्थी भारत में कहीं भी किसी भी अधिकृत उचित मूल्य की दुकान से अपना सब्सिडी वाला अनाज ले सकेंगे, चाहे उनका राशन कार्ड मूल रूप से कहीं भी जारी किया गया हो. सीएम रेखा गुप्ता ने अधिकारियों को पहले ही बेहतर डिजिटल क्षमताओं वाले QR कोड-सक्षम स्मार्ट राशन कार्ड शुरू करने का निर्देश दे दिया है. दिल्ली में लगभग 17 लाख राशन कार्ड धारकों को इस अपग्रेडेड सिस्टम से फायदा होने की उम्मीद है.

---विज्ञापन---

निष्कर्ष

SMART-PDS पहल दिल्ली में एक पारदर्शी, टेक्नोलॉजी-बेस्ड पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है. स्मार्ट राशन कार्ड, डिजिटल मॉनिटरिंग और ऑनलाइन सेवाओं को शुरू करके, सरकार का लक्ष्य धोखाधड़ी और लीकेज को कम करते हुए लाभार्थियों के लिए सुविधा को बेहतर बनाना है. ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना के साथ इंटीग्रेशन से पोर्टेबिलिटी और एक्सेसिबिलिटी और बेहतर होगी. पूरी तरह से लागू होने के बाद, इस अपग्रेडेड सिस्टम से सब्सिडी वाले अनाज को ज्यादा अच्छे तरीके से पहुंचाने और राजधानी में कल्याणकारी सेवाओं को मजबूत करने की उम्मीद है.

Frequently Asked Questions

SMART-PDS एक टेक्नोलॉजी-आधारित पहल है जिसका मकसद डिजिटल सेवाओं और स्मार्ट राशन कार्ड के जरिए दिल्ली की पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को मॉडर्न बनाना है.
लाभार्थी राशन वितरण को ट्रैक कर सकेंगे, स्टॉक की स्थिति देख सकेंगे, राशन कार्ड के लिए आवेदन कर सकेंगे और परिवार के सदस्यों की जानकारी ऑनलाइन अपडेट कर सकेंगे.
नए कार्ड में सुरक्षित वेरिफिकेशन के लिए QR कोड, बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन और फेशियल रिकग्निशन जैसी सुविधाएं होंगी.
ये कमेटी SMART-PDS प्लेटफॉर्म को टेस्ट करेगी, इसके फीचर की समीक्षा करेगी और पूरी तरह लागू करने से पहले सुधार के सुझाव देगी.
SMART-PDS पहल से दिल्ली में तकरीबन 17 लाख राशन कार्ड धारकों को फायदा होने की उम्मीद है.
First published on: Jul 18, 2026 11:52 AM

End of Article

About the Author

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

Read More

Shariqul Hoda

न्यूज़ 24 के डिजिटल सेक्शन में शारिकुल होदा सीनियर सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हैं. उन्हें नेशनल, इंटरनेशनल, स्पोर्ट्स ट्रैवल, टेक, हेल्थ, लाइफस्टाइल और रिलेशनशिप सेक्शन का बेहतरीन तजुर्बा है, वो साल 2008 से पत्रकारिता कर रहे हैं. एजुकेशनल क्वालिफिकेशन की बात करें तो उन्होंने बैंगलौर यूनिवर्सिटी (आचार्य इंस्टीट्यूट) से बीए जर्नलिज्म, और गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी (एपीजे इंस्टीट्यूट) से मास्टर्स इन जर्नलिज्म और मास कम्यूनिकेशन की पढ़ाई की है.

Read More
---विज्ञापन---
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola