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दिल्ली

गुजरात में 150 लोगों व मासूम बच्चों की मौत हादसा नहीं हत्या है: मनीष सिसोदिया

नई दिल्ली: गुजरात के मोरबी में भाजपा के भ्रष्टाचार के कारण सैकड़ों लोगों व मासूम बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ी और इसपर भाजपा और उसके नेता मौन साधे हुए हैं। इसपर आम आदमी पार्टी के वरिष्ट नेता व दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को 150 लोगों और मासूम बच्चों के हत्यारों और […]

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Edited By : Yashodhan Sharma Updated: Nov 2, 2022 03:30
morbi bridge collapse

नई दिल्ली: गुजरात के मोरबी में भाजपा के भ्रष्टाचार के कारण सैकड़ों लोगों व मासूम बच्चों को अपनी जान गंवानी पड़ी और इसपर भाजपा और उसके नेता मौन साधे हुए हैं। इसपर आम आदमी पार्टी के वरिष्ट नेता व दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने मंगलवार को 150 लोगों और मासूम बच्चों के हत्यारों और भाजपा सरकार से 5 सवाल किए।

उन्होंने सवाल किया कि मोरबी पुल के पुनःनिर्माण का ठेका एक घड़ी बनाने वाली कंपनी को क्यों दिया गया? जबकि इस कंपनी ने कभी पुल नहीं बनाया। इसे पुल बनाने का कोई अनुभव नहीं था। इतने बड़े और महत्वपूर्ण काम का ठेका बिना टेंडर किसी कम्पनी को क्यों दिया गया? बग़ैर टेंडर जारी किए किसी ग़ैरअनुभवी कम्पनी को ऐसा ठेका देने के लिए किसने कितने पैसे खाये? पुल का पुनर्निर्माण 8 महीने में होना था।

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क्या कारण था कि इन्होंने 5 महीनों में ही एक घटिया पुल बना कर चालू कर दिया? बीजेपी बताए कि उसने इस कम्पनी से और इसके मालिकों से कितना चंदा लिया है और इस कम्पनी के मालिकों की भाजपा के किन नेताओं से नज़दीकी है? इतने बड़े हादसे और इतनी मौतों के बावजूद दर्ज की गई FIR में कंपनी और कम्पनी के मालिक का नाम क्यों नहीं है? उन्हें क्यों और किसके दबाव में बचाया जा रहा है?

उन्होंने कहा की गुजरात के मोरबी में हुए हादसे से पूरा देश हिला हुआ हैI इस हादसे में सैकड़ों लोग व मासूम बच्चे मारे गये| पिछले 2 दिन में जो तथ्य सामने आये उससे ये साफ़ है कि यह हादसा नहीं हत्या है| और इस हादसे के पीछे भाजपा का भ्रष्टाचार है| पूल टूटने की वजह से नदी में डूबकर मरने से जिन सैकड़ो लोगों कि मौत हुई ये हत्याएं है जो भारतीय जनता पार्टी के भ्रष्टाचार कि वजह से हुई है|

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गुजरात के मोरबी के गुनाहगारों से 5 सवाल

  1. मोरबी पुल के पुनःनिर्माण का ठेका एक घड़ी बनाने वाली कंपनी को क्यों दिया गया? इस कंपनी ने कभी पुल नहीं बनाया। इसे पुल बनाने का कोई अनुभव नहीं था।

मनीष सिसोदिया ने भाजपा से सवाल पूछा कि, “मोरबी में जो पुल टूटा उसके पुनर्निर्माण का ठेका एक घडी बनाने वाली कंपनी को क्यों दिया गया? एक ऐसी कंपनी को जिसने कभी कोई पुल नहीं बनाया,निर्माण का कोई कार्य नहीं किया सिर्फ घड़ी बनाने का अनुभव रखने वाली कंपनी को पुल बनाने का ठेका क्यों दिया गया? भारतीय जनता पार्टी इसका जबाव दे कि ऐसा क्यों किया गया?

2. इतने बड़े और महत्वपूर्ण काम का ठेका बिना टेंडर किसी कम्पनी को क्यों दिया गया? बग़ैर टेंडर जारी किए किसी ग़ैरअनुभवी कम्पनी को ऐसा ठेका देने के लिए किसने कितने पैसे खाये?

मनीष सिसोदिया ने दूसरा सवाल पूछा कि, इतना बड़ा, महत्वपूर्ण और संवेदनशील काम और उसका ठेका बिना टेंडर के क्यों दिया गया? उन्होंने कहा कि एक गैर अनुभवी कंपनी को बिना टेंडर के ठेका क्यों दिया गया? भारतीय जनता पार्टी के नेता और गुजरात की सरकार इसका जबाव दे|

3. पुल का पुनर्निर्माण 8 महीने में होना था। क्या कारण था कि इन्होंने 5 महीनों में ही एक घटिया पुल बना कर चालू कर दिया?

मंत्री सिसोदिया ने बताया कि सामने आये दस्तावेजों के अनुसार पुल के पुनर्निर्माण का ये काम 8 महीने में पूरा होना था लेकिन ये मात्र 5 महीने में बनाया गया| भाजपा के नेता जबाव दे कि किस जल्दबाजी में इस 8 महीने के काम को 5 महीने में लीपापोती करके घटिया तरीके से पूरा किया गया| और एक घटिया पुल चालू कर दिया गया।

4. बीजेपी बताए कि उसने इस कम्पनी से और इसके मालिकों से कितना चंदा लिया है और इस कम्पनी के मालिकों की भाजपा के किन नेताओं से नज़दीकी है?

मंत्री सिसोदिया ने कहा कि भाजपा बताये कि घडी बनाने वाली इस कंपनी को बिना अनुभव के पुल बनाने का ठेका दिया गया| भारतीय जनता पार्टी ने इस कंपनी से, इसके मालिकों से कितना चंदा लिया है? और इस कंपनी के मालिकों को भाजपा के किन-किन नेताओं से नजदीकी है, बीजेपी इसका खुलासा करे|

5. इतने बड़े हादसे और इतनी मौतों के बावजूद दर्ज की गई FIR में कंपनी और कम्पनी के मालिक का नाम क्यों नहीं है? उन्हें क्यों और किसके दबाव में बचाया जा रहा है?

मनीष सिसोदिया ने कहा कि भाजपा के लोग बताए, “इतना बड़ा हादसा जिसका मुद्दा पुरे देश-दुनिया में उठ रहा है| इतने बड़े हादसे के बावजूद जो एफआईआर दर्ज कि गई है उसमें उस कंपनी और उसके मालिकों का नाम दर्ज नहीं है, ऐसा क्यों? कंपनी के मालिक के बजाये मजदूर, सिक्योरिटी गार्ड के खिलाफ एफआईआर क्यों की गई? ऐसा किसके दबाव में किया गया क्या दबाव था कि कंपनी और उसके मालिकों के खिलाफ एफआईआर नहीं की गई?

मनीष सिसोदिया ने कहा कि भाजपा को इन पांचों सवालों के जबाव देने होंगे| क्योंकि इन 150 लोगों व मासूम बच्चों की हादसे से मौत नहीं बल्कि हत्या हुई है|

First published on: Nov 01, 2022 04:30 PM

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