K Kavitha Rouse Avenue Court Hearing: दिल्ली शराब घोटाले में तिहाड़ जेल में बंद BRS नेता के. कविता को आज राउज एवेन्यू कोर्ट ने बड़ा झटका दिया। बीते दिन कविता से CBI ने तिहाड़ जेल में जाकर पूछताछ की थी और फिर गिरफ्तार कर लिया था। CBI ने कोर्ट ने कविता का 5 दिन का रिमांड मांगा था, जो मिल गया है, लेकिन 3 दिन का रिमांड मिला है। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। 4 बजे फैसला आया, जिसके तहत कविता को 15 अप्रैल तक CBI की हिरासत में भेज दिया गया है। एजेंसी ने दावा किया है कि कविता से घोटाले का सच उगलवाएंगे।
कविता के वकील ने कोर्ट में यह दलीलें दी
कविता के वकील चौधरी ने गिरफ्तारी को अवैध बताया। आज दो पहलू हैं- एक गिरफ्तार करने की सीबीआई की ताकत और दूसरा उस ताकत का गलत इस्तेमाल। उन्हें कोई समय दिए बिना, कोई नोटिस नहीं दिया गया (पूछताछ के लिए सीबीआई का एप्लिकेशन), कोई एडवांस कॉपी नही दी गई और टीम आकर पूछताछ करने लगी। यह उनके संवैधानिक अधिकार को प्रभावित करता है।
कविता से सीबीआई द्वारा पूछताछ करने के लिए इस अदालत के समक्ष क्या याचिका दायर की गई थी? CRPC में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत कोई जांच एजेंसी किसी आरोपी से दूसरे मामले में पूछताछ कर सके।यह मानते हुए कि जेल नियम किसी आरोपी की जांच की सुविधा प्रदान करते हैं, वे CRPC को खत्म नहीं कर सकते।
#WATCH | BRS leader K Kavitha brought to Delhi’s Rouse Avenue Court for hearing in connection with a money laundering case after CBI takes her into its custody. pic.twitter.com/ngw5hBIGka
— ANI (@ANI) April 12, 2024
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CBI ने कोर्ट में क्या दलीलें रखीं?
CBI ने कोर्ट में अपना पक्ष रखते हुए दलील दी कि सरकारी गवाह दिनेश अरोड़ा ने भी अपने बयान में पुष्टि की कि एक आरोपी (अभिषेक बोइनपल्ली) ने उन्हें बताया था कि विजय नायर को करोड़ों का भुगतान किया गया था। के. कविता शराब घोटाले की मुख्य साजिशकर्ताओं में से एक हैं। वे किंगपिन और मुख्य साजिशकर्ता हैं। कविता ने मदद की है। पैसा उपलब्ध कराया है। इसमें और कौन-कौन शामिल हैं? यह जानने के लिए हिरासत चाहिए। शराब नीति से जुड़ी बड़ी साजिश का पर्दाफाश करने के लिए कविता का सबूतों से सामना कराने की जरूरत है।
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कोर्ट की परमिशन से की गई गिरफ्तारी
CBI ने कहा कि हमारी गिरफ्तारी अवैध नहीं है। हमने परमिशन ली है। हमने 6 अप्रैल को पूछताछ की थी, लेकिन उसी दिन गिरफ्तार नहीं किया। अगर उसी दिन गिरफ्तार किया होता तो आर्टिकल 21 राइट टू सब्जेक्ट हो जाता। जो हुआ, कोर्ट की परमिशन से हुआ है। बयान और व्हाट्सएप चैट फ़ाइल में अटैच हैं। कविता के CA बुच्ची बाबू की चैट से पता चलता है कि वह अपने प्रॉक्सी के माध्यम से इंडो स्पिरिट्स में होल सेल कराते थे। चैट से यह भी पता चला कि कविता ने कंपनी की NOC लेने के लिए राघव मगुंटा की मदद करने की कोशिश की थी। पूछताछ के दौरान कविता ने अपनी भूमिका के बारे में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। इसलिए कुछ सच उगलवाने के लिए रिमांड चाहिए।
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कविता ने रेड्डी को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी
CBI ने दलील दी कि कविता के जवाब CBI द्वारा बरामद दस्तावेजों से अलग हैं। वह उन तथ्यों को छिपा रही हैं, जो विशेष रूप से उनकी जानकारी में हैं। इससे पहले भी वह नोटिस के बावजूद जांच में शामिल नहीं हुईं। कविता से इस मामले में पहले पूछताछ की गई थी, लेकिन जांच में सामने आए सबूतों और बयानों की भूमिका से पता चला कि वह एक्साइज पॉलिसी नीति में प्रमुख साजिशकर्ताओं में से एक हैं। वह अनुचित आधार का हवाला देते हुए जांच में शामिल नहीं हुई और इसलिए उससे पूछताछ नहीं की जा सकी।
नवंबर-दिसंबर 2021 में कविता ने रेड्डी को पहले तय किए गए हर जोन के हिसाब से 5 करोड़ की दर से 25 करोड़ का भुगतान करने के लिए कहा था। रेड्डी ने अनिच्छा दिखाई तो उसने उसे और उसके बिजनेस को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी थी। मार्च और मई 2021 में जब एक्साइज पॉलिसी तैयार की जा रही थी तो अरुण पिल्लई, बुच्ची बाबू और बोइनपल्ली दिल्ली में रह रहे थे और विजय नायर के जरिए लाभ प्राप्त कर रहे थे।
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