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अमेजन-फ्लिपकार्ट के गोदामों पर रेड, जानें BIS को दिल्ली में छापेमारी में क्या-क्या मिला?

दिल्ली में अमेजन फ्लिपकार्ट के गोदामों में छापेमारी हुई है। रेड टीम ने कई चीजें जब्त की हैं। मामले में उपभोक्ता मंत्रालय का बयान भी सामने आया है। आइए जानते हैं कि यह कार्रवाई क्यों की गई और मामला क्या है?

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दिल्ली में अमेजन और फ्लिपकार्ट के गोदामों पर दिल्ली पुलिस और ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) की टीम ने छापेमारी की और घटिया सामान जब्त किया। दिल्ली के त्रिनगर स्थित फ्लिपकार्ट की सहायक कंपनी इंस्टाकार्ट सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर यह छापेमारी हुई। रेड टीम ने शिपमेंट के लिए तैयार स्पोर्ट्स फुटवियर का स्टॉक बरामद किया।

उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा गुरुवार को इस मामले में एक बयान जारी किया गया था। वहीं छापेमारी उत्पादों की गुणवत्ता के लिए निर्धारित मानकों को लागू करने और उपभोक्ताओं की सुरक्षा के लिए BIS के चल रहे प्रयासों का हिस्सा है। पिछले महीने भी दिल्ली, गुरुग्राम, फरीदाबाद, लखनऊ और श्रीपेरंबदूर में घटिया उत्पाद जब्त किए गए थे।

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करीब 70 लाख रुपये का सामान जब्त

उपभोक्ता मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार, भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) को ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बेचे जा रहे घटिया उत्पादों की शिकायत मिली थी। शिकायत पर चल रही कार्रवाई के तहत अमेजन और फ्लिपकार्ट के गोदामों से छापेमारी की गई। इस दौरान बिना ISI मार्क वाले और नकली लेबल वाले प्रोडक्ट जब्त किए गए। साथ ही दोनों कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज करके कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।

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ब्यूरो की टीम ने गत 19 मार्च को दिल्ली के मोहन को-ऑपरेटिव इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित अमेजन सेलर्स प्राइवेट लिमिटेड के गोदामों की तलाशी ली और जब्ती अभियान चलाया। यहां सर्च करीब 15 घंटे चली और 3500 से ज्यादा प्रोडक्ट जब्त किए गए। जब्त किए गए उत्पादों में गीजर, फूड मिक्सर और बिजली के उपकरणों समेत अन्य प्रोडक्ट शामिल हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 70 लाख रुपये बताई गई है।

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रिपोर्ट के अनुसार, छापेमारी में BIS ने डिस्पैच के लिए तैयार स्पोर्ट्स फुटवियर का स्टॉक पकड़ा, लेकिन उस पर ISI मार्क और मैन्युफैक्चरिंग डेट नहीं थी। कार्रवाई के दौरान करीब 590 जोड़ी स्पोर्ट्स शूज जब्त किए, जिनकी कीमत करीब 6 लाख रुपये बताई गई है। बता दें कि केंद्रीय मंत्रालय द्वारा ISI मानक के लिए 769 उत्पाद सूचीबद्ध किए गए हैं। BIS से वैध लाइसेंस या प्रमाणपत्र के बिना इन उत्पादों को बनाना, एक्पोर्ट-इंपोर्ट करना, स्टॉक, सेल और डिस्प्ले करना अवैध है। इन नियमों का उल्लंघन BIS एक्ट 2016 के तहत दंडनीय अपराध है, जिसमें कारावास, जुर्माना या दोनों प्रकार की सजा हो सकती है।

First published on: Mar 28, 2025 09:51 AM

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About the Author

Khushbu Goyal

खुशबू गोयल ने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी के IMC&MT इंस्टीट्यूट से पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन एवं Mphil कोर्स किया है। पिछले 12 साल से डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में अपनी पहचान बना रही हैं। वर्तमान में BAG Convergence Limited के News 24 Hindi डिजिटल विंग से बतौर चीफ सब एडिटर जुड़ी हैं। यहां खुशबू नेशनल, इंटरनेशनल, लाइव ब्रेकिंग, पॉलिटिक्स, क्राइम, एक्सप्लेनर आदि कवर करती हैं। इससे पहले खुशबू Amar Ujala और Dainik Bhaskar मीडिया हाउस के डिजिटल विंग में काम कर चुकी हैं।

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