Irregularities found in paddy procurement centre in Raipur: छत्तीसगढ़ के रायपुर से एक अहम खबर सामने आ रही है। बता दें कि रायपुर के धान खरीद सेंटर में गड़बड़ी देखने को मिली है। छत्तीसगढ़ में खरीफ सीजन में किसानों से समर्थन मूल्य पर धान और मक्का की खरीद एक नवंबर से शुरू की गई है। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पहले घोषणा की थी कि किसानों से प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान और प्रति एकड़ 10 क्विंटल मक्का की खरीदी की जाएगी।
सॉफ्टवेयर में मिली गड़बड़ी
यह मामला तब सामने आया जब धान खरीद सेंटर पर सॉफ्टवेयर में अपलोड 19 क्विंटल चालीस किलो फीड किया हुआ था, जबकि धान खरीद सेंटर पर 19 क्विंटल 20 किलो की खरीद की जा रही है।
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ऐसे हुआ खुलासा
बता दें कि न्यूज 24 मध्य प्रदेश/छत्तीसगढ़ की टीम धान खरीद सेंटर पर जायजा लेने गई थी। हमारी टीम ने पाया कि सेंटर पर 80 किलो धान में खेल किया जा रहा है, ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि सरकारी आदेश पर सेंधमारी के लिए किसकी जिम्मेदारी है। किसानों को इससे सीधा 80 किलो का नुकसान हो रहा है। राज्य में कम्प्यूटर ऑपेरटर के भरोसे धान की खरीद की जा रही है। खाद्य सचिव टोपेश्वर वर्मा ने कहा कि राज्य में प्रति एकड़ 20 क्विंटल धान खरीदने का आदेश दिया गया है।
कैबिनेट बैठक में हुआ था फैसला
मुख्यमंत्री बघेल की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक में ‘समर्थन मूल्य पर धान और मक्का की खरीद और कस्टम मिलिंग’ की नीति को अंतिम रूप दिया गया था। जनसंपर्क विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, धान खरीद अभियान 1 नवंबर से 31 जनवरी 2024 तक चलाया जाएगा, जबकि मक्का खरीद 1 नवंबर से 28 फरवरी तक जारी रहेगी।