Sunday, September 25, 2022
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Chhattisgarh: तंगी से कुटिया में जूझ रही वृद्धा को 24 घंटों में मिली राहत, दिनभर लगा रहा मदद करने वालों का तांता

छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सरकार-प्रशासन की अनदेखी से तंगहाली में गुजर बसर करने को मजबूर वृद्धा पिरला नागक्का के लिए अब मदद के हाथ बढ़े हैं।

बीजापुर: छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले में सरकार-प्रशासन की अनदेखी से तंगहाली में गुजर बसर करने को मजबूर वृद्धा पिरला नागक्का के लिए अब मदद के हाथ बढ़े हैं। 24 घण्टे के भीतर पूरे विषय को प्रशासन ने संवेदनशीलता के साथ संज्ञान में लिया, तो दूसरी ओर शनिवार को पूरे दिन पिरला नागक्का की कुटिया में मदद करने वालों का तांता लगा रहा। राजनीतिक दल के लोग भी वृद्धा की मदद के लिए सामने आए हैं।

मदद करने वालों से घिर नजर आया घर

बता दें कि शनिवार को पिरला नागक्का का घर मदद करने वालों से घिरा नजर आया। प्रशासन की तरफ से पंचायत के सरपंच-सचिव पहले से मौजूद थे। वहीं भाजपा जिला अध्यक्ष श्रीनिवास मुदलियार और उपाध्यक्ष लव कुमार रायडु के नेतृत्व में दर्जनों भाजपाई चावल, दाल , तेल से लेकर कपड़े, बर्तन आदि जरूरी सामान लेकर महिला के घर पहुंचे। भाजपाइयों के पीछे राज्य युवा आयोग सदस्य अजय सिंह भी पहुंचे। मानवता का परिचय देते अजय ने भी 10 हजार रुपये की त्वरित आर्थिक सहायता करने के साथ राशन उपलब्ध करवाया।

भाजपा ने सरकार और बीजापुर विधायक पर साधा निशाना

महिला की बदहाली को लेकर भाजपा ने सरकार और बीजापुर विधायक पर निशाना साधा है। जिलाध्यक्ष मुदलियार का कहना है कि प्रदेश में आवंटित 8 लाख पीएम वापस हो गए, सरकार की इसी लापरवाही का नतीजा कि एक वृद्ध महिला झोपड़े में रह रही है। उसे पेंशन भी नही मिलता अगर वो भी मिलता तो ये बदहाली नही होती। राज्य युवा आयोग सदस्य अजय सिंह का कहना था कि सरकार ने जो वायदे किये, स्थानीय जनप्रतिनिधियों की जबाबदेही बनती है कि वायदों पर खरा उतरे, मगर स्थानीय निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की उदासीनता का परिणाम है कि पिरला नागक्का बदहाली में जीने मजबूर थी।

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