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‘सड़क पर नमाज पढ़ने पर लगे बैन’, नीतीश सरकार के मंत्री का विवादास्पद बयान

सड़क गाड़ियों के चलने के लिए है। गाड़ी मालिक टैक्स भरते हैं, गाड़ियों पर नमाज पढ़ना एक तरह का अतिक्रमण है। नमाज के दौरान सड़क पर ट्रैफिक रोकना पड़ता है।

नीतीश सरकार के मंत्री ने शुक्रवार को विवादस्पद बयान दिया है। बिहार सरकार में मंत्री नीरज कुमार बबलू ने कहा कि सड़क पर नमाज पढ़ना बंद होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में सड़क पर नमाज नहीं होनी चाहिए। प्रशासन को इसे बंद करवाना चाहिए।

उनका कहना था कि आज अगर लोग सड़क पर नमाज पढ़ रहे हैं तो कल वो कहेंगे कि वह जगह वक्फ की है। इसके बाद लोग कहेंगे कि वह जमीन उनकी है। बिहार सरकार के मंत्री ने कि नमाज मस्जिद में पढ़नी चाहिए। अगर मस्जिद नहीं है तो मदरसा में जाकर नमाज पढ़ें।

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सड़क गाड़ियों के चलने के लिए है, वाहन मालिक देते हैं टैक्स

नीरज बबलू ने कहा कि अगर किसी को ज्यादा दिक्कत है तो वह कब्रिस्तान में जाकर नमाज पढ़े, लेकिन किसी को सड़क पर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने मांग रखी की सड़क पर नमाज पढ़ने पर पूरी तरह बैन लगाया जाए। उन्होंने कहा कि सड़क गाड़ियों के चलने के लिए है। गाड़ी मालिक टैक्स भरते हैं, गाड़ियों पर नमाज पढ़ना एक तरह का अतिक्रमण है। नमाज के दौरान सड़क पर ट्रैफिक रोकना पड़ता है।

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नवरात्र में मीट की दुकानें हों बंद, किसी को नहीं होनी चाहिए दिक्कत 

नीरज बबलू ने आगे कहा कि 30 मार्च से नवरात्र शुरू होने वाले है। ज्यादातर हिंदू समाज के लोग नवरात्रि में नॉनवेज नहीं खाते हैं। ऐसे में नवरात्र के दौरान मीट की दुकानें बंद होनी चाहिए। मीट की दुकानों पर बैन होना चाहिए। उनका कहना था कि इससे किसी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए। नवरात्र में हिंदू लोग पूजा-पाठ करते हैं, ऐसे में नॉनवेज की दुकानें उनकी धार्मिक भावनाएं आहत करती हैं।

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First published on: Mar 27, 2025 05:21 PM

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Amit Kasana

अमित कसाना: पत्रकारिता की दुनिया में एक सिद्धहस्त कहानीकार अमित कसाना सिर्फ खबरें नहीं लिखते बल्कि उन्हें बारीकी से संवारते हैं ताकि पाठकों तक सटीक, ताजा और प्रभावी जानकारी पहुंचे. News 24 में न्यूज एडिटर के रूप में उनकी भूमिका समाचारों को प्रस्तुत करने से कहीं अधिक है, वह उन्हें संदर्भ और दृष्टिकोण के साथ गढ़ते हैं. 2008 में 'दैनिक जागरण' से अपनी यात्रा शुरू करने वाले अमित ने 'दैनिक भास्कर' और 'हिंदुस्तान' जैसे प्रतिष्ठित प्रकाशनों में भी अपनी पहचान बनाई. 17 वर्षों के लंबे अनुभव के साथ उन्होंने पत्रकारिता के हर पहलू को बारीकी से समझा, चाहे वह प्रिंट, टेलीविजन या डिजिटल मीडिया हो. राजनीति, अपराध, खेल, मनोरंजन, कानून, ऑटोमोबाइल, लाइफस्टाइल और अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़े विषयों की रिपोर्टिंग में उनकी गहरी पकड़ है. ब्रेकिंग न्यूज की रोमांचक दुनिया, खोजी पत्रकारिता की गहराई और तथ्यपूर्ण रिपोर्टिंग का संयोजन अमित की कार्यशैली की पहचान है. News 24 में उनका लक्ष्य स्पष्ट है समाचारों को त्वरितता और सटीकता के साथ प्रस्तुत करना ताकि पाठकों को भरोसेमंद और सार्थक जानकारी मिल सके.

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