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बिहार

JDU विधायक अनंत सिंह को बड़ी राहत, दुलारचंद यादव मर्डर केस में मिली जमानत

पटना हाईकोर्ट ने दुलारचंद यादव हत्याकांड में JDU विधायक अनंत सिंह को जमानत दे दी है. लंबे समय बाद मिली इस कानूनी राहत से उनके समर्थकों में भारी उत्साह है.

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Written By: Raja Alam Updated: Mar 19, 2026 12:54

मोकामा के बाहुबली विधायक अनंत सिंह को पटना हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है. दुलारचंद यादव मर्डर केस में अदालत ने उन्हें जमानत दे दी है, जिसके बाद उनके शुक्रवार या शनिवार तक जेल से बाहर आने की उम्मीद है. विधायक फिलहाल पटना की बेऊर जेल में बंद थे और इस फैसले के बाद उनके समर्थकों में जश्न का माहौल है. अदालती आदेश के बाद अब कागजी कार्रवाई पूरी की जा रही है. संभावना जताई जा रही है कि शुक्रवार (20 मार्च) या शनिवार (21 मार्च) तक वे जेल की सलाखों से बाहर आ जाएंगे. अपने चहेते नेता के स्वागत के लिए मोकामा से लेकर पटना तक समर्थकों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं.

राज्यसभा चुनाव में दिया था बड़ा संकेत

अनंत सिंह की यह जमानत इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि हाल ही में उन्होंने खुद इसकी भविष्यवाणी की थी. कुछ समय पहले राज्यसभा चुनाव के दौरान जब वे वोट डालने के लिए भारी सुरक्षा के बीच विधानसभा पहुंचे थे. तो पत्रकारों ने उनसे जेल से बाहर आने को लेकर सवाल किया था. उस वक्त मुस्कुराते हुए अनंत सिंह ने बड़े आत्मविश्वास से कहा था. “कोई उदास न रहे. हम बस एक से दो महीने के भीतर बाहर आ रहे हैं.” आज हाईकोर्ट के फैसले ने उनकी उस बात पर मुहर लगा दी है. उसी दौरान उन्होंने यह बड़ा ऐलान भी किया था कि अब उनके बच्चे राजनीति की कमान संभालेंगे. जिससे बिहार के सियासी गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई थी.

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यह भी पढ़ें: पूर्व राज्यपाल राजशेखरन, रॉबिन आरवी पर लगाया दांव; केरल चुनाव के लिए BJP ने जारी की 39 उम्मीदवारों की सूची

क्या है दुलारचंद यादव हत्याकांड?

यह पूरा मामला साल 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव के वक्त का है. चुनाव प्रचार के दौरान दुलारचंद यादव की हत्या कर दी गई थी. जिसमें अनंत सिंह को मुख्य आरोपी बनाया गया था. इस मामले ने उस वक्त काफी तूल पकड़ा था और पुलिसिया कार्रवाई के बाद उन्हें जेल जाना पड़ा था. दिलचस्प बात यह है कि जेल में बंद रहने के बावजूद मोकामा की जनता ने उन पर अटूट भरोसा जताया और उन्हें भारी मतों से जीत दिलाकर विधानसभा भेजा. अनंत सिंह से पहले उनकी पत्नी नीलम देवी भी मोकामा का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं. जिससे यह साफ है कि इस क्षेत्र में सिंह परिवार की राजनीतिक पकड़ बेहद मजबूत है.

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सियासी समीकरणों पर पड़ेगा असर

अनंत सिंह का जेल से बाहर आना बिहार की राजनीति में कई समीकरणों को बदल सकता है. जेडीयू विधायक के तौर पर उनकी सक्रियता सत्ता पक्ष को मजबूती देगी. तो वहीं उनके दबदबे से विरोधी खेमे में हलचल तेज होना लाजिमी है. समर्थकों का मानना है कि ‘छोटे सरकार’ के बाहर आने से मोकामा और आसपास के इलाकों में विकास कार्यों में तेजी आएगी. कानूनी प्रक्रिया पूरी होते ही वे एक बार फिर अपने चिर-परिचित अंदाज में जनता के बीच नजर आएंगे. फिलहाल सबकी नजरें बेऊर जेल के गेट पर टिकी हैं. जहां से अनंत सिंह का काफिला निकलने वाला है.

First published on: Mar 19, 2026 12:34 PM

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