---विज्ञापन---

बिहार चुनाव से पहले JDU नेताओं के इस्तीफे क्यों? अब तक 20 से ज्यादा ने कहा अलविदा

बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले सीएम नीतीश कुमार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सीएम नीतीश कुमार के वक्फ बिल पर समर्थन के बाद अब तक पार्टी के 20 से अधिक नेता इस्तीफे दे चुके हैं। ऐसे में आज सीएम ने पार्टी नेताओं की बैठक बुलाई है। जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।

बिहार चुनाव से कुछ महीने पहले जेडीयू के अंदर बेचैनी नजर आ रही है। सीएम नीतीश कुमार ने गठबंधन धर्म निभाते हुए वक्फ बिल पर केंद्र सरकार का समर्थन किया। इसके बाद से ही पार्टी के मुस्लिम नेताओं ने मोर्चा खोल दिया है। जबकि वरिष्ठ नेताओं ने इस विधेयक अपनी असहमति व्यक्त की है। इससे पहले कई मुस्लिम संगठन सीएम नीतीश की इफ्तार पार्टी का बहिष्कार कर चुके हैं। अब तक पार्टी के 20 से अधिक नेता इस्तीफा दे चुके हैं। ऐसे में आइये जानते हैं पार्टी के नेता इस्तीफा क्यों दे रहे हैं?

अब तक 20 से अधिक नेताओं ने दिए इस्तीफे

जेडीयू के अल्पसंख्यक मोर्चे से जुड़े राज्य सचिव मोहम्मद शाहनवाज मलिक, तबरेज सिद्दीकी, नदीम अख्तर औ राजू नैयर पार्टी से इस्तीफा दे चुके हैं। मंगलवार को मोतिहारी में पार्टी के 17 से अधिक नेताओं ने एक साथ सामूहिक इस्तीफा दिया था। जेडीयू नेताओं की चिंता बिहार चुनाव से पहले मुस्लिम वोट बैंक को लेकर है। 2014 के लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार के नेतृत्व में पार्टी ने आरजेडी के मुस्लिम वोटर्स में सेंधमारी की थी। 2014 के लोकसभा चुनाव और 2015 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार महागठबंधन में शामिल थे, तब मुस्लिम वोटर्स के बीच उनकी अच्छी पकड़ थी।

---विज्ञापन---

ये भी पढ़ेंः Bihar Election से पहले JDU को एक और झटका, जिला सचिव कलाम खान ने दिया इस्तीफा

नीतीश को कितने प्रतिशत मुस्लिमों का साथ

2014 के लोकसभा चुनाव में जेडीयू ने वामदलों के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था। चुनाव में जेडीयू को 23.5 प्रतिशत वोट मिले थे। 2015 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार को लगभग 80 प्रतिशत वोट मिले थे। इसके बाद नीतीश कुमार जैसे ही एनडीए में शामिल हुए। एक बार फिर मुस्लिम वोटर्स उससे छिटककर अलग हो गए। 2020 के चुनाव में जेडीयू को सिर्फ 5 प्रतिशत वोट मिले थे। 19 के लोकसभा चुनाव में जेडीयू को सिर्फ 6 प्रतिशत मुस्लिम वोट मिले थे।

---विज्ञापन---

सीएम नीतीश कुमार ने बुलाई बैठक

2024 के लोकसभा चुनाव में भी 12 प्रतिशत मुस्लिमों ने जेडीयू गठबंधन को वोट किया था। बिहार में 2011 की जनगणना के अनुसार कुल आबादी का 17 प्रतिशत मुस्लिम है। ऐसे में पार्टी के मुस्लिम नेता मुस्लिम वोट बैंक को लेकर चिंता में हैं। ऐसे में वे पार्टी से इस्तीफा देकर सीएम नीतीश कुमार पर दबाव बनाना चाहते हैं। ऐसे में आज सीएम नीतीश कुमार ने पार्टी के आला नेताओं की बैठक बुलाई है। ताकि पार्टी में आगे की रणनीति पर चर्चा की जा सके।

ये भी पढ़ेंः क्या बिहार चुनाव में उतरेगा दशरथ मांझी का बेटा? इंटरव्यू में बोले, ‘राहुल गांधी से टिकट मांगा…’

---विज्ञापन---
First published on: Apr 09, 2025 09:28 AM

End of Article
संबंधित खबरें
Sponsored Links by Taboola