IRCTC Scam latest update: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार के लिए आज का दिन काफी अहम साबित हो सकता है. आईआरसीटीसी (IRCTC) घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट आज अपना फैसला सुना सकती है. विशेष न्यायाधीश विशाल गोने की अदालत यह तय करेगी कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा दाखिल चार्जशीट के आधार पर लालू यादव, तेजस्वी यादव और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए जाएं या नहीं.
क्या है यह पूरा मामला?
यह मामला करीब दो दशक पुराना है, जब साल 2004 से 2009 के बीच लालू प्रसाद यादव केंद्र की यूपीए-1 सरकार में रेल मंत्री थे. आरोप है कि रेलवे के दो प्रतिष्ठित होटलों, बीएनआर रांची और बीएनआर पुरी के रखरखाव और संचालन का जिम्मा एक निजी कंपनी ‘सुजाता होटल्स’ को सौंपा गया था. इसके बदले में लालू यादव के परिवार को पटना में करोड़ों की कीमती जमीन उपहार के तौर पर दी गई थी.
कैसे हुई हेराफेरी?
जांच एजेंसियों के मुताबिक, सुजाता होटल्स के मालिकों यानी कोचर बंधुओं ने पटना के बेली रोड स्थित बेहद महंगी जमीन ‘डिलाइट मार्केटिंग कंपनी’ को ट्रांसफर की थी. समय के साथ इस कंपनी का मालिकाना हक और नियंत्रण लालू यादव के परिवार के पास आ गया. सीबीआई ने इस मामले में भ्रष्टाचार की एफआईआर दर्ज की थी, जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल से जांच शुरू की.
16 लोग हैं आरोपी
इस हाई-प्रोफाइल मामले में लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव समेत कुल 16 लोगों को आरोपी बनाया गया है. अगर आज कोर्ट आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश देता है, तो इस मामले में ट्रायल (मुकदमा) औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगा, जो यादव परिवार की राजनीतिक और कानूनी मुश्किलें बढ़ा सकता है. फिलहाल, सभी की निगाहें राउज एवेन्यू कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं.










