हिजाब विवाद का असली सच आया सामने, मुख्यमंत्री नीतीश ने सहज भाव से पूछा था-चेहरा क्यों ढका
Bihar hijab controversy real truth: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा मुस्लिम महिला का हिजाब खींचे जाने को लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में उठे विवाद पर अब स्थिति स्पष्ट होती नजर आ रही है. मामले से जुड़े लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री ने न तो हिजाब खींचा था और न ही किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने की मंशा थी.
Edited By :
Vijay Jain
Updated: Dec 19, 2025 17:48
Share :
Bihar hijab controversy real truth: बिहार के हिजाब विवाद का असली सच सामने आ गया है। पूरे घटनाक्रम को गलत अर्थों में लिया जा रहा है. बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान जब सभी लोग खुशी मना रहे थे, एक-दूसरे को मुबारकबाद दे रहे थे और सेल्फी ले रहे थे, उसी दौरान मुख्यमंत्री की नजर उस बच्ची पर पड़ी. चेहरे पर मुस्कान साफ दिखाई न देने पर उन्होंने सहज भाव से पूछा कि चेहरा क्यों ढका हुआ है और बेहतर फोटो के लिए हिजाब हटाने की बात कही. इसी क्रम में उन्होंने अपने हाथ से हिजाब हटाया, जिसे अब बेवजह विवाद का रूप दिया जा रहा है.
मुख्यमंत्री चाहते थे कि बच्चे के चेहरे पर मुस्कान दिखे
परिवार का कहना है कि एक अभिभावक की तरह मुख्यमंत्री चाहते थे कि बच्चे के चेहरे पर मुस्कान दिखे. इसमें न तो इस्लाम को कोई खतरा है, न किसी धर्म का अपमान हुआ है और न ही मुस्लिम लड़कियों को नीचा दिखाने की कोई मंशा थी. इस घटना को हिंदू-मुस्लिम एंगल से जोड़ना पूरी तरह गलत और दुर्भाग्यपूर्ण है. वही टिब्बी कॉलेज के प्राचार्य ने बताया कि उन्हें नुसरत प्रवीण प्रवीण हैगार्जियन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिस बच्ची को लेकर यह विवाद खड़ा किया गया, वह कहीं बाहर नहीं गई है.
पटना सदर अस्पताल में जल्द ज्वाइन करेंगी नुसरत
बच्ची की क्लासमेट्स से बातचीत में भी सामने आया है कि वह पटना में ही है और जल्द ज्वाइन करने वाली है. छोटी-सी बात को राय का पहाड़ बनाकर पेश किया जा रहा है. वहीं नुसरत की एक महिला मित्र ने भी जानकारी दी है कि नुसरत ने टेलीफोन पर बताया है कि वह कल पटना सदर अस्पताल में ज्वाइन करने वाली है. इससे यह साफ हो जाता है कि किसी तरह का विरोध या असहमति जैसी बातें पूरी तरह निराधार हैं. कुल मिलाकर, यह मामला एक सामान्य और सहज पल का था, जिसे गलत सेंस में लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया गया. ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है.
Bihar hijab controversy real truth: बिहार के हिजाब विवाद का असली सच सामने आ गया है। पूरे घटनाक्रम को गलत अर्थों में लिया जा रहा है. बताया जा रहा है कि कार्यक्रम के दौरान जब सभी लोग खुशी मना रहे थे, एक-दूसरे को मुबारकबाद दे रहे थे और सेल्फी ले रहे थे, उसी दौरान मुख्यमंत्री की नजर उस बच्ची पर पड़ी. चेहरे पर मुस्कान साफ दिखाई न देने पर उन्होंने सहज भाव से पूछा कि चेहरा क्यों ढका हुआ है और बेहतर फोटो के लिए हिजाब हटाने की बात कही. इसी क्रम में उन्होंने अपने हाथ से हिजाब हटाया, जिसे अब बेवजह विवाद का रूप दिया जा रहा है.
मुख्यमंत्री चाहते थे कि बच्चे के चेहरे पर मुस्कान दिखे
परिवार का कहना है कि एक अभिभावक की तरह मुख्यमंत्री चाहते थे कि बच्चे के चेहरे पर मुस्कान दिखे. इसमें न तो इस्लाम को कोई खतरा है, न किसी धर्म का अपमान हुआ है और न ही मुस्लिम लड़कियों को नीचा दिखाने की कोई मंशा थी. इस घटना को हिंदू-मुस्लिम एंगल से जोड़ना पूरी तरह गलत और दुर्भाग्यपूर्ण है. वही टिब्बी कॉलेज के प्राचार्य ने बताया कि उन्हें नुसरत प्रवीण प्रवीण हैगार्जियन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया है कि जिस बच्ची को लेकर यह विवाद खड़ा किया गया, वह कहीं बाहर नहीं गई है.
पटना सदर अस्पताल में जल्द ज्वाइन करेंगी नुसरत
बच्ची की क्लासमेट्स से बातचीत में भी सामने आया है कि वह पटना में ही है और जल्द ज्वाइन करने वाली है. छोटी-सी बात को राय का पहाड़ बनाकर पेश किया जा रहा है. वहीं नुसरत की एक महिला मित्र ने भी जानकारी दी है कि नुसरत ने टेलीफोन पर बताया है कि वह कल पटना सदर अस्पताल में ज्वाइन करने वाली है. इससे यह साफ हो जाता है कि किसी तरह का विरोध या असहमति जैसी बातें पूरी तरह निराधार हैं. कुल मिलाकर, यह मामला एक सामान्य और सहज पल का था, जिसे गलत सेंस में लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा किया गया. ज़मीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग है.