Suryakumar Yadav: सूर्यकुमार यादव का बल्ला लंबे समय से खामोश चल रहा है। इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की टी-20 सीरीज में भी स्काई बुरी तरह से फ्लॉप रहे थे। खोई हुई फॉर्म को तलाशने के लिए सूर्यकुमार इन दिनों रणजी के रण में उतरे हुए हैं। हरियाणा के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले में सूर्या ने 86 गेंदों पर 70 रन की पारी खेली, तो हर किसी को लगा कि भारतीय टी-20 कप्तान ने अपनी पुरानी लय एक बार फिर हासिल कर ली है। मगर रणजी ट्रॉफी के सेमीफाइनल मुकाबले में सूर्यकुमार मुंबई टीम को मझधार में छोड़कर पवेलियन लौटे गए। सूर्या अपना खाता तक खोलने में नाकाम रहे और उनकी पारी का अंत महज 2 गेंदों में हो गया।
नहीं खुला सूर्या का खाता
सूर्यकुमार यादव जब बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे, तो मुंबई की टीम 113 के स्कोर पर 3 विकेट खोकर मुश्किल में फंसी हुई थी। हर किसी को उम्मीद थी कि स्काई टीम की नैया को पार लगाएंगे और नागपुर में उम्दा पारी खेलेंगे। हालांकि, सूर्या सभी का दिल तोड़ गए और महज 2 गेंद खेलकर ही पवेलियन की ओर चल पड़े। हाल यह रहा कि सूर्यकुमार अपना खाता तक नहीं खोल सके और 25 वर्षीय गेंदबाज पार्थ रखाड़े की गेंद पर आसान सा कैच देकर चलते बने। भारतीय टी-20 टीम की कप्तानी मिलने के बाद से सूर्या लगातार रनों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। साल 2025 में खेली 5 टी-20 पारियों में सूर्या महज 28 रन ही बना सके हैं। उनका स्ट्राइक रेट भी सिर्फ 116.6 का रहा है।
Suryakumar Yadav and Shivam Dube are 34 and 31 year olds already. Both of them have no future in Tests.
BCCI should not waste these spots on them and instead give chances to young players who can have a future in Test Cricket. pic.twitter.com/ObIp90UHpx
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मुंबई की हालत खस्ता
रणजी ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में मुंबई की हालत खस्ता है। दूसरे दिन का खेल खत्म होने तक मुंबई ने 7 विकेट खोकर स्कोर बोर्ड पर 188 रन लगाए हैं। पहली पारी में मुंबई की शुरुआत अच्छी नहीं रही और आयुष म्हात्रे सिर्फ 9 रन बनाकर चलते बने। इसके बाद दूसरे विकेट के लिए आकाश आनंद ने सिद्धेश लाड संग मिलकर अर्धशतकीय साझेदारी जमाई। सिद्धेश 35 रन बनाकर चलते बने। कप्तान अजिंक्य रहाणे भी बल्ले से कुछ खास कमाल नहीं दिखा सके और 18 रन बनाकर आउट हुए। सूर्यकुमार और शिवम दुबे बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। शार्दुल ठाकुर ने 37 रन का योगदान दिया। पहली पारी में विदर्भ ने 383 रन बनाए हैं।