Curtly Ambrose: साल 1993 और पर्थ का मैदान. ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच सीरीज का पांचवां टेस्ट मैच खेला जा रहा था. टॉस जीतने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने स्कोर बोर्ड पर 85 रन लगा डाले थे और कंगारू खेमा खिलखिला रहा था. कैरेबियाई कप्तान ने मैच में ऑस्ट्रेलिया की धाक जमते देखा, तो अपने उस गेंदबाज के हाथों में गेंद थामा डाली, जिसकी रफ्तार से उन दिनों बल्लेबाज थर-थर कांपते थे.
छह फीट 7 इंच के बॉलर की गेंदें बल्लेबाजों के कान के पास से सिटी बजाते हुए निकलती थी. रफ्तार के इस सौदागर को कंगारू बैटिंग ऑर्डर को तहस-नहस करने की जिम्मेदारी सौंपी गई. इसके बाद अगली 32 गेंदों में जो हुआ उसे देखकर हर किसी की आंखें फटी की फटी रह गई.
एक रन और 7 विकेट
85 के स्कोर पर 2 विकेट गंवाकर अच्छी स्थिति में दिख रही ऑस्ट्रेलिया टीम का बल्लेबाजी क्रम अगली 32 गेंदों में ताश के पत्तों की तरह बिखर गया. वेस्टइंडीज के खूंखार फास्ट फास्ट बॉलर ने कंगारू बल्लेबाजों को दिन में तारे दिखा दिए. पर्थ की पिच पर इस गेंदबाज की उछाल लेती रफ्तार भरी गेंदों को देखकर ऑस्ट्रेलिया के बैटर्स का गला सूख गया. बल्लेबाज 22 गज की पिच पर अपना विकेट बचाने से ज्यादा अपने शरीर को बचाने का प्रयास कर रहे थे.
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32 गेंदों के उस स्पेल में कैरेबियाई गेंदबाज ने सिर्फ एक रन खर्च किया और ऑस्ट्रेलिया के सात बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखा डाली. 34 रन जोड़कर कंगारू टीम के सात बल्लेबाज चलते बने. यह बॉलर कोई और नहीं, बल्कि कर्टली एम्ब्रोस थे.कर्टली के स्पेल के दम पर वेस्टइंडीज ने इस मैच को एक पारी और 25 रनों से अपने नाम कर लिया था. एम्ब्रोस ने मैच में कुल मिलाकर 9 विकेट अपने नाम किए थे.
स्टीव वॉ से हुई थी लड़ाई
बताया जाता है कि कर्टली एम्ब्रोस की इस टेस्ट मुकाबले में स्टीव वॉ से तीखी नोकझोंक हुई थी. वॉ ने कर्टली को कुछ कहा था, जिसके बाद कैरेबियाई गेंदबाज पूरी तरह से भड़क पड़ा था. उन्होंने अपनी ऑटोबायोग्राफी में भी इसका जिक्र किया था. कर्टली ने बताया था उन्होंने वॉ से कहा था, "मेरा करियर अभी खत्म हो जाएगा इससे मेरे को कोई फर्क नहीं पड़ता है, लेकिन मैं तुम्हारा करियर भी बर्बाद करके रख दूंगा. मैं तुमको यहीं मारूंगा और तुम बैटिंग भी नहीं कर पाओगे.
Curtly Ambrose: साल 1993 और पर्थ का मैदान. ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज के बीच सीरीज का पांचवां टेस्ट मैच खेला जा रहा था. टॉस जीतने के बाद ऑस्ट्रेलिया ने स्कोर बोर्ड पर 85 रन लगा डाले थे और कंगारू खेमा खिलखिला रहा था. कैरेबियाई कप्तान ने मैच में ऑस्ट्रेलिया की धाक जमते देखा, तो अपने उस गेंदबाज के हाथों में गेंद थामा डाली, जिसकी रफ्तार से उन दिनों बल्लेबाज थर-थर कांपते थे.
छह फीट 7 इंच के बॉलर की गेंदें बल्लेबाजों के कान के पास से सिटी बजाते हुए निकलती थी. रफ्तार के इस सौदागर को कंगारू बैटिंग ऑर्डर को तहस-नहस करने की जिम्मेदारी सौंपी गई. इसके बाद अगली 32 गेंदों में जो हुआ उसे देखकर हर किसी की आंखें फटी की फटी रह गई.
एक रन और 7 विकेट
85 के स्कोर पर 2 विकेट गंवाकर अच्छी स्थिति में दिख रही ऑस्ट्रेलिया टीम का बल्लेबाजी क्रम अगली 32 गेंदों में ताश के पत्तों की तरह बिखर गया. वेस्टइंडीज के खूंखार फास्ट फास्ट बॉलर ने कंगारू बल्लेबाजों को दिन में तारे दिखा दिए. पर्थ की पिच पर इस गेंदबाज की उछाल लेती रफ्तार भरी गेंदों को देखकर ऑस्ट्रेलिया के बैटर्स का गला सूख गया. बल्लेबाज 22 गज की पिच पर अपना विकेट बचाने से ज्यादा अपने शरीर को बचाने का प्रयास कर रहे थे.
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32 गेंदों के उस स्पेल में कैरेबियाई गेंदबाज ने सिर्फ एक रन खर्च किया और ऑस्ट्रेलिया के सात बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखा डाली. 34 रन जोड़कर कंगारू टीम के सात बल्लेबाज चलते बने. यह बॉलर कोई और नहीं, बल्कि कर्टली एम्ब्रोस थे.कर्टली के स्पेल के दम पर वेस्टइंडीज ने इस मैच को एक पारी और 25 रनों से अपने नाम कर लिया था. एम्ब्रोस ने मैच में कुल मिलाकर 9 विकेट अपने नाम किए थे.
स्टीव वॉ से हुई थी लड़ाई
बताया जाता है कि कर्टली एम्ब्रोस की इस टेस्ट मुकाबले में स्टीव वॉ से तीखी नोकझोंक हुई थी. वॉ ने कर्टली को कुछ कहा था, जिसके बाद कैरेबियाई गेंदबाज पूरी तरह से भड़क पड़ा था. उन्होंने अपनी ऑटोबायोग्राफी में भी इसका जिक्र किया था. कर्टली ने बताया था उन्होंने वॉ से कहा था, “मेरा करियर अभी खत्म हो जाएगा इससे मेरे को कोई फर्क नहीं पड़ता है, लेकिन मैं तुम्हारा करियर भी बर्बाद करके रख दूंगा. मैं तुमको यहीं मारूंगा और तुम बैटिंग भी नहीं कर पाओगे.