Mohammed Shami: दलीप ट्रॉफी 2026 में 23 अगस्त से ईस्ट जोन बनाम नॉर्थ ईस्ट जोन के बीच मुकाबला खेला जा रहा है. बीसीसीआई के सेंट्रल ऑफ एक्सीलेंस में ये मुकाबला खेला जा रहा है. ईस्ट जोन की ओर से मोहम्मद शमी भी हिस्सा ले रहे हैं. हालांकि खेल के दूसरे दिन वह खासा प्रभावित नहीं कर पाए. उन्होंने खराब गेंदबाजी की और टीम के लिए सबसे महंगे साबित हुए. शमी भारतीय टीम में वापसी की राह तलाश कर रहे हैं.
शमी का नहीं खुला खाता
मोहम्मद शमी ईस्ट जोन की ओर से पहली पारी में अब तक सबसे महंगे गेंदबाज साबित हुए हैं. उन्होंने अब तक 9 ओवर गेंदबाजी की और उन्हें कोई विकेट भी नहीं मिला. उन्होंने 4 की इकोनॉमी से 36 रन भी खर्च किए. उनके अलावा मुकेश कुमार ने 6 ओवर में 9 रन खर्च कर 1 विकेट अपने नाम किया है. इसके अलावा शहबाद अहमद ने 6 ओवर में 10 रन खर्च कर 2 बल्लेबाजों को शिकार बनाया है. वहीं, अंकुल रॉय और अभिजीत के सरकार को भी 1-1 सफलता मिली है. लेकिन शमी अब तक अपना विकेट लेने में खाता नहीं खोल पाए हैं.
भारतीय टीम के लिए मोहम्मद शमी ने आखिरी बार चैंपियंस ट्रॉफी 2025 में भाग लिया था. इसके बाद वह भारतीय टीम में नजर नहीं आए और लगातार घरेलू क्रिकेट खेल रहे हैं. शमी ने पिछले सीजन बंगाल का प्रतिनिधित्व रणजी ट्रॉफी में भी किया था और उन्होंने अपनी शानदार गेंदबादी से महफिल लूटी थी. दाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज ने 7 मैच की 13 पारियों में 37 विकेट अपने नाम किए थे. वह इस सीजन रणजी ट्रॉफी में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले छठे गेंदबाज भी रहे थे. हालांकि इसके बाद भी उन्हें भारतीय टीम में नहीं चुना गया. शमी लगातार भारतीय टीम के लिए नजरअंदाज हो रहे हैं.
ये भी पढ़ें: वुमेंस एशिया कप 2026 से पहले पाकिस्तान के लिए बुरी खबर
मैच के हाल पर एक नजर
ईस्ट जोन की कप्तानी ईशान किशन संभाल रहे हैं. पहले बल्लेबाजी करते हुए ईस्ट जोन ने 112.5 ओवर में 10 विकेट के नुकसान पर 467 रन बनाए थे. टीम की ओर से सबसे ज्यादा रन सुदीप कुमार ने बनाए. उन्होंने 185 गेंदों में 146 रनों की पारी खेली थी. इसके अलावा शहबाज अहमद ने भी 244 गेंदों में 167 रन बनाए थे. जवाब में उतरी नॉर्थ ईस्ट जोन की टीम 37.1 ओवर में 103/5 रन बना चुकी है. नॉर्थ ईस्ट जोन की टीम फिलहाल 364 रन से पीछे है. टीम के लिए फॉल ऑन बचाना फिलहाल मुश्किल लग रहा है.
ये भी पढ़ें: यशस्वी जायसवाल के खिलाफ ICC का बड़ा एक्शन, असिथा फर्नांडो के साथ लड़ाई पर सुनाई कड़ी सजा