Reverse Manifestation Technique: कभी न कभी आपने लोगों से मैनिफेस्टेशन (Manifestation) के बारे में जरूर सुना होगा. खासतौर पर एक्टर-एक्ट्रेस, बिजनेसमैन, खिलाड़ी व इंटरप्रेन्योर को आपने कहते हुए सुना होगा कि जो कुछ भी उन्होंने जीवन में अचीव किया है, वो उन्होंने कभी न कभी मैनिफेस्ट किया था. लेकिन क्या आपको पता है कि कभी-कभी मैनिफेस्टेशन की जगह रिवर्स मैनिफेस्टेशन (Reverse Manifestation) भी हो जाता है.
जो चीज हमें नहीं चाहिए होती है, वो भी कभी-कभी रिवर्स मैनिफेस्टेशन के कारण अट्रैक्ट हो जाती है. चलिए विस्तार से जानते हैं कि Reverse Manifestation क्या होता है और इससे कैसे व्यक्ति बच सकता है.
रिवर्स मैनिफेस्टेशन क्या है? (Reverse Manifestation Meaning)
रिवर्स मैनिफेस्टेशन एक ऐसी स्थिति है, जहां व्यक्ति अनजाने में अपनी नकारात्मक सोच व भावनाओं को एक्सप्रेस करता है. दरअसल, यूनिवर्स यानी ब्राह्मण को ‘न (No)’ का मतलब नहीं पता है. यूनिवर्स केवल व्यक्ति की एनर्जी पर फोकस करता है. इसलिए कई बार जिन चीजों को हम नकारते हैं या जिनसे बचने की कोशिश करते हैं, वो हमारे जीवन में आ जाती हैं क्योंकि हमारी ऊर्जा और ध्यान उस चीज पर केंद्रित होता है.
रिवर्स मैनिफेस्टेशन का उदाहरण (Reverse Manifestation Example)
अगर आप बार-बार कहते हो कि मुझे इस प्रॉब्लम में नहीं फंसना है, तो आप बार-बार उस प्रॉब्लम पर ही फोकस कर रहे हो. ऐसे में आपको कभी न कभी उस प्रॉब्लम का सामना करना ही पड़ेगा. इसलिए उस प्रॉब्लम पर नहीं उसके ‘सॉल्यूशन’ पर फोकस करें. इससे न सिर्फ आप उस प्रॉब्लम से निकल जाएंगे, बल्कि अच्छी चीजें भी आपके साथ होने लगेंगी.
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रिवर्स मैनिफेस्टेशन से कैसे बचें? (how to stop manifesting negative things)
रिवर्स मैनिफेस्टेशन से बचने का सबसे सरल तरीका है कि जो चीज आपको चाहिए, उसे सीधे-सीधे बोलें. दरअसल, यूनिवर्स केवल व्यक्ति की भावनाओं पर फोकस करता है. यूनिवर्स को जो चाहिए और जो नहीं चाहिए के बीच का अंतर नहीं पता है. इसलिए केवल उस बारे में सोचें या बोलें, जो आपको चाहिए या जैसा आप बनना चाहते हैं.
डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं पर आधारित है तथा केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.










