Temples of India: लोग मंदिर में क्या-क्या नहीं चढ़ाते हैं, सोने-चांदी के आभूषण, छत्र, छप्पन भोग, लेकिन क्या आपने ये देखा और सुना है केवल 5 पत्थर अर्पित करने से लोगों की मुराद पूरी हो जाती है. जी हां, छत्तीसगढ़ में के ऐसा मंदिर है, जहां ऐसी ही अनोखी परंपरा निभाई जाती है, भक्ति विधान के लिए अलबेला है. आइए जानते हैं, छत्तीसगढ़ में में यह मंदिर कहां है, किस देवी को समर्पित है और सदियों पुरानी इस परंपरा के पीछे कहानी और इतिहास क्या है, जो आज भी आस्था का एक सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है?
मां बगदाई वनदेवी मंदिर
छत्तीसगढ़ का यह मंदिर खमतराई के घने जंगलों में है, जो बिलासपुर जिले में स्थित है. जहां देश के बाकी मंदिरों और पूजा स्थलों पर फूल, पान, मिठाई, फल, नारियल और आभूषण आदि चढ़ाएं जाते हैं, वहीं मां बगदाई वनदेवी को समर्पित इस मंदिर में 5 पत्थर चढ़ाने की अनूठी परंपरा है, जिसे लोग वहां 'गोटा' और 'कंकड़' कहते हैं.
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साधारण नहीं हैं 'गोटा पत्थर'
मां बगदाई वनदेवी के मंदिर में चढ़ाए जाने वाले ये पत्थर साधारण नहीं हैं. ये पत्थर खेतों में मिलते हैं, जिसे भक्तों को विशेष ध्यान से खोजना पड़ता है. ये चिकने और गोल होते हैं, जिसे 'गोटा' या 'गोल कंकड़' कहा जाता है. मान्यता है कि वनदेवी मां बगदाई को चुने हुए ये बेहद प्रिय हैं.
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मन्नत पूरी होने पर भी चढ़ाते हैं 5 पत्थर
मां बगदाई वनदेवी के इस मंदिर में श्रद्धालुओं के मन्नत पूरी करने की प्रक्रिया 2 चरणों में होती है. पहला यह कि पहली बार मन्नत मांगते समय भक्त मन में अपनी मनोकामना दोहराते हु 5 पत्थर और एक फूल चढ़ाते हैं. दूसरी बार, मन्नत पूरी होने पर भी श्रद्धालु आभार व्यक्त करते हुए मंदिर में माता को 5 गोटा पत्थर चढ़ाते हैं.
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कैसे शुरू हुई यह परंपरा?
कहते हैं, प्राचीन काल में लोग जब खमतराई के घने जंगलों से गुजरते थे तो वे हिंसक वन्य पशुओं और डाकुओं से रक्षा के लिए वे वनदेवी मां की प्रार्थना करते थे. कुछ पास न होने पर वे माता को 5 पत्थर ही चढ़ा देते थे. एक दूसरी कथा एक चरवाहे की है. कहते हैं, एक चरवाहे को जंगल वनदेवी की मूर्ति मिली थी. उसके पास भोग लगाने को कुछ नहीं था. तब देवी मां ने उसे दर्शन देकर कहा कि वह कीमती वस्तुओं की नहीं सच्ची श्रद्धा और प्रेम भूखी है, वह बस 5 पत्थर ही अर्पित कर दें. कहते हैं, तभी से ये परंपरा बदस्तूर चली आ राय रही है.
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डिस्क्लेमर: यहां दी गई जानकारी धार्मिक शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए दी जा रही है. News24 इसकी पुष्टि नहीं करता है.
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